मिसकैरेज

मिसकैरेज (गर्भपात) किसी भी महिला या परिवार के लिए एक अत्यंत दर्दनाक और भावनात्मक अनुभव होता है। यह सिर्फ एक शारीरिक घटना नहीं है, बल्कि सपनों और भविष्य की योजनाओं का टूटना भी है।

अक्सर समाज में इस पर खुलकर बात नहीं की जाती, जिससे महिलाओं में अपराधबोध (Guilt) और अकेलेपन की भावना आ जाती है। यह समझना जरूरी है कि मिसकैरेज आपकी गलती नहीं है।

मिसकैरेज (गर्भपात): कारण, लक्षण और बचाव के संपूर्ण उपाय

गर्भावस्था की शुरुआत जितनी खुशियों भरी होती है, उसका असमय समाप्त हो जाना उतना ही दुखद। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में, गर्भावस्था के पहले 20 हफ्तों के भीतर भ्रूण के अपने आप नष्ट हो जाने को मिसकैरेज (Miscarriage) कहा जाता है।

मिसकैरेज

1. मिसकैरेज क्यों होता है? (मुख्य कारण)

ज्यादातर मामलों में, मिसकैरेज उन कारणों से होता है जो महिला के नियंत्रण से बाहर होते हैं। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

क) क्रोमोसोमल असामान्यताएं (Genetic Issues)

लगभग 50% मिसकैरेज भ्रूण के क्रोमोसोम में खराबी के कारण होते हैं। जब कोशिका विभाजन के दौरान डीएनए का सही मिलान नहीं होता, तो भ्रूण का विकास रुक जाता है। यह अक्सर प्रकृति का एक तरीका है जिससे वह एक ऐसी गर्भावस्था को रोक देती है जो जीवित रहने में सक्षम नहीं है।

ख) हार्मोनल असंतुलन

प्रोजेस्टेरोन हार्मोन गर्भावस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। यदि शरीर पर्याप्त मात्रा में इस हार्मोन का उत्पादन नहीं करता, तो गर्भाशय की परत भ्रूण को सहारा नहीं दे पाती।

ग) स्वास्थ्य स्थितियां

  • थायराइड: अनियंत्रित थायराइड हार्मोन।
  • मधुमेह (Diabetes): अगर शुगर लेवल बहुत ज्यादा हो।
  • PCOS/PCOD: हार्मोनल विकार जो गर्भाशय के वातावरण को प्रभावित करते हैं।
  • संक्रमण: गर्भाशय या प्रजनन अंगों में गंभीर संक्रमण।

घ) गर्भाशय या सर्विक्स की समस्याएं

गर्भाशय में फाइब्रॉएड (गाँठ) होना या गर्भाशय का आकार असामान्य होना भी एक कारण हो सकता है। इसके अलावा, “इनकम्पेटेंट सर्विक्स” (गर्भाशय ग्रीवा का कमजोर होना) के कारण भी दूसरी तिमाही में गर्भपात हो सकता है।

मिसकैरेज

2. मिसकैरेज के लक्षण (Symptoms)

अगर आपको नीचे दिए गए लक्षणों में से कुछ भी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  1. भारी रक्तस्राव (Bleeding): योनि से हल्के धब्बों से लेकर भारी खून बहना। इसमें खून के थक्के (Clots) भी आ सकते हैं।
  2. पेट में तेज दर्द: मासिक धर्म के दर्द से कहीं ज्यादा तेज मरोड़ या पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द।
  3. पीठ के निचले हिस्से में दर्द: पीठ में हल्का या गंभीर दर्द जो लगातार बना रहे।
  4. गर्भावस्था के लक्षणों का कम होना: अचानक से मतली (Morning sickness) या स्तनों की संवेदनशीलता का गायब हो जाना।
  5. तरल पदार्थ का रिसाव: योनि से अचानक बहुत सारा तरल या ऊतक (Tissue) बाहर आना।

3. मिसकैरेज से बचने के लिए क्या करें? (Prevention)

हालांकि सभी मिसकैरेज को नहीं रोका जा सकता, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली और सावधानी से जोखिम को कम किया जा सकता है:

जीवनशैली में बदलाव

  • संतुलित आहार: ताजे फल, हरी सब्जियां और प्रोटीन युक्त भोजन लें। फोलिक एसिड (Folic Acid) का सेवन गर्भधारण से पहले ही शुरू कर देना चाहिए।
  • वजन नियंत्रण: अधिक वजन या बहुत कम वजन, दोनों ही गर्भावस्था के लिए जोखिम भरे हैं।
  • नशे से दूरी: धूम्रपान, शराब और अत्यधिक कैफीन (कॉफी/चाय) का सेवन भ्रूण के विकास को नुकसान पहुँचाता है।

चिकित्सीय सावधानी

  • नियमित जांच: प्रेगनेंसी कन्फर्म होते ही डॉक्टर से मिलें और सभी जरूरी स्कैन और टेस्ट समय पर करवाएं।
  • टीकाकरण: सुनिश्चित करें कि आपके सभी जरूरी टीके लगे हुए हैं।
  • तनाव कम करें: मानसिक शांति के लिए योग, ध्यान और पर्याप्त नींद लें।

क्या न करें?

  • भारी सामान न उठाएं।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें।
  • पेट के निचले हिस्से पर दबाव डालने वाले व्यायाम से बचें।

4. मिसकैरेज के बाद शारीरिक और मानसिक रिकवरी

मिसकैरेज के बाद शरीर को ठीक होने में कुछ हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लग सकता है।

  • शारीरिक देखभाल: खूब पानी पिएं, पौष्टिक खाना खाएं और कम से कम 2 हफ्ते तक भारी काम न करें।
  • भावनात्मक स्वास्थ्य: रोना या उदास महसूस करना सामान्य है। अपने पार्टनर या परिवार से बात करें। यदि जरूरत हो, तो थेरेपिस्ट की मदद लें।
  • अगली गर्भावस्था: अधिकांश डॉक्टर कम से कम 1 से 3 मासिक चक्र बीत जाने के बाद ही दोबारा कोशिश करने की सलाह देते हैं, ताकि गर्भाशय पूरी तरह स्वस्थ हो सके।

निष्कर्ष

मिसकैरेज एक दुखद मोड़ है, लेकिन यह आपके माँ बनने के सफर का अंत नहीं है। एक मिसकैरेज के बाद भी अधिकांश महिलाएं स्वस्थ बच्चों को जन्म देती हैं। खुद को दोष देना बंद करें और अपने शरीर को ठीक होने का समय दें।

By Isha Patel

Isha Patel Tez Khabri के साथ जुड़ी एक समाचार रिपोर्टर हैं। वे भारत और राज्यों से जुड़ी ताज़ा, ब्रेकिंग और जनहित से संबंधित खबरों को कवर करती हैं। Isha Patel शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर सत्यापित व तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *