इज़रायल–ईरान संघर्ष

नई दिल्ली/मुंबई, 2 मार्च 2026: मध्य पूर्व (Middle East) में पिछले कुछ दिनों से जो भू-राजनीतिक उथल-पुथल मची है, उसने पूरी दुनिया की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और उसके जवाब में ईरान द्वारा दागी जा रही बैलिस्टिक मिसाइलों ने खाड़ी क्षेत्र के आसमान को ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ (No-Fly Zone) में तब्दील कर दिया है।

इस महायुद्ध की आहट के बीच, सबसे अधिक परेशान वे लाखों यात्री हैं जिनकी विदेश यात्राएं निर्धारित थीं। भारत से यूरोप, अमेरिका और खाड़ी देशों को जाने वाली सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय उड़ानें या तो रद्द कर दी गई हैं या उन्हें अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है। ऐसे घबराहट भरे माहौल में हर यात्री के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके टिकट के पैसों का क्या होगा?

1. मध्य पूर्व का आसमान क्यों बना ‘रेड ज़ोन’? (Why Airspace is Closed)

वर्तमान संकट को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि एयरलाइंस उड़ानें रद्द क्यों कर रही हैं।

भारत से पश्चिमी देशों (यूरोप, अमेरिका) की ओर जाने वाले अधिकांश विमान ईरान, इराक, सीरिया और इज़रायल के हवाई क्षेत्र (Airspace) से होकर गुजरते हैं। यह सबसे छोटा और किफायती ‘फ्लाइट पाथ’ (Flight Path) है।

  • मिसाइलों का खतरा: वर्तमान में ईरान और इज़रायल एक-दूसरे पर मिसाइलों और ड्रोन्स से हमले कर रहे हैं।
  • NOTAM जारी: अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरे क्षेत्र के लिए ‘नोटम’ (Notice to Airmen – NOTAM) जारी कर दिया है। इसका अर्थ है कि किसी भी कमर्शियल (यात्री) विमान का इस क्षेत्र से गुजरना खतरे से खाली नहीं है।
  • सुरक्षा सर्वोपरि: 2014 में यूक्रेन के ऊपर मलेशियाई एयरलाइंस (MH17) और 2020 में ईरान में यूक्रेन के यात्री विमान के मिसाइल का शिकार होने जैसी दुखद घटनाओं से सबक लेते हुए, दुनिया भर की एयरलाइंस कोई जोखिम नहीं लेना चाहतीं।

यही कारण है कि सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए विमानन कंपनियों ने उड़ानें रद्द करने का कड़ा फैसला लिया है।

2. मुख्य फोकस: इज़रायल–ईरान संघर्ष: फ्लाइट रद्द होने पर एयरलाइंस क्या दे रही ऑफर?

जब अचानक से उड़ानें रद्द होती हैं, तो यात्रियों को भारी आर्थिक नुकसान का डर सताने लगता है। इस युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति (Force Majeure) को देखते हुए, एयरलाइंस अपने यात्रियों को नुकसान से बचाने और पैनिक कम करने के लिए कई विशेष ‘वेवर’ (Waivers) और ऑफर दे रही हैं।

अगर आप सोच रहे हैं कि इज़रायल–ईरान संघर्ष: फ्लाइट रद्द होने पर एयरलाइंस क्या दे रही ऑफर, तो मुख्य रूप से एयरलाइंस 4 तरह के विकल्प (Options) दे रही हैं:

इज़रायल–ईरान संघर्ष

A. 100% फुल रिफंड (Full Cash Refund)

यदि एयरलाइन ने अपनी तरफ से उड़ान रद्द की है (चाहे वह सुरक्षा कारणों से ही क्यों न हो), तो यात्री टिकट की पूरी राशि (100% Full Refund) वापस पाने का हकदार है।

  • इसमें कोई भी कैंसिलेशन चार्ज (Cancellation Fee) या सुविधा शुल्क नहीं काटा जाएगा।
  • यह रिफंड उसी खाते या क्रेडिट कार्ड में वापस किया जाता है, जिससे मूल बुकिंग (Original Booking) की गई थी।

B. फ्री री-शेड्यूलिंग (Free Rescheduling / Date Change)

एयरलाइंस यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख बदलने का ‘वन-टाइम फ्री वेवर’ (One-time free waiver) दे रही हैं।

