अप्रैल 2026 में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक नई रिपोर्ट ने गुजरात में खलबली मचा दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात पुलिस की कस्टडी (मालखाने) से भारी मात्रा में जब्त किए गए 2,332 किलोग्राम ड्रग्स अचानक गायब हो गए हैं।
जब अधिकारियों से इस भारी-भरकम चोरी का जवाब मांगा गया, तो पुलिस ने सारा इल्जाम सीधे ‘चूहों’ पर डाल दिया। आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा के बीच चूहे इतने सारे ड्रग्स कैसे खा सकते हैं? आइए इस पुलिसिया कहानी का पूरा सच जानते हैं।

चूहों का बहाना या कोई बड़ी साजिश?
कैग (CAG) की इस ताज़ा रिपोर्ट ने पुलिस के काम करने के तरीके की पूरी पोल खोल दी है।
रिपोर्ट में साफ लिखा है कि जो ड्रग्स गायब हुए हैं, वे कुल जब्त किए गए नशे का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा हैं।
पुलिस थानों के मालखानों में न तो सही सुरक्षा थी और न ही कोई सीसीटीवी (CCTV) कैमरा काम कर रहा था।
आखिर कहां गया करोड़ों का माल?
ज़मीनी हकीकत यह है कि इन ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सैकड़ों करोड़ रुपये आंकी गई है।
जानकारों का सीधा आरोप है कि यह चूहों का काम नहीं, बल्कि किसी बड़े गिरोह की मिलीभगत हो सकती है।
| घटना की ज़रूरी बातें | सीधा विवरण (Details) |
|---|---|
| गायब हुए ड्रग्स का वजन | 2,332 किलोग्राम |
| कुल स्टॉक का हिस्सा | लगभग 35 प्रतिशत |
| खुलासा किसने किया? | कैग (CAG) रिपोर्ट (मार्च-अप्रैल 2026) |
| पुलिस का आधिकारिक जवाब | चूहों ने खा लिए और स्टॉक खराब हो गया |
| राज्य का नाम | गुजरात (Gujarat) |

एक्सपर्ट की राय: अधिकारियों पर दर्ज हो सीधा मुकदमा
कानून और पुलिस प्रशासन के जानकारों का स्पष्ट कहना है कि ऐसी घटनाएं सरकारी व्यवस्था पर बहुत बड़ा सवाल खड़े करती हैं।
अगर मालखाने से सबूत ही गायब हो जाएंगे, तो कोर्ट में अपराधियों को सजा कैसे मिलेगी?
सरकार को तुरंत एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच समिति बनानी चाहिए। जिन अधिकारियों की नाक के नीचे यह करोड़ों का माल गायब हुआ है, उन पर सीधा मुकदमा चलना चाहिए।
गुजरात में ड्रग्स गायब होने के मामले से जुड़े 3 बड़े सवाल (FAQs)
गुजरात पुलिस के मालखाने से कुल कितने किलो ड्रग्स गायब हुए हैं?
हाल ही में आई कैग (CAG) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य भर के थानों से कुल मिलाकर 2,332 किलोग्राम जब्त किए गए ड्रग्स पूरी तरह से गायब हो चुके हैं।
पुलिस ने ड्रग्स गायब होने का क्या कारण बताया है?
पुलिस अधिकारियों ने अपने बचाव में अजीबोगरीब तर्क देते हुए कहा है कि मालखाने में रखे हुए इन ड्रग्स को चूहों ने बर्बाद कर दिया और खा लिया।
इस भारी मात्रा में ड्रग्स गायब होने का खुलासा कैसे हुआ?
यह बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की मार्च 2026 की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली की हकीकत दुनिया के सामने रख दी है।

भावेश Tez Khabri के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं। अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं। भावेश जी मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम और शिक्षा से जुड़ी खबरों का नेतृत्व करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर खबर पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो।
