Global Leaders Summit 2026

India AI Impact Expo 2026 के उद्घाटन समारोह के बाद, दोपहर का सत्र पूरी तरह से ‘ग्लोबल लीडर्स’ के नाम रहा। इस सत्र में गूगल (Alphabet) के सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) और ओपनएआई (OpenAI) के सीईओ सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) एक साथ मंच पर नजर आए। एआई की दुनिया के ये दो सबसे बड़े धुरंधर, जो अक्सर प्रतिद्वंद्वी (Rivals) माने जाते हैं, आज भारत के विकास और एआई के भविष्य पर एक सुर में बात करते दिखे।

यह दृश्य किसी विज्ञान कथा फिल्म जैसा था। एक तरफ ‘जेमिनी’ (Gemini) का नेतृत्व करने वाले सुंदर पिचाई, और दूसरी तरफ ‘चैटजीपीटी’ (ChatGPT) के जनक सैम ऑल्टमैन। और उनके बीच में थे भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, जो ‘डिजिटल इंडिया’ को ‘एआई इंडिया’ में बदलने का संकल्प ले चुके हैं।

1. माहौल: जब दुनिया की नजरें दिल्ली पर टिकीं

दोपहर के 2 बजे थे। भारत मंडपम का मुख्य हॉल खचाखच भरा हुआ था। देश के शीर्ष उद्योगपति, युवा स्टार्टअप फाउंडर्स, और आईआईटी (IIT) के छात्र अपनी सीटों पर जमे हुए थे। जैसे ही उद्घोषक ने सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन का नाम लिया, तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हॉल गूंज उठा।

यह सिर्फ एक कॉरपोरेट इवेंट नहीं था; यह एक संकेत था कि तकनीक की दुनिया का गुरुत्वाकर्षण केंद्र (Center of Gravity) अब सिलिकॉन वैली से शिफ्ट होकर नई दिल्ली की तरफ झुक रहा है।

2. सुंदर पिचाई का संबोधन: “इंडिया फर्स्ट” से “एआई फर्स्ट” तक

सबसे पहले मंच संभाला भारत के अपने लाल, सुंदर पिचाई ने। 2026 में गूगल का एआई मॉडल ‘जेमिनी’ (Gemini) अपने सबसे उन्नत स्वरूप में है। सुंदर ने अपनी बात हिंदी में “नमस्ते इंडिया” कहकर शुरू की, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया।

पिचाई के भाषण के 5 बड़े पॉइंट्स:

  1. भाषा अब बाधा नहीं: सुंदर ने घोषणा की कि गूगल का ‘यूनिवर्सल ट्रांसलेटर’ अब भारत की 100 से अधिक बोलियों (Dialects) को रियल-टाइम में समझ सकता है। उन्होंने कहा, “मैं तमिलनाडु के एक गांव में बड़ा हुआ। मुझे पता है कि भाषा की वजह से अवसर खोना कैसा लगता है। आज, एआई की मदद से बिहार का एक बच्चा हिंदी में कोडिंग सीखकर सिलिकॉन वैली की कंपनी के लिए काम कर सकता है।”
  2. एआई फॉर भारत (AI for Bharat): गूगल ने अगले 5 वर्षों में भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए $15 बिलियन (लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की घोषणा की। यह निवेश डेटा सेंटर्स बनाने और भारतीय एआई स्टार्टअप्स को फंड करने में जाएगा।
  3. जेमिनी का ‘मेड इन इंडिया’ वर्जन: सुंदर ने बताया कि जेमिनी का एक हल्का संस्करण (Lite Version) विशेष रूप से भारत के सस्ते स्मार्टफोन्स के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है, जो इंटरनेट के बिना (Offline) भी काम करेगा। यह ग्रामीण भारत के लिए गेम-चेंजर होगा।
  4. कृषि में एआई: उन्होंने एक डेमो दिखाया जिसमें गूगल का एआई सैटेलाइट डेटा का उपयोग करके किसान को बता रहा था कि उसकी फसल में कीड़ा लगने वाला है और उसे आज ही दवा छिड़कनी चाहिए।
  5. भावुक क्षण: अपने भाषण के अंत में सुंदर ने कहा, “अमेरिका ने मुझे अवसर दिया, लेकिन भारत ने मुझे मेरी जड़ें दीं। आज मैं जो कुछ भी हूं, भारत की शिक्षा प्रणाली की वजह से हूं। और अब गूगल, भारत को वापस देने (Giving back) के लिए प्रतिबद्ध है।”
Global Leaders Summit 2026

3. सैम ऑल्टमैन का विजन: “भारत दुनिया की ‘एआई फैक्ट्री’ है”

सुंदर पिचाई के बाद बारी थी सैम ऑल्टमैन की। सैम ऑल्टमैन, जो अपनी सादगी और स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते हैं, ने सीधे मुद्दे की बात की। 2023 में जब वे भारत आए थे, तब एआई की शुरुआत थी। आज 2026 में, एआई परिपक्व हो चुका है।

सैम ऑल्टमैन के बड़े खुलासे:

  1. OpenAI India का मुख्यालय: सैम ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि OpenAI अपना पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग हब बेंगलुरु और गुरुग्राम में खोल रहा है। उन्होंने कहा, “दुनिया के सबसे बेहतरीन एआई शोधकर्ता (Researchers) भारतीय हैं। हम उन्हें अमेरिका बुलाने के बजाय, अब खुद उनके पास आ रहे हैं।”
  2. GPT-6 और भारतीय ज्ञान: सैम ने बताया कि उनका आगामी मॉडल (संभवतः GPT-6) को प्रशिक्षित करने के लिए उन्होंने भारतीय साहित्य, वेदों और उपनिषदों के डिजिटल आर्काइव्स का उपयोग किया है। उन्होंने कहा, “तर्क (Logic) और गणित (Maths) भारत के डीएनए में है। एआई को ‘बुद्धिमान’ बनाने के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा का योगदान अमूल्य है।”
  3. AGI (Artificial General Intelligence) का रोडमैप: सैम ने चेतावनी भी दी और आश्वासन भी। उन्होंने कहा कि हम एजीआई (मानव जैसी बुद्धि वाली मशीन) के बहुत करीब हैं। और भारत, अपनी नैतिक मूल्यों के कारण, एजीआई के लिए नियम (Guardrails) बनाने में दुनिया का नेतृत्व कर सकता है।
  4. सस्ते एआई की गारंटी: उन्होंने वादा किया कि भारतीय छात्रों और डेवलपर्स के लिए OpenAI अपनी API की कीमतें दुनिया भर में सबसे कम रखेगा, ताकि यहाँ इनोवेशन न रुके।

4. द फायरसाइड चैट: मोदी, पिचाई और ऑल्टमैन की जुगलबंदी

भाषणों के बाद एक विशेष सत्र आयोजित किया गया जिसे ‘फायरसाइड चैट’ नाम दिया गया। मंच पर प्रधानमंत्री मोदी, सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन एक साथ बैठे। मॉडरेटर ने जब उनसे सवाल पूछने शुरू किए, तो चर्चा का स्तर बहुत ऊंचा हो गया।

सवाल 1: क्या एआई नौकरियां छीन लेगा?