  • इसका मतलब है कि आप अपनी रद्द हुई फ्लाइट की जगह, स्थिति सामान्य होने पर भविष्य की किसी भी तारीख (आमतौर पर अगले 1 महीने से 3 महीने तक की विंडो) की फ्लाइट बिना किसी ‘डेट चेंज फी’ (Date Change Fee) के बुक कर सकते हैं।
  • नोट: यदि नई तारीख पर टिकट का मूल किराया (Fare Difference) अधिक है, तो कुछ एयरलाइंस वह अंतर भी माफ कर रही हैं, जबकि कुछ एयरलाइंस को केवल ‘फेयर डिफरेंस’ चुकाना पड़ सकता है।

C. रूट डायवर्जन (Alternate Routing)

यदि आप पहले से ही ट्रांजिट में हैं (जैसे दुबई या दोहा एयरपोर्ट पर फंसे हैं) और आपकी आगे की फ्लाइट (Connecting Flight) रद्द हो गई है, तो एयरलाइन आपको किसी अन्य सुरक्षित मार्ग (वैकल्पिक रूट) से आपके गंतव्य तक पहुंचाने का प्रयास करेगी, जिसके लिए आपसे कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

D. क्रेडिट शेल (Credit Shell)

कई एयरलाइंस यात्रियों को टिकट के पूरे पैसे ‘क्रेडिट शेल’ या ‘ट्रैवल वाउचर’ (Travel Voucher) के रूप में दे रही हैं।

  • इस वाउचर की वैधता (Validity) आमतौर पर 1 वर्ष तक होती है।
  • आप इस वाउचर का उपयोग भविष्य में उसी एयरलाइन की कोई भी फ्लाइट बुक करने के लिए कर सकते हैं।

3. प्रमुख एयरलाइंस की नीतियां (Airline-wise Cancellation & Refund Policies)

आइए अब भारत से संचालित होने वाली प्रमुख भारतीय और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस की विशिष्ट नीतियों (Specific Policies) पर नज़र डालते हैं:

एयरलाइन का नाम (Airline)प्रभावित रूट्स (Affected Routes)एयरलाइन द्वारा दिया जा रहा ऑफर / रिफंड पॉलिसी
एयर इंडिया (Air India)तेल अवीव (इज़रायल), तेहरान (ईरान), और कुछ यूरोपीय उड़ानेंतेल अवीव और तेहरान की उड़ानें अनिश्चित काल के लिए निलंबित। एयर इंडिया यात्रियों को री-शेड्यूलिंग (तारीख बदलने) और कैंसिलेशन पर वन-टाइम फ्री वेवर (छूट) दे रही है। पूरा रिफंड क्लेम किया जा सकता है।
इंडिगो (IndiGo)इस्तांबुल (तुर्की), बाकू, और खाड़ी देशों की कुछ कनेक्टिंग उड़ानेंमध्य पूर्व के एयरस्पेस से गुजरने वाली उड़ानों को सुरक्षित मार्गों (ओमान/सऊदी अरब) से डायवर्ट किया जा रहा है। रद्द हुई उड़ानों के लिए 100% रिफंड या अगली उपलब्ध फ्लाइट में मुफ्त ट्रांसफर का विकल्प मौजूद है।
एमिरेट्स (Emirates)दुबई से जॉर्डन, लेबनान, इराक और इज़रायल जाने वाली उड़ानेंएमिरेट्स ने प्रभावित यात्रियों के लिए कैंसिलेशन चार्ज पूरी तरह माफ कर दिया है। यात्री अपनी टिकट का वैधता काल (Validity) बढ़ा सकते हैं या बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट कैंसिल कर सकते हैं।
कतर एयरवेज (Qatar Airways)दोहा से अम्मान, बेरूत और बगदाद के रूट्सकतर एयरवेज प्रभावित यात्रियों को ट्रैवल वाउचर (क्रेडिट शेल) और फुल कैश रिफंड दोनों के विकल्प दे रही है। ट्रांजिट यात्रियों को दोहा में मुफ्त होटल और भोजन की सुविधा दी जा रही है।
विस्तारा (Vistara)यूरोप (लंदन, पेरिस, फ्रैंकफर्ट) की लंबी दूरी की उड़ानेंविस्तारा की उड़ानें अब लंबे रूट (सऊदी अरब के ऊपर से) जा रही हैं, जिससे यात्रा का समय 2 घंटे बढ़ गया है। जो यात्री लंबे समय के कारण यात्रा नहीं करना चाहते, उन्हें फ्री कैंसिलेशन की सुविधा दी जा रही है।
लुफ्थांसा और यूनाइटेड (Lufthansa / United)फ्रैंकफर्ट और न्यूयॉर्क से मध्य पूर्व और भारत की कुछ उड़ानेंइन विदेशी एयरलाइंस ने सुरक्षा कारणों से अपनी उड़ानों को भारी मात्रा में निलंबित किया है। यात्रियों को ऑटोमैटिक फुल रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

