नई दिल्ली (4 मार्च 2026): भारत विविधताओं का देश है, और जब बात त्योहारों की आती है, तो यहाँ की छटा पूरी दुनिया में निराली होती है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा के साथ ही आज पूरा देश होली 2026 (Holi 2026) के जश्न में डूबा हुआ है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और गुजरात से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों तक, हर गली, हर मोहल्ला और हर चौराहा गुलाल के सतरंगी बादलों से ढका हुआ है। वसंत ऋतु के आगमन और बुराई पर अच्छाई की जीत का यह रंगों का उत्सव न केवल आपसी भाईचारे का संदेश देता है, बल्कि सामाजिक समरसता को भी मजबूत करता है।
इस पावन अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी जनता के साथ अपनी खुशियां साझा की हैं। PM मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को होली की ढेरों शुभकामनाएं दी हैं और देश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की है। आइए, इस विस्तृत न्यूज़ रिपोर्ट में जानते हैं कि इस साल देशभर में होली का माहौल कैसा है, राजनेताओं ने क्या संदेश दिए हैं, और भारत के विभिन्न हिस्सों में इस पर्व को किस अनोखे अंदाज में मनाया जा रहा है।
Presidential Greetings: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी होली की बधाई
होली के इस शुभ अवसर पर देश की प्रथम नागरिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन से देशवासियों के नाम एक विशेष संदेश जारी किया। उन्होंने रंगों का उत्सव मनाने वाले सभी नागरिकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) और प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा:
“होली के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। रंग, उमंग और उल्लास का यह त्योहार हमारे समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को और मजबूत करे। मेरी कामना है कि वसंत ऋतु का यह पर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। आइए, हम सब मिलकर एक मजबूत, एकजुट और समृद्ध भारत के निर्माण का संकल्प लें।”
राष्ट्रपति का यह संदेश देश की सांस्कृतिक एकता और हमारी साझा विरासत को रेखांकित करता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे त्योहार के उल्लास के बीच अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें और समाज के कमजोर वर्गों को भी इस खुशी में शामिल करें।

PM Modi’s Message on Holi 2026: प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को दीं शुभकामनाएं
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) हमेशा से ही भारतीय त्योहारों को लेकर बेहद उत्साहित रहते हैं और डिजिटल माध्यमों से जनता से सीधे जुड़ते हैं। होली 2026 की सुबह ही उन्होंने देशवासियों को इस महापर्व की बधाई दी।
PM मोदी ने अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक भावपूर्ण पोस्ट करते हुए लिखा:
“देश के मेरे सभी परिवारजनों को होली की ढेरों शुभकामनाएं। स्नेह, सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक यह रंगों का उत्सव आप सभी के जीवन में खुशियों के नए रंग भरे। मेरी कामना है कि उत्साह और उमंग का यह पर्व हमारे समाज में नई ऊर्जा का संचार करे। Happy Holi 2026!”
प्रधानमंत्री का यह संदेश तेजी से वायरल हो गया और कुछ ही घंटों में इसे लाखों लाइक्स और रीपोस्ट मिल गए। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का “मेरे परिवारजनों” संबोधन हमेशा की तरह जनता के साथ उनके सीधे और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। इसके अलावा, पीएम मोदी ने ‘लोकल फॉर वोकल’ (Vocal for Local) का भी अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन किया है, क्योंकि इस बार होली के बाजार में स्वदेशी रंगों और पिचकारियों की भारी मांग देखी जा रही है।
Nationwide Celebration: देशभर में रंगों का उत्सव और असीम उत्साह
होली 2026 का जश्न इस साल कुछ खास है। कोरोना महामारी और आर्थिक उतार-चढ़ाव के पुराने दौर को पीछे छोड़ते हुए, भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय मजबूत स्थिति में है, जिसका सीधा असर बाजारों की रौनक पर दिख रहा है।
- बाजारों में भारी भीड़: दिल्ली के सदर बाजार से लेकर मुंबई के क्रॉफर्ड मार्केट तक, लोग हर्बल गुलाल, पिचकारी, गुजिया और मिठाइयां खरीदने के लिए उमड़ पड़े।
- इको-फ्रेंडली होली (Eco-Friendly Holi): इस साल सबसे अच्छी बात यह देखने को मिल रही है कि लोग रासायनिक (Chemical) रंगों के बजाय जैविक (Organic) और फूलों से बने रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
- सामुदायिक आयोजन: हाउसिंग सोसाइटियों, क्लबों और सार्वजनिक मैदानों में ‘होली मिलन समारोह’ (Holi Milan Samaroh) आयोजित किए जा रहे हैं, जहां डीजे की धुन, ढोल-नगाड़ों और ‘होली के लोकगीतों’ पर युवा और बुजुर्ग सभी थिरक रहे हैं।
Regional Flavors of Holi 2026: भारत के विभिन्न राज्यों में कैसा है होली का रंग?
