Mary Kom

जब ‘सुपरमॉम’ के सब्र का बांध टूटा

भारत की शान, 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन और ओलिंपिक पदक विजेता Mary Kom (मैरी कॉम) को दुनिया ‘मैग्नीफिसेंट मैरी’ के नाम से जानती है। रिंग के अंदर उन्होंने दुनिया के सबसे खतरनाक मुक्केबाजों को धूल चटाई है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह रिंग के बाहर एक अलग ही लड़ाई लड़ रही हैं। यह लड़ाई विरोधियों से नहीं, बल्कि Fake News और सोशल मीडिया पर फैल रही जहरीली अफवाहों से है।

हाल ही में, इंटरनेट पर एक बयान जंगल की आग की तरह फैल गया। हेडलाइन्स में दावा किया गया कि मैरी कॉम ने कहा है—“मैंने अपनी बायोपिक या करियर से एक रुपया नहीं कमाया” और इसके साथ ही उनके पति Onler Karong (ओन्लर करोंग) को लेकर कुछ भ्रामक बातें जोड़ी गईं, यहाँ तक कि कुछ पोर्टल्स ने उन्हें ‘एक्स-हसबैंड’ (Ex-Husband) तक लिख दिया।

इस खबर ने न केवल उनके फैंस को चौंका दिया, बल्कि खेल जगत में भी हड़कंप मचा दिया। क्या मैरी कॉम और ओन्लर अलग हो गए हैं? क्या उनके पैसों का गबन हुआ है?

आख़िरकार, 2 फरवरी 2026 को मैरी कॉम ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने एक विस्तृत बयान जारी कर न केवल इन अफवाहों का खंडन किया है, बल्कि मीडिया को भी फटकार लगाई है। उन्होंने साफ किया कि ‘एक रुपया नहीं कमाया’ वाले बयान का असली संदर्भ (Context) क्या था और उनके पति के साथ उनके रिश्तों की सच्चाई क्या है।

भाग 1: विवाद की जड़ – वो वायरल बयान और ‘एक्स-हसबैंड’ का टैग

किसी भी विवाद को समझने के लिए, यह जानना जरूरी है कि आग कहाँ से लगी।

वायरल क्लिप का सच: कुछ दिन पहले, मैरी कॉम एक पॉडकास्ट/इंटरव्यू में अपने संघर्ष के दिनों और अपनी बायोपिक (जिसमें प्रियंका चोपड़ा ने अभिनय किया था) के बारे में बात कर रही थीं।

  • उन्होंने कथित तौर पर कहा था: “लोग सोचते हैं कि फिल्म के बाद मैं करोड़पति हो गई, लेकिन सच यह है कि मैंने उससे ज्यादा कुछ नहीं कमाया (Didn’t earn much)। मेरी कमाई मेरे पसीने की है, फिल्म की रॉयल्टी की नहीं।”

कैसे तोड़ा-मरोड़ा गया बयान: सोशल मीडिया के जमाने में ‘Clickbait’ हेडलाइन्स ने इस बयान को पूरी तरह बदल दिया।

  1. ट्विस्ट 1: “मैरी कॉम ने कहा- मैंने एक रुपया नहीं कमाया, सब पति ने ले लिया।” (यह झूठ था)।
  2. ट्विस्ट 2: कुछ गॉसिप वेबसाइट्स ने ओन्लर करोंग को ‘एक्स-हसबैंड’ कहकर संबोधित किया, यह संकेत देते हुए कि उनका तलाक हो चुका है और पैसों का विवाद चल रहा है।

देखते ही देखते, यह खबर ट्रेंड करने लगी कि मैरी कॉम घरेलू कलह और आर्थिक शोषण का शिकार हैं।

भाग 2: मैरी कॉम की दहाड़ – ‘मेरे परिवार को इससे दूर रखो’ (Official Clarification)

हमेशा शांत रहने वाली मैरी कॉम इस बार गुस्से में नजर आईं। उन्होंने इंफाल (मणिपुर) से एक प्रेस विज्ञप्ति और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी।

