21 फरवरी 2026 — भारत की ‘सिलिकॉन आकांक्षाओं’ के लिए एक ऐतिहासिक दिन
आज, 21 फरवरी 2026 की शाम 5 बजे, भारतीय प्रौद्योगिकी और विनिर्माण के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में HCL-Foxconn के संयुक्त उद्यम (Joint Venture) के तहत बनने वाली पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन (Groundbreaking Ceremony) करने जा रहे हैं।
यह केवल ईंट और गारे की एक फैक्ट्री का शिलान्यास नहीं है; यह भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का एक अपरिहार्य हिस्सा बनाने की दिशा में एक रणनीतिक और साहसिक कदम है। एक समय था जब भारत पूरी तरह से चिप आयात (विशेषकर चीन और ताइवान से) पर निर्भर था, लेकिन आज ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ की नीतियां धरातल पर आकार ले रही हैं।
इस अत्यंत विस्तृत ‘मेटा ब्लॉग’ में, हम इस ₹3,706 करोड़ के मेगा-प्रोजेक्ट के हर एक पहलू का 360-डिग्री डिकोडिंग करेंगे। हम समझेंगे कि ‘India Chip Pvt. Ltd.’ नामक यह संयुक्त उद्यम कैसे काम करेगा, OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) तकनीक क्या है, इस प्लांट में बनने वाले ‘डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स’ (Display Driver ICs) का अर्थशास्त्र क्या है, और कैसे यह परियोजना उत्तर प्रदेश (UP) को भारत का नया ‘टेक हब’ बना देगी।
1. HCL-Foxconn जॉइंट वेंचर: ‘India Chip Pvt. Ltd.’ का ब्लूप्रिंट
इस पूरी परियोजना का सबसे दिलचस्प पहलू दो वैश्विक दिग्गजों का एक साथ आना है। भारतीय आईटी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की दिग्गज कंपनी HCL Group और ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विस (EMS) जायंट Foxconn (Hon Hai Precision Industry Co. Ltd.) ने मिलकर India Chip Pvt. Ltd. नामक एक नई इकाई का गठन किया है।
साझेदारी की संरचना और निवेश:
- कुल निवेश: इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹3,706 करोड़ है।
- फॉक्सकॉन की हिस्सेदारी: फॉक्सकॉन के पास इस संयुक्त उद्यम में 40% हिस्सेदारी है। हालिया विनियामक फाइलिंग (Regulatory filing) के अनुसार, फॉक्सकॉन ने 40% हिस्सेदारी के लिए लगभग ₹312 करोड़ ($37.2 मिलियन) का शुरुआती निवेश किया है, जिसे भविष्य में ₹424 करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है।
- सरकारी सब्सिडी: यह प्लांट ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) के ₹76,000 करोड़ के परिव्यय के तहत स्वीकृत छठा (6th) प्रोजेक्ट है। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार दोनों की ओर से इस प्रोजेक्ट को भारी वित्तीय प्रोत्साहन (Incentives) दिए जा रहे हैं।

नेतृत्व की उपस्थिति:
आज के इस भव्य भूमिपूजन समारोह में पीएम मोदी जहाँ वर्चुअली जुड़ेंगे, वहीं प्रोजेक्ट साइट (YEIDA, सेक्टर 28) पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे, जो इस परियोजना के राजनीतिक और आर्थिक महत्व को दर्शाता है।
2. तकनीकी विश्लेषण: OSAT और ATMP क्या है?
अक्सर जब लोग “सेमीकंडक्टर प्लांट” के बारे में सुनते हैं, तो वे फैब्रिकेशन (Fab) प्लांट की कल्पना करते हैं जहाँ सिलिकॉन वेफर्स बनाए जाते हैं। लेकिन HCL-Foxconn का यह प्लांट एक OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) या ATMP (Assembly, Testing, Marking, and Packaging) सुविधा है।
सेमीकंडक्टर निर्माण के तीन मुख्य चरण होते हैं:
- डिज़ाइन (Design): चिप का आर्किटेक्चर तैयार करना (जैसे ARM, Intel, AMD करते हैं)।
- फैब्रिकेशन (Fabrication / Foundry): शुद्ध सिलिकॉन वेफर्स पर नैनोमीटर स्तर के ट्रांजिस्टर उकेरना (जैसे TSMC करता है)।
- OSAT / ATMP: फैब से निकले हुए नंगे सिलिकॉन वेफर्स (Bare dies) को काटना, उन्हें बाहरी दुनिया (सर्किट बोर्ड) से जोड़ने के लिए पैकेजिंग करना, और यह सुनिश्चित करने के लिए उनका परीक्षण करना कि वे सही तरीके से काम कर रहे हैं।
OSAT का महत्व और यील्ड मॉडलिंग (Yield Modeling):
OSAT सुविधा किसी भी चिप की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अंतिम गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) बिंदु है। चिप निर्माण में ‘यील्ड’ (Yield) या ‘उपज’ सबसे महत्वपूर्ण मीट्रिक है।