  • सैम ऑल्टमैन: “नौकरियां खत्म नहीं होंगी, उनका स्वरूप बदलेगा। जैसे कंप्यूटर आने पर टाइपराइटर की नौकरी गई लेकिन डेटा एंट्री की लाखों नौकरियां आईं। एआई इंसान को रिप्लेस नहीं करेगा, बल्कि जो इंसान एआई का उपयोग करेगा, वह दूसरे इंसान को रिप्लेस करेगा।”
  • सुंदर पिचाई: “भारत के संदर्भ में, एआई एक ‘असिस्टेंट’ है। सोचिए एक डॉक्टर के बारे में जो एआई की मदद से दिन में 100 मरीजों को देख सकता है, जबकि पहले वह सिर्फ 20 देख पाता था। एआई उत्पादकता (Productivity) बढ़ाएगा।”
  • पीएम मोदी: “हमारा मंत्र है – Skilling, Reskilling और Upskilling। भारत का युवा एआई से डरता नहीं, वह एआई को अपनाता है।”

सवाल 2: डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) और प्राइवेसी

  • यह एक तीखा सवाल था। भारत का डेटा भारत में रहना चाहिए या नहीं?
  • सुंदर और सैम दोनों ने सहमति जताई कि भारत का ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट’ (DPDP) एक बेहतरीन मॉडल है। उन्होंने वादा किया कि भारतीयों का संवेदनशील डेटा भारतीय सर्वर पर ही प्रोसेस होगा।

सवाल 3: भारत का अगला बड़ा कदम क्या होना चाहिए?

  • सैम ऑल्टमैन: “भारत को अब सिर्फ सॉफ्टवेयर सर्विस (TCS/Infosys मॉडल) पर नहीं, बल्कि ‘प्रोडक्ट क्रिएशन’ पर ध्यान देना चाहिए। भारत को अपना गूगल और अपना ओपनएआई बनाना चाहिए।” (हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट)
  • सुंदर पिचाई: “हार्डवेयर। भारत को अब सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन में एआई का उपयोग करके आत्मनिर्भर बनना होगा।”
Global Leaders Summit 2026

5. रणनीतिक साझेदारी: प्रतिस्पर्धा के बीच सहयोग

इस समिट की सबसे बड़ी खबर यह रही कि गूगल और ओपनएआई, जो वैश्विक स्तर पर कट्टर प्रतिस्पर्धी हैं, भारत में एक साझा मिशन के लिए साथ आए हैं।

‘India AI Alliance’ (IAA): मंच से एक नई पहल की घोषणा की गई – ‘इंडिया एआई एलायंस’।

  • उद्देश्य: भारत के 10 लाख सरकारी स्कूल शिक्षकों को एआई टूल्स का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित करना।
  • भागीदारी: गूगल अपना प्लेटफॉर्म देगा और ओपनएआई अपना ट्रेनिंग मॉडल।
  • फंडिंग: दोनों कंपनियां मिलकर इसमें निवेश करेंगी।

यह दुनिया में पहली बार है जब ये दोनों दिग्गज किसी देश के सार्वजनिक क्षेत्र (Public Sector) के लिए हाथ मिला रहे हैं। यह भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ का प्रमाण है।

6. स्टार्टअप्स के लिए खजाना

ऑडियंस में बैठे सैकड़ों स्टार्टअप फाउंडर्स के लिए यह दिन दीवाली जैसा था।

  • Google for Startups India: सुंदर पिचाई ने घोषणा की कि वे 500 भारतीय एआई स्टार्टअप्स को क्लाउड क्रेडिट्स और मेंटरशिप देंगे।
  • OpenAI Fund: सैम ऑल्टमैन ने कहा कि वे भारत के उन स्टार्टअप्स में निवेश करना चाहते हैं जो स्वास्थ्य, शिक्षा और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की समस्याओं को एआई से सुलझा रहे हैं।

एक वायरल पल: सत्र के दौरान, एक 19 वर्षीय कश्मीरी लड़की ने सैम ऑल्टमैन से पूछा, “सर, मैंने एक एआई मॉडल बनाया है जो पश्मीना शॉल के डिजाइन बनाता है। क्या आप इसे देखेंगे?” सैम ने मंच से ही उसे बुलाया, उसका डेमो देखा और वहीं के वहीं उसे सीड फंडिंग का ऑफर दे दिया। यह पल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