मैरी कॉम की सफाई के मुख्य बिंदु:

1. ओन्लर मेरे पति हैं, ‘Ex’ नहीं: मैरी कॉम ने सबसे पहले अपने वैवाहिक जीवन पर उठी उंगलियों को तोड़ा। उन्होंने कहा, “मैं हैरान हूँ कि मीडिया के कुछ लोग मेरे पति ओन्लर को ‘एक्स-हसबैंड’ क्यों लिख रहे हैं? हम साथ हैं, खुश हैं और वह मेरी ताकत हैं। भगवान के लिए, टीआरपी के लिए मेरे परिवार को मत तोड़िए।”

2. ‘एक रुपया’ वाले बयान का असली मतलब: उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान फिल्म के Rights और शुरूआती दिनों की स्पॉन्सरशिप को लेकर था। “मैंने कहा था कि बायोपिक से मुझे वैसी कमाई नहीं हुई जैसा लोग सोचते हैं। इसका मेरे पति से कोई लेना-देना नहीं है। मेरे पति ने तो अपना करियर छोड़कर मेरे सपनों को पूरा किया। अगर आज मैं अमीर हूँ या सफल हूँ, तो वो ओन्लर की बदौलत है जिन्होंने मेरा फाइनेंस और घर संभाला।”

3. लीगल एक्शन की चेतावनी: मैरी कॉम ने चेतावनी दी है कि जो भी पोर्टल उनके पति के बारे में अपमानजनक या झूठी खबरें फैलाएगा, वह उन पर मानहानि (Defamation) का मुकदमा करेंगी।

भाग 3: ओन्लर करोंग – वह हीरो जो पर्दे के पीछे रहा (The Unsung Hero)

इस विवाद ने एक बार फिर ओन्लर करोंग की भूमिका को चर्चा में ला दिया है। अक्सर हम खिलाड़ियों की पत्नियों (WAGs) के त्याग की बात करते हैं, लेकिन ओन्लर एक मिसाल हैं कि एक ‘पति’ कैसे अपनी पत्नी के लिए सब कुछ न्योछावर कर सकता है।

एक अनोखी प्रेम कहानी:

  • मैरी और ओन्लर की मुलाकात 2000 में दिल्ली में हुई थी। मैरी तब एक संघर्षरत बॉक्सर थीं और ओन्लर लॉ (Law) के छात्र थे।
  • जब मैरी का करियर शुरू हुआ, तो समाज ने कहा, “शादी के बाद बॉक्सिंग खत्म।” लेकिन ओन्लर ने कहा, “तुम लड़ो, मैं सब संभाल लूँगा।”
  • त्याग: ओन्लर ने अपनी फुटबॉल और लॉ की महत्वाकांक्षाओं को पीछे छोड़ दिया ताकि मैरी अपने खेल पर ध्यान दे सकें।

बच्चों की परवरिश: जब मैरी कॉम वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए विदेशों में होती थीं, तब ओन्लर घर पर उनके जुड़वां बच्चों (रेचुंगवर और खुपनेवर) के डायपर बदल रहे होते थे। मैरी कॉम ने कई बार कहा है, “अगर ओन्लर नहीं होते, तो मैरी कॉम, मैरी कॉम नहीं होती।”

ऐसे समर्पित साथी को ‘एक्स-हसबैंड’ कहना या उन पर पैसों के गबन का आरोप लगाना न केवल पत्रकारिता के गिरते स्तर को दर्शाता है, बल्कि एक पवित्र रिश्ते का अपमान भी है।

भाग 4: बायोपिक और पैसे का गणित – क्या है सच्चाई? (The Biopic Economics)

मैरी कॉम के बयान का जो हिस्सा वायरल हुआ—”पैसे नहीं कमाए”—उसका असली विश्लेषण करना जरूरी है।

2014 में आई फिल्म ‘Mary Kom’, जिसमें प्रियंका चोपड़ा ने मुख्य भूमिका निभाई थी, बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी। फिल्म ने 100 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया था।