भारत में रंगों का उत्सव एक ही है, लेकिन इसे मनाने के तरीके हर राज्य में अलग-अलग हैं। यह सांस्कृतिक विविधता ही भारत को दुनिया में अद्वितीय बनाती है। आइए देखते हैं कि देश के विभिन्न कोनों में होली कैसे मनाई जा रही है:
1. Braj Ki Holi: मथुरा, वृंदावन और बरसाना का अलौकिक नजारा
होली का असली रंग अगर कहीं देखने को मिलता है, तो वह है उत्तर प्रदेश का ब्रज क्षेत्र। भगवान श्रीकृष्ण और राधा की प्रेम लीलाओं से जुड़ा यह क्षेत्र होली के दौरान एक अलग ही दुनिया में तब्दील हो जाता है।
- लठमार होली (Lathmar Holi): बरसाना और नंदगांव की विश्व प्रसिद्ध लठमार होली देखने के लिए इस बार रिकॉर्ड संख्या में विदेशी सैलानी पहुंचे हैं।
- फूलों की होली (Phoolon Ki Holi): वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में टेसू के फूलों से होली खेली जा रही है। मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों पर रंग-बिरंगे फूलों की बारिश की जाती है, जो एक दिव्य अनुभव है।

2. Kashi Ki Holi: शिव की नगरी वाराणसी में मसान की होली
वाराणसी (काशी) में होली का एक अलग ही और रहस्यमयी रूप देखने को मिलता है। मणिकर्णिका घाट पर चिता की भस्म (राख) से खेली जाने वाली ‘मसान की होली’ (Masan Holi) में भारी संख्या में नागा साधु और श्रद्धालु शामिल हुए। यह मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं अपने गणों के साथ यहां होली खेलने आते हैं।
3. Hola Mohalla in Punjab: पंजाब में शक्ति और भक्ति का संगम
पंजाब के श्री आनंदपुर साहिब में सिखों का प्रसिद्ध त्योहार ‘होला मोहल्ला’ (Hola Mohalla) मनाया जा रहा है। इस अवसर पर निहंग सिख अपनी युद्ध कला (Martial Arts), घुड़सवारी और तलवारबाजी का शानदार प्रदर्शन करते हैं। यह वीरता और साहस का प्रतीक है।
4. Dol Jatra in West Bengal: शांतिनिकेतन का ‘बसंत उत्सव’
पश्चिम बंगाल में होली को ‘दोल जात्रा’ (Dol Jatra) या ‘दोल पूर्णिमा’ के रूप में मनाया जाता है। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा शुरू किया गया शांतिनिकेतन का ‘बसंत उत्सव’ आज भी अपनी पूरी सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। यहां छात्र-छात्राएं पीले कपड़े पहनकर पारंपरिक रवींद्र संगीत पर नृत्य करते हैं और एक-दूसरे को ‘अबीर’ (सूखा गुलाल) लगाते हैं।
5. Dhuleti in Gujarat & Maharashtra: गुजरात और महाराष्ट्र की धुलेंडी
पश्चिमी भारत में आज के दिन को ‘धुलेंडी’ (Dhuleti) या ‘रंगपंचमी’ कहा जाता है। मुंबई और पुणे जैसे शहरों में मटकी फोड़ (Govinda) का आयोजन किया जाता है और लोग रंग-बिरंगे पानी से एक-दूसरे को भिगोते हैं।
भारत में होली के विभिन्न रूपों की एक झलक:
| राज्य/क्षेत्र (Region) | होली का स्थानीय नाम (Local Name) | मुख्य आकर्षण (Key Attraction) |
| उत्तर प्रदेश (ब्रज) | लठमार होली / फूलों की होली | लाठियों से होली, राधा-कृष्ण प्रेम |
| पंजाब | होला मोहल्ला (Hola Mohalla) | निहंग सिखों का युद्ध कौशल प्रदर्शन |
| पश्चिम बंगाल | दोल जात्रा / बसंत उत्सव | पारंपरिक नृत्य, रवींद्र संगीत, अबीर |
| उत्तराखंड | कुमाऊंनी होली | बैठकी और खड़ी होली (शास्त्रीय संगीत) |
| गोवा | शिगमोत्सव (Shigmo) | पारंपरिक वेशभूषा में सड़क परेड |
Economic Boost: होली 2026 ने अर्थव्यवस्था को दी नई रफ्तार
होली 2026 केवल एक सांस्कृतिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा बूस्टर डोज साबित हुआ है। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस साल होली के सीजन में देशभर के बाजारों में रिकॉर्डतोड़ व्यापार हुआ है।

- आत्मनिर्भर भारत की झलक: पिछले कुछ वर्षों की तरह, इस साल भी चीनी पिचकारियों और गुब्बारों का पूरी तरह से बहिष्कार देखा गया। ग्राहकों ने पूरी तरह से ‘मेड इन इंडिया’ (Made in India) उत्पादों को प्राथमिकता दी।
- मिठाई और एफएमसीजी सेक्टर: गुजिया, मालपुआ, ठंडाई और नमकीन की बिक्री में भारी उछाल आया है।
- टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी (Tourism): मथुरा, वाराणसी, जयपुर, पुष्कर और उदयपुर जैसे शहरों में होटलों की ऑक्यूपेंसी (Occupancy) 100% तक पहुंच गई है। विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ घरेलू पर्यटकों (Domestic Tourists) की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।
Tight Security and Safety Guidelines: सुरक्षित होली के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट
चूंकि देशभर में रंगों का उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया जा रहा है, इसलिए पुलिस और प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
- हुड़दंगियों पर लगाम: दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अहमदाबाद जैसे महानगरों में पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि ‘बुरा न मानो होली है’ के नाम पर किसी भी तरह की जबरदस्ती या छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- ड्रंक एंड ड्राइव (Drunk and Drive) पर कार्रवाई: ट्रैफिक पुलिस ने मुख्य चौराहों पर बैरिकेडिंग कर दी है और ब्रेथ एनालाइजर के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों या तीन सवारी (Triple riding) बैठाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- महिला सुरक्षा: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी और ‘एंटी-रोमियो स्क्वाड’ (Anti-Romeo Squads) को भी तैनात किया गया है।
The Political Colors: सियासी गलियारों में होली की धूम
भारत में राजनीति और त्योहार हमेशा एक-दूसरे से जुड़े रहे हैं। PM मोदी और राष्ट्रपति ने दी शुभकामनाएं, यह तो एक आधिकारिक औपचारिकता है, लेकिन इसके अलावा भी राजनीतिक गलियारों में होली का रंग खूब जम रहा है।
राजधानी दिल्ली में विभिन्न राजनीतिक दलों के मुख्यालयों पर होली मिलन समारोह आयोजित किए गए। पक्ष और विपक्ष के नेता एक दिन के लिए अपने राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे को गुलाल लगाते नजर आए। टीवी चैनलों पर राजनेताओं के घर पर गाए जा रहे होली के फाग (Phag songs) और पारंपरिक ढोल की थाप के दृश्य लगातार प्रसारित हो रहे हैं।
इसके अलावा, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने-अपने आवास पर आम जनता के साथ होली खेली और प्रदेशवासियों को शांति और सौहार्द का संदेश दिया।
Global Echoes of Holi: सात समंदर पार भी गूंजा ‘होली है’ का नारा
आज के वैश्वीकृत युग में, भारतीय डायस्पोरा (Indian Diaspora) ने होली को एक वैश्विक त्योहार बना दिया है। होली 2026 की धूम केवल भारत तक सीमित नहीं है।
- अमेरिका (USA): न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर और न्यू जर्सी में बड़े पैमाने पर कलर रन (Color Run) और होली पार्टियों का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीयों के साथ-साथ अमेरिकी नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
- यूनाइटेड किंगडम (UK): लंदन और बर्मिंघम में इस्कॉन (ISKCON) मंदिरों के बाहर भारी भीड़ देखी गई, जहां विदेशी कृष्ण भक्त गुलाल उड़ाते और ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ गाते नजर आए।
- ऑस्ट्रेलिया (Australia): मेलबर्न और सिडनी में पार्कों में विशेष होली फेस्टिवल आयोजित किए गए, जहां बॉलीवुड गानों पर पूरा शहर थिरकता दिखा।
दुनिया भर के कई राष्ट्राध्यक्षों ने भी भारत और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय को होली की शुभकामनाएं दी हैं, जो भारत की बढ़ती सॉफ्ट पावर (Soft Power) का प्रतीक है।
उमंग, उल्लास और एकता का पर्व
होली 2026 एक बार फिर से यह साबित करता है कि चाहे हम कितने भी आधुनिक क्यों न हो जाएं, हमारी जड़ें हमारी संस्कृति और परंपराओं में गहराई से रची-बसी हैं। यह रंगों का उत्सव हमें सिखाता है कि जिस तरह विभिन्न रंग मिलकर एक खूबसूरत इंद्रधनुष बनाते हैं, उसी तरह विभिन्न जातियों, धर्मों और भाषाओं के लोग मिलकर एक मजबूत और खूबसूरत भारत का निर्माण करते हैं।
PM मोदी का संदेश हो या राष्ट्रपति का आह्वान, सभी का सार यही है कि हम आपसी द्वेष को होलिका की अग्नि में भस्म कर दें और प्रेम, करुणा और भाईचारे के नए रंगों से अपने जीवन को रंग लें।
एक बार फिर से, आप सभी पाठकों को होली की सतरंगी और मंगलमय शुभकामनाएं!
