कर्नाटक के हुबली (Hubballi) में एक भाजपा महिला कार्यकर्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर राज्य में सियासी उबाल आ गया है। इस घटना ने एक बार फिर सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भाजपा को आमने-सामने खड़ा कर दिया है।
कर्नाटक: हुबली में BJP कार्यकर्ता के साथ बदसलूकी पर बवाल; आरोप और पुलिस की सफाई आमने-सामने
Hubballi Controversy: कर्नाटक के हुबली से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक भाजपा महिला कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि पुलिस हिरासत के दौरान उसके साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

1. क्या है पूरा मामला? (The Background)
यह विवाद हुबली के केशवापुर (Keshwapur) इलाके का है। घटना की जड़ें ‘मतदाता सूची संशोधन’ (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान हुए एक पुराने झगड़े से जुड़ी हैं।
- कांग्रेस का आरोप: कांग्रेस पार्षद सुवर्णा कल्लाकुंतला ने भाजपा कार्यकर्ता सुजाता (विजयलक्ष्मी हांडी) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि सुजाता ने निर्वाचन अधिकारियों के साथ मिलकर इलाके से कुछ मतदाताओं के नाम अवैध रूप से हटवाए हैं।
- पुलिस की कार्रवाई: इसी शिकायत के आधार पर पुलिस सुजाता को हिरासत में लेने पहुंची थी।
2. भाजपा कार्यकर्ता के गंभीर आरोप (The Allegations)
भाजपा कार्यकर्ता और उनके समर्थकों का दावा है कि पुलिस ने हिरासत में लेते समय मानवाधिकारों का उल्लंघन किया:
- बदसलूकी: कार्यकर्ता का आरोप है कि बस में चढ़ाते समय पुलिसकर्मियों (पुरुष और महिला दोनों) ने उनके साथ मारपीट की और उनके कपड़े फाड़ दिए।
- राजनीतिक प्रतिशोध: भाजपा का कहना है कि सुजाता पहले कांग्रेस में थीं और हाल ही में भाजपा में शामिल हुई हैं, इसलिए उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
3. पुलिस का आधिकारिक बयान (Police Statement)
पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है:
- गिरफ्तारी में बाधा: पुलिस के अनुसार, जब वे सुजाता को हिरासत में लेने पहुंचे, तो उन्होंने विरोध किया और पुलिस अधिकारियों के साथ बदतमीजी की।
- जवाबी कार्रवाई: पुलिस ने बताया कि महिला ने ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों पर हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद उन पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- वीडियो की सच्चाई: पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो आधा-अधूरा है और वास्तविक स्थिति हिरासत के दौरान हुए हंगामे की वजह से ऐसी दिखी।
4. राजनीतिक घमासान (Political Reaction)
| पक्ष | रुख / प्रतिक्रिया |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | इसे ‘अमानवीय’ और ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया। बीवाई विजयेंद्र सहित बड़े नेताओं ने दोषी पुलिस अधिकारियों के निलंबन की मांग की है। |
| कांग्रेस (Congress) | सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी सरकारी काम में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। |
5. अन्य संबंधित घटनाएँ
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। हाल ही में बेल्लारी (Ballari) में भी भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पोस्टर लगाने को लेकर खूनी झड़प हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई थी।