विवाद क्या था? रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैरी कॉम को इस फिल्म के राइट्स के लिए करीब 25 लाख रुपये (एक अनुमानित राशि) मिले थे।

  • मैरी का दर्द: एक इंटरव्यू में उन्होंने शायद इसी बात का जिक्र किया था कि फिल्म मेकर्स ने करोड़ों कमाए, लेकिन जिस पर फिल्म बनी, उसे बहुत कम हिस्सा मिला।
  • यह एक इंडस्ट्री-वाइड समस्या है। पान सिंह तोमर हो या मिल्खा सिंह, अक्सर एथलीट्स को उनकी कहानी के बदले बहुत कम रॉयल्टी मिलती है।

लेकिन शरारती तत्वों ने इस “कम कमाई” के दर्द को “पति द्वारा पैसे हड़पने” की झूठी कहानी में बदल दिया।

भाग 5: फेक न्यूज का शिकार होते सेलिब्रिटीज (Toxic Social Media Culture)

मैरी कॉम का मामला अकेला नहीं है। 2026 में, Deepfake और Clickbait Journalism ने सेलिब्रिटीज की निजी जिंदगी को तमाशा बना दिया है।

  • सानिया मिर्जा: जब सानिया और शोएब का तलाक हुआ, तब भी कई झूठी कहानियाँ गढ़ी गईं।
  • विराट-अनुष्का: अक्सर सेलिब्रिटीज के बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है।

मनोवैज्ञानिक असर: सोचिए, एक महिला जिसने देश के लिए अपना खून-पसीना एक कर दिया, उसे सुबह उठकर यह पढ़ना पड़े कि उसका पति अब उसका ‘एक्स’ है। इसका मानसिक स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता होगा? मैरी कॉम ने अपने बयान में इस मानसिक प्रताड़ना का भी जिक्र किया है।

भाग 6: मैरी कॉम की कमाई और संपत्ति (Financial Reality)

अफवाहों के विपरीत, मैरी कॉम आर्थिक रूप से बहुत मजबूत और समझदार हैं।

  1. ब्रांड एंडोर्समेंट: बीएसएनएल (BSNL), प्यूमा (Puma) और कई बड़े ब्रांड्स का चेहरा बनकर उन्होंने अच्छी कमाई की है।
  2. सरकारी पुरस्कार: ओलिंपिक (2012) और वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतों पर उन्हें केंद्र और राज्य सरकारों से करोड़ों के नकद पुरस्कार मिले हैं।
  3. राज्यसभा सांसद: वह संसद सदस्य भी रह चुकी हैं।
  4. बॉक्सिंग एकैडमी: इम्फाल में उनकी Mary Kom Boxing Academy है, जहाँ वह गरीब बच्चों को मुफ्त ट्रेनिंग देती हैं। उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा इस एकैडमी को चलाने में जाता है।

ओन्लर करोंग इस एकैडमी का मैनेजमेंट संभालते हैं। वे पैसे हड़पते नहीं, बल्कि मैरी के सपनों को नई पीढ़ी में निवेश करते हैं।

भाग 7: एक महिला की सफलता और पितृसत्तात्मक सोच (Patriarchy vs Mary)

इस विवाद में एक छिपा हुआ पहलू ‘पितृसत्तात्मक सोच’ (Patriarchy) भी है। जब भी कोई महिला बहुत सफल होती है, तो समाज को यह मानने में मुश्किल होती है कि उसका पति उसका सपोर्ट सिस्टम हो सकता है। गॉसिप मोंगर्स को लगता है कि पति या तो जलता होगा या पैसे के लिए साथ होगा।

  • मैरी और ओन्लर का रिश्ता इस रूढ़िवादी सोच पर तमाचा है।
  • यह अफवाह फैलाना कि “पति ने पैसे ले लिए”, असल में एक सफल महिला को ‘बेचारी’ (Victim) साबित करने की कोशिश है, जिसे मैरी कॉम ने सिरे से नकार दिया है। वह ‘बेचारी’ नहीं, ‘बॉस लेडी’ हैं।

भाग 8: मैरी कॉम का करियर – एक नजर (The Legend’s Journey)