4. ट्रांजिट यात्रियों के अधिकार: एयरपोर्ट पर फंसे होने पर क्या करें?

युद्ध के कारण सबसे बुरी स्थिति उन यात्रियों की होती है जो अपने घर से निकल चुके हैं और किसी दूसरे देश के एयरपोर्ट (जैसे दुबई, दोहा, या मस्कट) पर ट्रांजिट (Connecting Hub) में फंसे हुए हैं।

यदि आपकी कनेक्टिंग फ्लाइट अचानक रद्द हो जाती है, तो एयरलाइंस अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों (IATA Guidelines) के तहत निम्नलिखित सुविधाएं देने के लिए बाध्य हैं:

  1. मुफ्त भोजन और रिफ्रेशमेंट: फ्लाइट में 2 घंटे से अधिक की देरी होने पर एयरलाइन को आपको फूड वाउचर या भोजन उपलब्ध कराना होगा।
  2. होटल अकोमोडेशन (Hotel Accommodation): यदि अगली फ्लाइट 12 घंटे या अगले दिन तक के लिए टाल दी गई है, तो एयरलाइन को आपको एयरपोर्ट के पास किसी अच्छे होटल में मुफ्त स्टे (ठहरने) और एयरपोर्ट से होटल तक के ट्रांसपोर्ट (Cab/Bus) की सुविधा देनी होगी।
  3. संचार सुविधा: यात्रियों को अपने परिवार को सूचित करने के लिए मुफ्त वाई-फाई या अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल की सुविधा दी जानी चाहिए।

महत्वपूर्ण टिप: यदि एयरपोर्ट पर भारी भीड़ के कारण एयरलाइन का स्टाफ आपको होटल नहीं दे पा रहा है, तो आप अपनी जेब से होटल बुक कर सकते हैं। बस सभी रसीदें (Bills) सुरक्षित रखें, बाद में आप एयरलाइन से इसका ‘रिइंबर्समेंट’ (Reimbursement) क्लेम कर सकते हैं।

इज़रायल–ईरान संघर्ष

5. डीजीसीए (DGCA) के नियम: भारतीय यात्रियों के क्या अधिकार हैं?

भारत सरकार के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने ‘पैसेंजर चार्टर’ (Passenger Charter) के तहत यात्रियों के अधिकारों को सुरक्षित किया है। जब सवाल उठता है कि इज़रायल–ईरान संघर्ष: फ्लाइट रद्द होने पर एयरलाइंस क्या दे रही ऑफर, तो डीजीसीए के नियम इसमें बहुत स्पष्टता लाते हैं:

  • फ्लाइट रद्द होने की पूर्व सूचना: यदि एयरलाइन ने आपको फ्लाइट के निर्धारित समय से 24 घंटे पहले रद्दीकरण (Cancellation) की सूचना नहीं दी है, तो वे आपको 100% रिफंड के साथ-साथ अगली वैकल्पिक उड़ान (Alternate Flight) देने के लिए बाध्य हैं।
  • मुआवजा (Compensation) का पेच: सामान्य दिनों में, यदि फ्लाइट एयरलाइन की गलती से रद्द होती है, तो वे यात्रियों को 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक का आर्थिक मुआवजा (Compensation) देते हैं। लेकिन, चूंकि मध्य पूर्व का युद्ध एक “असाधारण परिस्थिति” (Extraordinary Circumstance / Act of War / Force Majeure) है, जिस पर एयरलाइंस का कोई नियंत्रण नहीं है, इसलिए एयरलाइंस मुआवजा (Compensation) देने के लिए बाध्य नहीं हैं। वे केवल टिकट का ‘रिफंड’ या ‘वैकल्पिक उड़ान’ देने के लिए ही जिम्मेदार हैं।
  • रिफंड की समय सीमा: डीजीसीए के अनुसार, यदि आपने क्रेडिट कार्ड से बुकिंग की है तो 7 दिनों के भीतर, और यदि नकद (Cash) या यूपीआई (UPI) से बुकिंग की है तो तुरंत रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए।

6. ट्रैवल एजेंट (OTA) से बुकिंग की है, तो रिफंड कैसे मिलेगा?

