बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC), जिसे आधिकारिक तौर पर नगर निगम ग्रेटर मुंबई (MCGM) के रूप में जाना जाता है, न केवल भारत की बल्कि एशिया की सबसे अमीर नगर निकायों में से एक है। इसका वार्षिक बजट कई छोटे राज्यों (जैसे गोवा या सिक्किम) के बजट से भी अधिक होता है।

1. कमाई के मुख्य स्रोत (BMC की आय कहाँ से होती है?)
2017 में जीएसटी (GST) लागू होने के बाद BMC का सबसे बड़ा राजस्व स्रोत ‘चुंगी’ (Octroi) खत्म हो गया था, लेकिन फिर भी इसके पास आय के कई मजबूत रास्ते हैं:
- GST मुआवजा (Compensation): चुंगी खत्म होने के बदले में महाराष्ट्र सरकार BMC को हर साल एक बड़ी राशि मुआवजे के रूप में देती है। यह कुल आय का लगभग 35-40% हिस्सा होता है।
- संपत्ति कर (Property Tax): यह आय का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। मुंबई की आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों से BMC भारी टैक्स वसूलती है।
- विकास शुल्क (Development Charges): मुंबई में रियल एस्टेट सेक्टर बहुत सक्रिय है। नए निर्माण और इमारतों के पुनर्विकास (Redevelopment) से मिलने वाला प्रीमियम और शुल्क BMC की झोली भरता है।
- सावधि जमा पर ब्याज (Interest on FDs): BMC ने बैंकों में लगभग ₹80,000 करोड़ से ₹90,000 करोड़ से अधिक की सावधि जमा (FDs) रखी हुई है, जिससे उसे हर साल हजारों करोड़ रुपये ब्याज के रूप में मिलते हैं।
- पानी और सीवरेज शुल्क: शहर को पानी की आपूर्ति और सफाई सेवाओं के बदले नागरिकों से लिया जाने वाला शुल्क।
2. पैसा कहाँ खर्च होता है? (BMC का व्यय)
BMC का बजट मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित होता है: राजस्व व्यय (दैनिक खर्च) और पूंजीगत व्यय (बुनियादी ढांचा)।
- बुनियादी ढांचा और बड़ी परियोजनाएं (Capital Expenditure): * कोस्टल रोड प्रोजेक्ट: मुंबई के तटीय इलाकों को जोड़ने वाली सड़क।
- गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR): पूर्व और पश्चिम मुंबई को जोड़ने वाली सुरंग।
- पुल और सड़कें: शहर के फ्लाईओवर और सड़कों के रखरखाव पर बड़ा खर्च।
- स्वास्थ्य सेवाएं: BMC मुंबई में कई बड़े अस्पताल (जैसे केईएम, नायर, सायन) और सैकड़ों औषधालय (Dispensaries) चलाती है। स्वास्थ्य बजट कुल खर्च का एक बड़ा हिस्सा होता है।
- शिक्षा: BMC हजारों स्कूल चलाती है जहाँ लाखों बच्चे मुफ्त शिक्षा प्राप्त करते हैं।
- कर्मचारियों का वेतन और पेंशन: लाखों कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों के वेतन और पेंशन पर बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा खर्च होता है।
- ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management): शहर की सफाई और कचरा निस्तारण (जैसे देवनार डंपिंग ग्राउंड का प्रबंधन)।

3. एक नज़र में आंकड़े (लगभग अनुमान)
| मद | विवरण |
| वार्षिक बजट (2025-26) | ₹55,000 करोड़ से ₹60,000 करोड़ के बीच |
| फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) | ₹90,000 करोड़+ |
| प्रमुख फोकस क्षेत्र | स्वास्थ्य, सड़क, और जल आपूर्ति |
4. BMC इतनी अमीर क्यों है?
इसका सरल उत्तर है मुंबई का आर्थिक महत्व। मुंबई भारत की वित्तीय राजधानी है, जहाँ देश की सबसे महंगी जमीन और सबसे बड़े कॉर्पोरेट हेडक्वार्टर हैं। यहाँ की ऊंची प्रॉपर्टी वैल्यू और रियल एस्टेट की निरंतर मांग BMC को अन्य शहरों की तुलना में बहुत अधिक टैक्स रिवेन्यू देती है।
महत्वपूर्ण तथ्य: BMC का बजट अक्सर पड़ोसी देश श्रीलंका या नेपाल जैसे देशों के रक्षा बजट से भी अधिक होता है।
