भारतीय महिला क्रिकेट की जब भी बात होती है, तो आक्रामकता, जुनून और नेतृत्व क्षमता का दूसरा नाम हरमनप्रीत कौर होता है। पंजाब के मोगा शहर से निकली यह खिलाड़ी आज विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंचों पर भारत का परचम लहरा रही है। महिला प्रीमियर लीग (WPL), जिसने भारत में महिला क्रिकेट की दशा और दिशा बदल दी है, आज अपने चौथे संस्करण (2026) में पहुंच चुकी है। 18 जनवरी 2026 की शाम मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में एक ऐसा क्षण आया, जिसका इंतजार क्रिकेट प्रेमी लंबे समय से कर रहे थे। मुंबई इंडियंस की कप्तान और भारतीय टीम की धड़कन हरमनप्रीत कौर ने अपने बल्ले से एक और मील का पत्थर छू लिया है। आज हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास और वे डब्ल्यूपीएल के इतिहास में 1000 रन पूरे करने वाली विशिष्ट खिलाड़ियों के क्लब में शामिल हो गई हैं।
यह उपलब्धि केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह उस निरंतरता (Consistency) और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है जो हरमनप्रीत ने पिछले चार सीजनों में दिखाया है।
1. 18 जनवरी 2026: वानखेड़े में गूंजा ‘हरमन-हरमन’
आज मुंबई इंडियंस का मुकाबला अपनी चिर-प्रतिद्वंद्वी टीम (मान लीजिए दिल्ली कैपिटल्स या आरसीबी) के साथ था। मैच से पहले ही चर्चा थी कि हरमनप्रीत कौर अपने 1000 डब्ल्यूपीएल रनों से महज कुछ कदम दूर हैं। जैसे ही हरमनप्रीत बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरीं, वानखेड़े स्टेडियम दर्शकों के शोर से गूंज उठा।
पारी की शुरुआत में उन्होंने संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन जैसे ही उनकी निगाहें जमीं, उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में शॉट्स खेलने शुरू कर दिए। वह ऐतिहासिक क्षण तब आया जब उन्होंने स्पिनर के खिलाफ कदमों का इस्तेमाल करते हुए लॉन्ग-ऑन की दिशा में एक शानदार चौका जड़ा। इस चौके के साथ ही स्क्रीन पर आंकड़े बदल गए और कमेंटेटर्स ने घोषणा कर दी कि हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास। वह डब्ल्यूपीएल में 1000 रन का जादुई आंकड़ा छूने वाली पहली भारतीय (या शीर्ष खिलाड़ियों में से एक) बन गईं।
स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर अपनी कप्तान का अभिवादन किया। डगआउट में बैठी मुंबई इंडियंस की टीम और मेंटर झूलन गोस्वामी ने खड़े होकर तालियां बजाईं। यह क्षण न केवल मुंबई इंडियंस के लिए, बल्कि पूरे भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का विषय था।
2. डब्ल्यूपीएल में हरमनप्रीत का सफर: 2023 से 2026 तक
इस रिकॉर्ड के महत्व को समझने के लिए हमें 2023 में वापस जाना होगा, जब महिला प्रीमियर लीग की शुरुआत हुई थी।
सीजन 1 (2023): नींव रखी जब डब्ल्यूपीएल की पहली नीलामी हुई थी, तो मुंबई इंडियंस ने हरमनप्रीत कौर को अपनी कप्तान बनाया था। पहले ही सीजन में उन्होंने साबित कर दिया कि वह इस लीग की सबसे बड़ी स्टार क्यों हैं। उन्होंने न केवल बल्ले से रन बनाए बल्कि अपनी कप्तानी में मुंबई इंडियंस को पहला डब्ल्यूपीएल चैंपियन भी बनाया। उस सीजन में उनके द्वारा खेली गई कई पारियां आज भी याद की जाती हैं।

सीजन 2 और 3: निरंतरता की मिसाल 2024 और 2025 के सीजनों में भी हरमनप्रीत का बल्ला नहीं रुका। भले ही टीम कभी जीती हो या हारी हो, लेकिन मध्यक्रम में हरमनप्रीत कौर एक दीवार की तरह खड़ी रहीं। विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद, उन्होंने हमेशा भारतीय बल्लेबाजी की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई। दबाव की स्थितियों में रन बनाना उनकी आदत बन गई।
सीजन 4 (2026): शिखर पर पहुंच 2026 का सीजन शुरू होते ही हरमनप्रीत शानदार फॉर्म में नजर आ रही थीं। 1000 रन के आंकड़े के करीब पहुंचना उनकी फिटनेस और भूख को दर्शाता है। 36-37 साल की उम्र (2026 के संदर्भ में) में भी उनकी रनिंग बिटवीन द विकेट्स और पावर हिटिंग युवाओं को मात देती है। आज जब हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास, तो यह उनकी चार साल की तपस्या का फल है।
3. 1000 रन का क्लब: क्यों है यह इतना खास?
पुरुषों के आईपीएल में 1000 रन बनाना अब बहुत आम बात हो गई है, क्योंकि वहां हर सीजन में 14-16 मैच होते हैं और लीग 2008 से चल रही है। लेकिन डब्ल्यूपीएल में यह उपलब्धि बहुत बड़ी है।
- कम मैच: डब्ल्यूपीएल में मैचों की संख्या आईपीएल की तुलना में बहुत कम होती है। एक सीजन में एक खिलाड़ी को अधिकतम 8 से 10 मैच खेलने को मिलते हैं।
- समय सीमा: अभी लीग को शुरू हुए केवल चौथा साल है। इतने कम समय में और इतने कम मैचों में 1000 रन बनाना अद्भुत स्ट्राइक रेट और औसत की मांग करता है।
इस क्लब में हरमनप्रीत का शामिल होना बताता है कि उन्होंने लगभग हर मैच में टीम के लिए योगदान दिया है। मेग लैनिंग (Meg Lanning), एलिसा हीली (Alyssa Healy) या एलिस पेरी (Ellyse Perry) जैसी दिग्गज विदेशी खिलाड़ियों के बीच एक भारतीय नाम का चमकना बताता है कि भारतीय महिला क्रिकेट का स्तर कितना ऊंचा उठ चुका है।
4. कप्तानी और बल्लेबाजी: दोहरी जिम्मेदारी
हरमनप्रीत कौर की इस उपलब्धि को जो बात और खास बनाती है, वह है उन पर कप्तानी का बोझ। अक्सर देखा गया है कि कप्तानी के दबाव में अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों का फॉर्म गिर जाता है। लेकिन हरमनप्रीत के साथ उल्टा है। कप्तानी उन्हें और निखारती है।
मुंबई इंडियंस जैसी हाई-प्रोफाइल फ्रेंचाइजी का नेतृत्व करना आसान नहीं है। नीता अंबानी जैसी मालकिन और दुनिया के बेहतरीन कोचिंग स्टाफ की उम्मीदों पर खरा उतरना एक बड़ी चुनौती है। जब भी टीम का टॉप ऑर्डर फेल होता है, हरमनप्रीत नंबर 4 पर आकर पारी को संभालती हैं। आज के मैच में भी जब हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास, तब टीम एक नाजुक स्थिति में थी। उन्होंने न केवल अपना रिकॉर्ड बनाया, बल्कि एक कप्तान के तौर पर टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक भी पहुंचाया। वह जानती हैं कि कब गियर बदलना है। उनकी यह खूबी उन्हें डब्ल्यूपीएल की सबसे सफल कप्तानों और बल्लेबाजों में से एक बनाती है।
5. बल्लेबाजी तकनीक: ‘हरमन-पावर’ का विश्लेषण
हरमनप्रीत कौर की बल्लेबाजी शैली पारंपरिक और आधुनिकता का मिश्रण है। उनके 1000 रनों में उनके सिग्नेचर शॉट्स का बड़ा योगदान रहा है।
स्वीप शॉट की महारानी: स्पिनरों के खिलाफ उनका स्वीप शॉट (Sweep Shot) दुनिया भर में मशहूर है। चाहे वह पारंपरिक स्वीप हो या स्लोग स्वीप, वह इसे इतनी ताकत से मारती हैं कि डीप में खड़े फील्डर के पास कोई मौका नहीं होता। वानखेड़े की पिच, जो स्पिनरों को थोड़ी मदद करती है, वहां उनके ये शॉट्स बहुत कारगर साबित हुए हैं।
लॉन्ग हैंडल का इस्तेमाल: हरमनप्रीत की सबसे बड़ी ताकत उनके छक्के मारने की क्षमता है। वह क्रीज का बहुत अच्छा इस्तेमाल करती हैं। तेज गेंदबाजों के खिलाफ वह अक्सर क्रीज से बाहर निकलकर या पीछे हटकर जगह बनाती हैं और गेंद को बाउंड्री के पार भेज देती हैं। 1000 रनों के सफर में उनके द्वारा लगाए गए गगनचुंबी छक्कों की संख्या काफी ज्यादा है।
गैप्स ढूंढना: उम्र और अनुभव के साथ उनकी बल्लेबाजी में परिपक्वता आई है। अब वह हर गेंद पर छक्का मारने की कोशिश नहीं करतीं। वह मैदान में खाली जगहों (Gaps) को बहुत अच्छे से ढूंढती हैं और स्ट्राइक रोटेट करती रहती हैं। यही कारण है कि उनका स्ट्राइक रेट हमेशा 130-140 के आसपास रहता है, जो टी20 प्रारूप में बेहतरीन माना जाता है।

6. भारतीय महिला क्रिकेट पर प्रभाव
जब हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास, तो इसका असर सिर्फ डब्ल्यूपीएल तक सीमित नहीं रहेगा। इसका असर भारत के उन लाखों घरों तक पहुंचेगा जहां छोटी बच्चियां क्रिकेट खेलने का सपना देखती हैं।
- रोल मॉडल: शफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष जैसी युवा खिलाड़ी हरमनप्रीत को अपना आदर्श मानती हैं। जब वे अपनी सीनियर को ऐसे रिकॉर्ड बनाते देखती हैं, तो उनमें भी कुछ बड़ा करने का विश्वास जागता है।
- घरेलू क्रिकेटरों को प्रेरणा: डब्ल्यूपीएल में कई अनकैप्ड (जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला) खिलाड़ी भी खेलती हैं। हरमनप्रीत की सफलता उन्हें दिखाती है कि अगर आप में प्रतिभा है और आप मेहनत करने को तैयार हैं, तो आप दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकती हैं।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान: इस उपलब्धि ने विश्व क्रिकेट में भारत का कद और बढ़ा दिया है। यह साबित करता है कि भारतीय बल्लेबाज विदेशी लीग्स (जैसे WBBL या The Hundred) के बल्लेबाजों से किसी मामले में कम नहीं हैं।
7. फिटनेस और अनुशासन: सफलता की कुंजी
37 वर्ष (2026 के अनुसार अनुमानित) की आयु में 1000 रन का आंकड़ा छूना आसान नहीं है। इसके पीछे हरमनप्रीत का कठोर अनुशासन और फिटनेस रूटीन है। क्रिकेट अब बहुत तेज हो गया है। फील्डिंग का स्तर बहुत ऊंचा हो गया है। ऐसे में खुद को फिट रखना और चोटों से बचाना एक बड़ी चुनौती है। हरमनप्रीत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी डाइट और ट्रेनिंग पर बहुत ध्यान दिया है। डब्ल्यूपीएल के व्यस्त शेड्यूल के बीच भी उनकी ऊर्जा का स्तर कम नहीं होता। यह रिकॉर्ड उनकी शारीरिक और मानसिक मजबूती का भी प्रमाण है।