बहुत से लोग एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट के बजाय ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर्स (MakeMyTrip, Yatra, Cleartrip, EaseMyTrip) या ऑफलाइन ट्रैवल एजेंट्स के माध्यम से टिकट बुक करते हैं।

  • प्रक्रिया: यदि आपकी फ्लाइट रद्द हुई है, तो एयरलाइन रिफंड का पैसा सीधे आपके ट्रैवल एजेंट या OTA के खाते में भेजेगी, आपके खाते में नहीं।
  • चुनौती: इस प्रक्रिया में थोड़ा अधिक समय (2 से 3 सप्ताह) लग सकता है। आपको अपने ट्रैवल एजेंट के लगातार संपर्क में रहना होगा।
  • कन्वीनियंस फी (Convenience Fee): ध्यान दें कि एयरलाइन टिकट का पूरा पैसा वापस कर देगी, लेकिन ट्रैवल पोर्टल द्वारा लिया गया ‘सुविधा शुल्क’ (Convenience Fee) आमतौर पर रिफंड (Non-refundable) नहीं होता है।

7. ट्रैवल इंश्योरेंस का ट्रैप (The Travel Insurance Dilemma)

कई यात्री सोचते हैं कि उन्होंने ‘कम्प्रीहेंसिव ट्रैवल इंश्योरेंस’ (Comprehensive Travel Insurance) लिया है, इसलिए फ्लाइट रद्द होने या होटल बुक करने का सारा खर्च इंश्योरेंस कंपनी देगी। लेकिन यहां एक बहुत बड़ा ‘कैच’ (Catch) है।

  • ‘एक्ट ऑफ वॉर’ क्लॉज (Act of War Clause): दुनिया की 90% से अधिक ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसियों में स्पष्ट रूप से लिखा होता है कि वे युद्ध, आतंकवाद, नागरिक उथल-पुथल, या घोषित/अघोषित युद्ध (War or Warlike operations) के कारण होने वाले किसी भी नुकसान (फ्लाइट कैंसिलेशन, सामान खोना, आदि) को कवर नहीं करते हैं।
  • इसका मतलब है कि इज़रायल-ईरान संघर्ष के कारण जो उड़ानें रद्द हो रही हैं, उनके लिए आपकी इंश्योरेंस कंपनी क्लेम (Claim) खारिज कर सकती है।
  • क्या कवर हो सकता है? यदि आप इस युद्ध शुरू होने से पहले ही गंतव्य पर पहुंच चुके थे और वहां आपको कोई मेडिकल इमरजेंसी (Medical Emergency) आ जाती है, तो उसे कवर किया जा सकता है। अपने बीमाकर्ता (Insurance Provider) की पॉलिसी के दस्तावेज़ों को ध्यान से पढ़ें।

8. लंबे और घुमावदार हवाई मार्ग: ‘सर्ज प्राइसिंग’ (Surge Pricing) की मार

जो उड़ानें रद्द नहीं हुई हैं (विशेषकर यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली), वे भी अब सामान्य मार्गों से नहीं जा रही हैं।

  • वैकल्पिक मार्ग (Alternative Routing): अब एयर इंडिया, विस्तारा और विदेशी एयरलाइंस भारत से यूरोप जाने के लिए मध्य पूर्व के अशांत क्षेत्र को छोड़कर ओमान, सऊदी अरब और मिस्र (Egypt) के ऊपर से एक लंबा और घुमावदार रास्ता (Re-routing) तय कर रही हैं।
  • सफर हुआ लंबा: इस नए रूट से यात्रा के समय में 1.5 घंटे से लेकर 3 घंटे तक की वृद्धि हो गई है।
  • ईंधन का भारी खर्च (Fuel Burn): विमानों को इस लंबे रूट के लिए अतिरिक्त विमानन ईंधन (ATF) की आवश्यकता होती है। कई नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स (जैसे दिल्ली से लंदन) को अब ईंधन भरवाने के लिए बीच में यूरोप या मध्य एशिया के किसी एयरपोर्ट पर हॉल्ट (Technical Halt) करना पड़ रहा है।
  • किराये में आग: एयरलाइंस के इस बढ़े हुए खर्च का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है। इज़रायल–ईरान संघर्ष: फ्लाइट रद्द होने पर एयरलाइंस क्या दे रही ऑफर – इस राहत के साथ-साथ एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि नए टिकटों की बुकिंग पर ‘सर्ज प्राइसिंग’ (Surge Pricing) लागू हो गई है। यूरोप का जो टिकट सामान्यतः ₹45,000 में मिलता था, वह अब ₹1,00,000 के पार पहुंच गया है। अमेरिका की वन-वे टिकट ₹2 लाख से ऊपर बिक रही है।