इस विवाद के शोर में हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि मैरी कॉम कौन हैं। 2026 में भी उनका नाम सम्मान से लिया जाता है।

  • 6 वर्ल्ड टाइटल: दुनिया की एकमात्र महिला बॉक्सर जिसने 6 बार वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती।
  • ओलिंपिक मेडल: 2012 लंदन ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत में महिला बॉक्सिंग को नई पहचान दी।
  • पद्म विभूषण: भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्तकर्ता।
  • सुपरमॉम: तीन बच्चों की माँ होने के बाद भी उन्होंने 2018 और 2019 में गोल्ड मेडल जीतकर साबित किया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है।

ऐसी महान खिलाड़ी के बारे में बात करते समय हमें तथ्यों की जांच (Fact Check) जरूर करनी चाहिए।

भाग 9: मीडिया की जिम्मेदारी (Media Ethics)

इस घटना के बाद स्पोर्ट्स जर्नलिज्म पर भी सवाल उठ रहे हैं।

  • क्या किसी बयान को बिना क्रॉस-चेक किए ‘ब्रेकिंग न्यूज’ बना देना सही है?
  • ‘एक्स-हसबैंड’ जैसा शब्द इस्तेमाल करने से पहले क्या किसी ने मैरी कॉम की पीआर टीम से पुष्टि की?

मैरी कॉम ने अपने बयान में स्पष्ट कहा है: “मैं मीडिया का सम्मान करती हूँ क्योंकि उन्होंने मेरे सफर को दुनिया तक पहुँचाया, लेकिन कृपया मेरी निजी जिंदगी के साथ खिलवाड़ न करें।”

भाग 10: अब आगे क्या? (What Next?)

मैरी कॉम की इस स्पष्ट और कड़े शब्दों वाली सफाई के बाद उम्मीद है कि अफवाहों का बाजार ठंडा होगा।

  • फैंस का समर्थन: सोशल मीडिया पर #WeStandWithMary और #RespectLegend ट्रेंड कर रहा है। फैंस मांग कर रहे हैं कि झूठी खबर फैलाने वाले पोर्टल्स माफी मांगें।
  • भविष्य की योजनाएं: मैरी कॉम का पूरा फोकस अपनी एकैडमी के जरिए भारत को अगला ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट देने पर है। वह इन विवादों से विचलित हुए बिना अपने मिशन में लगी हुई हैं।

अफवाहों पर नॉकआउट पंच

अंत में, Mary Kom Breaks Silence की यह घटना हमें सिखाती है कि डिजिटल दुनिया में हर चमकती हेडलाइन सच नहीं होती। मैरी कॉम ने रिंग में अपने विरोधियों को जैसे नॉकआउट किया है, वैसे ही उन्होंने अपनी सच्चाई और बेबाकी से इन झूठी अफवाहों को भी नॉकआउट कर दिया है।

ओन्लर करोंग उनके ‘एक्स’ नहीं, बल्कि उनकी ‘ताकत’ हैं। और रही बात ‘एक रुपये’ की, तो मैरी कॉम की असली कमाई दौलत नहीं, बल्कि वह इज्जत और प्यार है जो उन्हें 140 करोड़ भारतीयों से मिलता है।

हमें अपनी लीजेंड्स का सम्मान करना चाहिए और उनकी निजी जिंदगी में ताक-झांक करने या झूठी कहानियां गढ़ने से बचना चाहिए। मैरी कॉम भारत की बेटी हैं, और उनकी गरिमा की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है।

अगर आप मैरी कॉम के फैन हैं, तो इस सच्चाई को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि झूठ का मुंह काला हो सके।

जय हिन्द, जय भारत!

By Vivan Verma

विवान तेज खबरी (Tez Khabri) के समाचार रिपोर्टर हैं, जो ब्रेकिंग न्यूज़ और राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करते हैं। विवान तथ्यात्मक रिपोर्टिंग और तेज अपडेट के लिए जाने जाते हैं और प्रशासनिक व जनहित से जुड़े मामलों पर नियमित लेखन करते हैं।

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