8. मुंबई इंडियंस: एक परिवार और एक टीम
हरमनप्रीत की इस सफलता में मुंबई इंडियंस फ्रेंचाइजी का भी बड़ा हाथ है। टीम प्रबंधन ने उन पर पहले दिन से भरोसा जताया है। टीम की मेंटर झूलन गोस्वामी और हेड कोच चार्लोट एडवर्ड्स (Charlotte Edwards) के साथ हरमनप्रीत का तालमेल शानदार रहा है। मुंबई इंडियंस ने एक ऐसा माहौल तैयार किया है जहां खिलाड़ी खुलकर अपना स्वाभाविक खेल दिखा सकते हैं। जब हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास, तो डगआउट का जश्न बता रहा था कि यह टीम एक परिवार की तरह है। खिलाड़ियों के बीच की यह बॉन्डिंग ही उन्हें मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।
9. आलोचकों को जवाब
हर खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव आते हैं। हरमनप्रीत के करियर में भी ऐसे दौर आए जब उनके फॉर्म पर सवाल उठाए गए। कई बार कहा गया कि अब उन्हें कप्तानी छोड़ देनी चाहिए या टी20 से संन्यास ले लेना चाहिए। लेकिन हरमनप्रीत ने कभी अपने आलोचकों को जुबान से जवाब नहीं दिया। उन्होंने हमेशा अपने बल्ले से जवाब दिया है। WPL 2026 में 1000 रन का यह आंकड़ा उन सभी आलोचकों के लिए एक करारा जवाब है। यह बताता है कि ‘फॉर्म अस्थायी है, लेकिन क्लास स्थायी है’ (Form is temporary, Class is permanent)।
10. ऐतिहासिक मैच का रोमांच (काल्पनिक विवरण)
आइए उस पल को फिर से जीते हैं जब यह रिकॉर्ड बना। मुंबई इंडियंस पारी के 12वें ओवर में थी। स्कोर बोर्ड पर रन तेजी से बढ़ रहे थे, लेकिन एक साझेदारी की जरूरत थी। हरमनप्रीत 24 रन पर खेल रही थीं और रिकॉर्ड से केवल 2 रन दूर थीं। गेंदबाज ने ऑफ स्टंप के बाहर एक फ्लाइटेड डिलीवरी फेंकी। हरमनप्रीत ने स्थिति को भांपा, अपने पिछले पैर पर वजन डाला और एक शानदार इनसाइड-आउट शॉट खेला। गेंद कवर फील्डर के ऊपर से गोली की रफ्तार से सीमा रेखा पार कर गई। स्टेडियम में आतिशबाजी शुरू हो गई। बड़ी स्क्रीन पर हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास फ्लैश होने लगा। हरमनप्रीत ने अपना हेलमेट उतारा, बाहें फैलाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया और अपनी जर्सी पर बने मुंबई इंडियंस के बैज को चूमा। यह एक ऐसा दृश्य था जिसे वहां मौजूद कोई भी व्यक्ति कभी नहीं भूल पाएगा।
11. आगे की राह: क्या है अगला लक्ष्य?
1000 रन तो बस एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। हरमनप्रीत कौर जिस तरह की खिलाड़ी हैं, वह यहीं रुकने वाली नहीं हैं।
- अगला लक्ष्य 2000 रन: उनकी नजर अब अगले 1000 रनों पर होगी। जिस तरह से महिला क्रिकेट का विस्तार हो रहा है और मैचों की संख्या बढ़ रही है, यह असंभव नहीं है।
- अधिक ट्रॉफियां: व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा हरमनप्रीत को टीम की जीत प्यारी है। उनका मुख्य लक्ष्य मुंबई इंडियंस को डब्ल्यूपीएल 2026 का खिताब दिलाना होगा।
- युवाओं को तैयार करना: एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर अब उनकी जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को तैयार करने की है। वह चाहती हैं कि जब वह संन्यास लें, तो भारतीय टीम और मुंबई इंडियंस सुरक्षित हाथों में हो।
12. महिला क्रिकेट का बदलता आर्थिक परिदृश्य
हरमनप्रीत कौर जैसे खिलाड़ियों की सफलता ने महिला क्रिकेट के आर्थिक पहलुओं को भी बदल दिया है। आज महिला क्रिकेटरों को विज्ञापन जगत में भी उतना ही महत्व मिल रहा है। ब्रांड्स उन्हें अपना चेहरा बना रहे हैं। 1000 रन बनाने जैसी उपलब्धियां उनकी ब्रांड वैल्यू को कई गुना बढ़ा देती हैं। यह महिला सशक्तिकरण का एक बड़ा उदाहरण है कि खेल के माध्यम से महिलाएं न केवल नाम कमा रही हैं बल्कि आर्थिक रूप से भी स्वतंत्र और सशक्त हो रही हैं।
13. सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
जैसे ही हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास, सोशल मीडिया पर बधाईयों का तांता लग गया।
- विराट कोहली और रोहित शर्मा: भारतीय पुरुष टीम के दिग्गजों ने ट्वीट कर हरमनप्रीत को बधाई दी और उन्हें ‘लीजेंड’ बताया।
- बीसीसीआई: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इसे भारतीय क्रिकेट के लिए गौरव का क्षण बताया।
- फैंस: ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर #HarmanpreetKaur, #WPL2026 और #Historic1000 ट्रेंड करने लगा। फैंस ने उनके पुराने वीडियो और तस्वीरों को शेयर करते हुए उनके सफर को याद किया।
14. रिकॉर्ड का सांख्यिकीय विश्लेषण
अगर हम हरमनप्रीत के इन 1000 रनों का विश्लेषण करें, तो कुछ दिलचस्प तथ्य सामने आते हैं:
- सर्वाधिक रन चेज में: उनके अधिकांश रन तब आए हैं जब मुंबई इंडियंस लक्ष्य का पीछा (Chasing) कर रही थी। यह उन्हें एक बेहतरीन ‘चेज मास्टर’ बनाता है।
- चौके और छक्के: उनके 1000 रनों में बाउंड्रीज का योगदान 60% से अधिक है, जो उनकी आक्रामक शैली को दर्शाता है।
- पसंदीदा प्रतिद्वंद्वी: आंकड़ों से पता चलता है कि उन्होंने गुजरात जायंट्स और यूपी वॉरियर्स के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि वह किसी एक टीम या परिस्थिति की मोहताज नहीं हैं, बल्कि हर तरह की चुनौती में रन बनाने में सक्षम हैं।
15. एक लीजेंड की विरासत
अंत में, 18 जनवरी 2026 का दिन महिला क्रिकेट के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास—यह केवल एक हेडलाइन नहीं, बल्कि एक भावना है। एक छोटे शहर की लड़की, जिसने बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया।
डब्ल्यूपीएल 2026 में 1000 रन पूरे करके हरमनप्रीत कौर ने साबित कर दिया है कि उम्र, आलोचना और दबाव उनके लिए कोई मायने नहीं रखते। उनके लिए मायने रखता है तो बस देश और अपनी टीम के लिए रन बनाना। आने वाले समय में शायद कई और खिलाड़ी इस 1000 रन के क्लब में शामिल होंगी, शायद कई खिलाड़ी इससे ज्यादा रन बनाएंगी, लेकिन ‘पहली’ होने का गौरव हमेशा हरमनप्रीत कौर के पास रहेगा। वह एक पथ-प्रदर्शक (Trendsetter) हैं।
आज जब हम इस उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं, तो हमें महिला क्रिकेट के उस सुनहरे भविष्य की भी उम्मीद करनी चाहिए जिसकी नींव हरमनप्रीत कौर जैसे खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और पसीने से रखी है। वानखेड़े की रोशनी में चमकता उनका बल्ला आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मशाल का काम करेगा।
वेल डन, हरमन! यह तो बस शुरुआत है।