9. यात्रियों के लिए ‘स्मार्ट सर्वाइवल टिप्स’ (What You Must Do Now)

यदि आपकी विदेश यात्रा (विशेषकर मध्य पूर्व या यूरोप) आने वाले कुछ दिनों या हफ्तों में निर्धारित है, तो पैनिक करने के बजाय ये रणनीतिक कदम उठाएं:

  1. लगातार स्टेटस चेक करें (Check PNR Status): एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी एयरलाइन की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या कस्टमर केयर पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस कम से कम 3 बार चेक करें। ‘FlightAware’ या ‘Flightradar24’ का उपयोग करें।
  2. अलर्ट चालू रखें (Turn on Notifications): एयरलाइन के ऐप पर नोटिफिकेशन चालू रखें और सुनिश्चित करें कि बुकिंग में आपका चालू मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी ही दर्ज हो, ताकि कैंसिलेशन का मैसेज आपको तुरंत मिल सके।
  3. वेब चेक-इन (Web Check-in): घर से ही वेब चेक-इन करके जाएं। यदि कोई कैंसिलेशन होगा, तो आपको सिस्टम पहले ही बता देगा।
  4. होटल कैंसिलेशन: यदि आपकी फ्लाइट रद्द हो गई है, तो तुरंत अपने गंतव्य (Destination) पर बुक किए गए होटलों और टूर पैकेजों को ‘फ्री कैंसिलेशन’ विंडो के भीतर रद्द करने का प्रयास करें, ताकि वहां आपका पैसा न डूबे।
  5. ट्विटर (X) का उपयोग: यदि कस्टमर केयर का नंबर व्यस्त आ रहा है (जो कि संकट के समय आम बात है), तो अपनी समस्या PNR नंबर के साथ एयरलाइन को X (Twitter) पर टैग करके डायरेक्ट मैसेज (DM) करें। वहां से अक्सर तेज प्रतिक्रिया मिलती है।

धैर्य और कूटनीति ही है समाधान

दुनिया का उड्डयन इतिहास (Aviation History) गवाह है कि जब भी भू-राजनीतिक संकट आते हैं, तो शुरुआती कुछ दिन भारी भ्रम और अफरा-तफरी के होते हैं। इज़रायल–ईरान संघर्ष: फ्लाइट रद्द होने पर एयरलाइंस क्या दे रही ऑफर— इस प्रश्न का उत्तर जानकर आपको कम से कम यह राहत जरूर मिली होगी कि युद्ध के इस माहौल में आपका पैसा एयरलाइंस के पास सुरक्षित है और आपको इसका 100% रिफंड या भविष्य की यात्रा का विकल्प (Credit Shell / Free Rescheduling) अवश्य मिलेगा।

एयरलाइंस भी इस समय भारी दबाव में काम कर रही हैं। उनके लिए अपने क्रू मेंबर और यात्रियों की जान बचाना करोड़ों रुपये के नुकसान से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। इस कठिन समय में यात्रियों को धैर्य बनाए रखने और एयरलाइन स्टाफ के साथ सहयोग करने की आवश्यकता है। भारत का विदेश मंत्रालय (MEA) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए है, और उम्मीद है कि राजनयिक प्रयासों (Diplomatic Efforts) से जल्द ही खाड़ी के आसमान में छाई ये बारूदी धुंध छंट जाएगी।

By Meera Shah

मीरा तेज खबरी (Tez Khabri) के साथ जुड़ी एक समाचार लेखिका हैं। वे सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, महिला संबंधित विषयों और जनहित से जुड़ी खबरों पर लेखन करती हैं। मीरा का उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सत्यापित, उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है।

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