एक सिलिकॉन वेफर पर कई चिप्स (Dies) होते हैं। यदि वेफर पर दोष (Defects) हैं, तो कुछ चिप्स खराब हो जाएंगे। तकनीकी रूप से, यदि $D_0$ दोष घनत्व (Defect Density) है और $A$ एक चिप का क्षेत्रफल (Area) है, तो पॉइसन यील्ड मॉडल (Poisson Yield Model) के अनुसार वेफर से प्राप्त होने वाले सही चिप्स की प्रायिकता (Yield, $Y$) को निम्नलिखित सूत्र से दर्शाया जाता है:
$$Y = e^{-A \cdot D_0}$$
हालाँकि, अधिक यथार्थवादी क्लस्टरिंग दोषों (Clustered defects) के लिए, आधुनिक OSAT सुविधाएं ‘मर्फी के यील्ड मॉडल’ (Murphy’s Yield Model) जैसे अधिक जटिल सूत्रों का उपयोग करती हैं:
$$Y = \left( \frac{1 – e^{-A \cdot D_0}}{A \cdot D_0} \right)^2$$
HCL-Foxconn के इस प्लांट का मुख्य कार्य इन परिष्कृत परीक्षण उपकरणों का उपयोग करके यह सुनिश्चित करना होगा कि $Y$ (यील्ड) का मान उच्चतम रहे और खराब चिप्स (Defective dies) को पैकेज होने से पहले ही हटा दिया जाए, जिससे लागत में भारी बचत होती है।
3. प्लांट की उत्पादन क्षमता: ‘डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स’ पर फोकस
यह समझना महत्वपूर्ण है कि ‘India Chip Pvt. Ltd.’ किस प्रकार के चिप्स को प्रोसेस करेगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह प्लांट मुख्य रूप से कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स, सेंसर्स और डिस्प्ले ड्राइवर इंटीग्रेटेड सर्किट्स (DDIC) की पैकेजिंग और टेस्टिंग करेगा।
डिस्प्ले ड्राइवर IC क्या होते हैं?
हर वह डिवाइस जिसमें स्क्रीन (Display) है—चाहे वह आपका स्मार्टफोन हो, लैपटॉप हो, स्मार्ट टीवी हो, या आधुनिक कारों का डिजिटल डैशबोर्ड हो—उसे पिक्सल्स को नियंत्रित करने के लिए एक ‘डिस्प्ले ड्राइवर चिप’ की आवश्यकता होती है। यह चिप डिजिटल निर्देशों को एनालॉग सिग्नल्स में बदलती है जो स्क्रीन पर रंग और चित्र बनाते हैं।

उत्पादन के आंकड़े:
- वेफर क्षमता: प्लांट की डिज़ाइन क्षमता 20,000 वेफर्स प्रति माह है।
- चिप आउटपुट: जब प्लांट अपनी पूरी क्षमता पर काम करेगा, तो यह प्रति माह 36 मिलियन (3.6 करोड़) डिस्प्ले ड्राइवर चिप यूनिट्स का उत्पादन करेगा।
- सालाना उत्पादन: इसका अर्थ है कि यह प्लांट हर साल लगभग 430 मिलियन (43 करोड़) चिप्स की वैश्विक और घरेलू आपूर्ति शृंखला में योगदान देगा।
आज के समय में जब भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है, इन डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का स्थानीय स्तर पर उत्पादन भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति शृंखला को पूरी तरह से सुरक्षित कर देगा। यह 2027 तक चालू होने की उम्मीद है और भारत की स्थानीय चिप मांग का लगभग 40% पूरा करने में मदद करेगा।
4. उत्तर प्रदेश और YEIDA: नया इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब
इस परियोजना की लोकेशन—यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) का सेक्टर 28—रणनीतिक रूप से एक मास्टरस्ट्रोक है।
स्थान का भौगोलिक और ढांचागत लाभ:
| बुनियादी ढांचा (Infrastructure) | YEIDA सेक्टर 28 का लाभ |
| :— | :— |
| हवाई संपर्क (Air Connectivity) | आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) से निकटता। सेमीकंडक्टर चिप्स का परिवहन मुख्य रूप से हवाई मार्ग से होता है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी। |
| सड़क नेटवर्क | यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से सीधा जुड़ाव। |
| भूमि आवंटन | यूपी सरकार ने इस मेगा प्लांट के लिए 48 एकड़ भूमि आवंटित की है। |
संसाधनों की आवश्यकताएं (Resources Required):
सेमीकंडक्टर विनिर्माण एक अत्यंत संसाधन-गहन (Resource-intensive) प्रक्रिया है।
- विद्युत आपूर्ति: इस प्लांट को निर्बाध रूप से चलाने के लिए प्रतिदिन 19,000 KVA बिजली की आवश्यकता होगी।
- जल आपूर्ति: चिप्स को धोने और साफ करने के लिए ‘अल्ट्रा-प्योर वाटर’ (Ultra-Pure Water) की आवश्यकता होती है। इस प्लांट के लिए अनुमानित पानी की आवश्यकता लगभग 2,000 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) रखी गई है। राज्य सरकार ने इन बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
5. रोजगार सृजन और ‘मल्टीप्लायर इफेक्ट’ (Economic Impact)
इस ₹3,706 करोड़ के निवेश का सबसे बड़ा प्रभाव रोजगार पर पड़ेगा।
- प्रत्यक्ष रोजगार: आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, यह प्लांट पूरी तरह से चालू होने पर 3,780 प्रत्यक्ष नौकरियां (Direct Jobs) पैदा करेगा। इनमें उच्च-कुशल इंजीनियर, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स विशेषज्ञ, ऑपरेटर और तकनीशियन शामिल हैं।
- अप्रत्यक्ष रोजगार (Multiplier Effect): अर्थशास्त्र में, एक उच्च तकनीक वाले विनिर्माण संयंत्र का ‘रोजगार गुणक’ (Employment Multiplier) बहुत अधिक होता है। प्लांट को गैस, रसायन, पैकेजिंग सामग्री, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा प्रदान करने वाली सहायक (Ancillary) इंडस्ट्रीज के कारण हजारों अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों और यूपी कैबिनेट द्वारा हाल ही में सेमीकंडक्टर इकाइयों के लिए ₹32,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देने के बाद, YEIDA क्षेत्र तेजी से एक बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर के रूप में विकसित हो रहा है।
6. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) का बढ़ता कारवां
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किया गया ₹76,000 करोड़ ($10 बिलियन) का ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) अब स्पष्ट रूप से परिणाम दे रहा है। भारत आयात पर अपनी 65%-70% निर्भरता (मुख्य रूप से चीन से) को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
HCL-Foxconn का यह प्लांट इस मिशन के तहत स्वीकृत छठी (6th) इकाई है। इससे पहले टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (गुजरात और असम में), CG Power (गुजरात में), और माइक्रोन (Micron – गुजरात में) जैसी कंपनियों की परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है।
यह परियोजना विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह साबित करती है कि भारत केवल एक ही राज्य तक सीमित नहीं है; बल्कि उत्तर प्रदेश जैसा राज्य भी अपनी बेहतर कानून-व्यवस्था और औद्योगिक नीतियों के बल पर ग्लोबल सेमीकंडक्टर निवेश को आकर्षित करने में सक्षम हो गया है।
7. भू-राजनीतिक दृष्टिकोण: चीन से हटकर ‘चाइना प्लस वन’ (China+1) रणनीति
वैश्विक पटल पर, सेमीकंडक्टर अब केवल एक तकनीकी पुर्जा नहीं है; यह एक ‘भू-राजनीतिक हथियार’ (Geopolitical Weapon) बन चुका है। अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और ताइवान जलडमरूमध्य (Taiwan Strait) में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की कंपनियों को अपनी सप्लाई चेन को चीन से बाहर डायवर्सिफाई करने (विविधता लाने) पर मजबूर कर दिया है।
- फॉक्सकॉन का भारत प्रेम: Apple की सबसे बड़ी सप्लायर फॉक्सकॉन अपनी ‘चाइना+1’ रणनीति के तहत भारत में आक्रामक रूप से निवेश कर रही है। तमिलनाडु और कर्नाटक में आईफोन असेंबली के बाद, अब उत्तर प्रदेश में चिप पैकेजिंग (OSAT) में उनका प्रवेश यह दर्शाता है कि वे भारत को एक पूर्ण ‘इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम’ के रूप में देख रहे हैं।
- वैश्विक विश्वास: पीएम मोदी के ‘मानव’ (MANAV) AI विज़न और 2026 के इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में वैश्विक नेताओं की उपस्थिति यह प्रमाणित करती है कि दुनिया भारत को एक विश्वसनीय, लोकतांत्रिक और सुरक्षित ‘डेटा और हार्डवेयर’ डेस्टिनेशन के रूप में स्वीकार कर रही है।
‘सिलिकॉन युग’ में भारत की एक मजबूत छलांग
आज शाम 5 बजे जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी HCL-Foxconn की ‘India Chip Pvt. Ltd.’ का वर्चुअली शिलान्यास करेंगे, तो यह केवल उत्तर प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ‘वाटरशेड मोमेंट’ (Watershed Moment) होगा।
यह परियोजना इस बात का जीवंत प्रमाण है कि भारत अब केवल सॉफ्टवेयर कोड लिखने या आईटी सर्विस (BPO) देने वाला देश नहीं रहना चाहता। भारत अब उन हार्डवेयर चिप्स का निर्माण और पैकेजिंग करना चाहता है जिन पर वे सॉफ्टवेयर चलते हैं। ₹3,700 करोड़ का निवेश, 36 मिलियन चिप्स का मासिक उत्पादन और हजारों नई नौकरियाँ इस बात की गारंटी हैं कि 2027 तक भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ चुका होगा।