7. वैश्विक प्रतिक्रिया: सिलिकॉन वैली से चीन तक हलचल

जैसे ही दिल्ली से ये खबरें बाहर आईं, पूरी दुनिया में इसकी चर्चा शुरू हो गई।

  • एलन मस्क (Elon Musk): उन्होंने ‘X’ (ट्विटर) पर पोस्ट किया: “भारत अब सोता हुआ हाथी नहीं है, वह एआई का दौड़ता हुआ शेर है। सही दिशा में कदम।”
  • चीन: चीनी मीडिया ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने एक संपादकीय लिखा जिसमें चिंता जताई गई कि एआई की दौड़ में भारत, अमेरिका के साथ मिलकर चीन को पीछे छोड़ रहा है।
  • वॉल स्ट्रीट: नैस्डैक (Nasdaq) पर भारतीय टेक कंपनियों के शेयरों में उछाल देखा गया।
Global Leaders Summit 2026

8. 2026 और उससे आगे: भारत का भविष्य

इस समिट ने यह साफ कर दिया है कि एआई के भविष्य की पटकथा भारत के बिना नहीं लिखी जा सकती।

विशेषज्ञों का विश्लेषण: टेक एनालिस्ट्स का मानना है कि सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन का एक साथ आना कोई संयोग नहीं है।

  1. डेटा: एआई को ‘भूख’ लगती है डेटा की। और 1.5 अरब आबादी वाला भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेटा उत्पादक है।
  2. डेवलपर्स: गिटहब (GitHub) के आंकड़ों के अनुसार, 2026 में दुनिया के सबसे ज्यादा एआई डेवलपर्स भारत में हैं।
  3. बाजार: जब एआई प्रोडक्ट्स बन जाएंगे, तो उन्हें बेचेगा कौन? भारत का मध्यम वर्ग दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है।

9. आम भारतीय के लिए संदेश

इस हाई-प्रोफाइल इवेंट का निचोड़ एक आम रिक्शा वाले, छात्र या गृहिणी के लिए क्या है?

  • शिक्षा: अब भाषा और भूगोल (Location) अच्छी शिक्षा के आड़े नहीं आएंगे। एआई ट्यूटर हर घर में पहुंचेगा।
  • स्वास्थ्य: महंगी जांचें सस्ती होंगी और एआई की मदद से बीमारी का इलाज सटीक होगा।
  • अवसर: अगर आप कोडिंग नहीं जानते, तो भी आप एआई का उपयोग करके अपना बिजनेस बढ़ा सकते हैं।

सुंदर पिचाई ने जाते-जाते कहा था, “अगला स्टीव जॉब्स या बिल गेट्स अमेरिका से नहीं, बल्कि भारत के किसी छोटे शहर से निकलेगा, और उसके हाथ में एआई की ताकत होगी।”

भारत का समय (India’s Moment)

16 फरवरी 2026 की यह शाम जब ढली, तो भारत मंडपम जगमगा रहा था, लेकिन उससे ज्यादा जगमगा रही थीं वहां मौजूद युवाओं की आंखें। सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन की मौजूदगी ने उनके सपनों को पंख दे दिए हैं।

यह समिट सिर्फ नेताओं का मिलना नहीं था, यह पूरब और पश्चिम का मिलन था। यह तकनीक और परंपरा का मिलन था। और सबसे बढ़कर, यह इस विश्वास की मुहर थी कि 21वीं सदी एआई की सदी है, और एआई का भविष्य भारत है।

क्या आप तैयार हैं इस नई दुनिया के लिए?

जय हिन्द!

By Vivan Verma

विवान तेज खबरी (Tez Khabri) के समाचार रिपोर्टर हैं, जो ब्रेकिंग न्यूज़ और राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करते हैं। विवान तथ्यात्मक रिपोर्टिंग और तेज अपडेट के लिए जाने जाते हैं और प्रशासनिक व जनहित से जुड़े मामलों पर नियमित लेखन करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *