Epstein Files Update

जब ‘साजिश’ हकीकत बनकर सामने आई

क्या अमीर और ताकतवर लोग कानून से ऊपर होते हैं? क्या दुनिया के सबसे रसूखदार लोग – राष्ट्रपति, राजकुमार, वैज्ञानिक और हॉलीवुड सितारे – एक ऐसे नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं जो मासूमों के शोषण पर टिका था? सालों तक यह बातें दबी जुबान में कही जाती थीं, इसे ‘कॉन्सपिरेसी थ्योरी’ (Conspiracy Theory) कहकर खारिज कर दिया जाता था। लेकिन जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) की काली दुनिया के दरवाजे जब खुले, तो हकीकत कल्पना से भी ज्यादा भयानक निकली।

3 फरवरी 2026 की तारीख एक बार फिर चर्चा में है। जेफरी एपस्टीन मामले से जुड़े अदालती दस्तावेजों की एक और किश्त (Tranche) या कहें तो ‘अपડેટ’ चर्चा का विषय बनी हुई है। साल 2024 की शुरुआत में जब पहली बार न्यायाधीश लोरेटा प्रेस्का के आदेश पर हजारों पन्नों से ‘सील’ हटी थी, तब दुनिया सन्न रह गई थी। अब, जैसे-जैसे इस मामले की परतें और गहरी होती जा रही हैं और पुराने दस्तावेजों का नया विश्लेषण सामने आ रहा है, हमें उस ‘मकड़जाल’ की पूरी तस्वीर दिखाई देने लगी है।

यह कहानी सिर्फ एक यौन अपराधी की नहीं है। यह कहानी उस ‘सिस्टम’ की है जिसने उसे दशकों तक बचाया। यह कहानी गिलेन मैक्सवेल (Ghislaine Maxwell) की है, जिसने एक महिला होकर महिलाओं के खिलाफ अपराधों का साम्राज्य चलाया।

भाग 1: आखिर क्या हैं ये ‘Epstein Files’? (The Context)

इन 10 खुलासों पर जाने से पहले, यह समझना जरूरी है कि ये फाइलें आखिर हैं क्या और ये अब क्यों बाहर आ रही हैं?

जेफरी एपस्टीन, एक अरबपति फाइनेंशियर, जिस पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी और यौन शोषण का आरोप था, उसने 2019 में जेल में आत्महत्या कर ली थी (जो अपने आप में एक रहस्य है)। लेकिन उसकी मौत के साथ सच दफन नहीं हुआ। उसकी मुख्य सहयोगी और पूर्व प्रेमिका, गिलेन मैक्सवेल, को 2021 में दोषी ठहराया गया और 20 साल की सजा सुनाई गई।

यह दस्तावेज वर्जीनिया ज्यूफ्रे (Virginia Giuffre) द्वारा 2015 में गिलेन मैक्सवेल के खिलाफ दायर किए गए मानहानि (Defamation) के मुकदमे का हिस्सा हैं। सालों तक इन दस्तावेजों में शामिल नामों को ‘J. Doe’ (अज्ञात) रखा गया था। लेकिन कोर्ट ने आदेश दिया कि जनता को सच जानने का अधिकार है।

इसलिए, इन फाइलों में गवाहों के बयान, पुलिस रिपोर्ट, फ्लाइट लॉग्स और ईमेल शामिल हैं। महत्वपूर्ण नोट: किसी का नाम इन फाइलों में होने का मतलब यह नहीं है कि वह दोषी है। कई लोग सिर्फ गवाह हैं, या एपस्टीन के साथ सफर करने वाले लोग हैं। लेकिन कुछ नाम बेहद गंभीर आरोपों से घरे हैं।

Epstein Files Update

भाग 2: अब तक के 10 सबसे बड़े और विस्फोटक खुलासे (Top 10 Revelations)

आइए अब नजर डालते हैं उन 10 बिंदुओं पर जिन्होंने दुनिया भर में तहलका मचा दिया है।

1. प्रिंस एंड्रयू और ‘कठपुतली’ वाला कांड (Prince Andrew & The Puppet)

इन दस्तावेजों में सबसे ज्यादा नुकसान अगर किसी की प्रतिष्ठा को हुआ है, तो वे हैं ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू।

  • आरोप: वर्जीनिया ज्यूफ्रे ने पहले ही आरोप लगाया था कि एपस्टीन और मैक्सवेल ने उन्हें प्रिंस एंड्रयू के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था जब वह नाबालिग थीं। दस्तावेजों में जोहाना जोबर्ग (Johanna Sjoberg) की गवाही ने इसे और पुख्ता कर दिया।
  • पुतला विवाद: जोबर्ग ने अपनी गवाही में एक बेहद अजीबोगरीब घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एपस्टीन के मैनहट्टन वाले घर में प्रिंस एंड्रयू आए थे। वहां ‘स्पिटिंग इमेज’ (Spitting Image) शो का प्रिंस एंड्रयू जैसा दिखने वाला एक पुतला (Puppet) रखा था।
  • खुलासा: जोबर्ग ने कहा, “प्रिंस ने वह पुतला अपनी गोद में रखा और फिर मेरा (जोबर्ग का) स्तन (Breast) छुआ, यह सब मजाक-मजाक में हो रहा था और वहां मौजूद लोग हंस रहे थे।”
  • प्रभाव: एक रॉयल फैमिली के सदस्य का ऐसा व्यवहार दस्तावेजों में दर्ज होना शर्मनाक था। इसने प्रिंस एंड्रयू द्वारा दिए गए उस इंटरव्यू की धज्जियां उड़ा दीं जिसमें उन्होंने कहा था कि वे एपस्टीन को बमुश्किल जानते थे।

2. पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन: “उन्हें कम उम्र की लड़कियां पसंद हैं”

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का नाम दस्तावेजों में 50 से ज्यादा बार आया है। हालांकि, उन पर किसी अवैध कृत्य का सीधा आरोप नहीं लगा है, लेकिन एपस्टीन के साथ उनकी निकटता सवालों के घेरे में है।

  • गવાહી: जोहाना जोबर्ग ने गवाही में कहा कि एक बार जेफरी एपस्टीन ने उनसे कहा था, “क्लिंटन को वो पसंद हैं जो कम उम्र की हैं (He likes them young).” यह बयान बेहद विस्फोटक था।
  • फ्लाइट लॉग्स: क्लिंटन ने एपस्टीन के निजी विमान (जिसे ‘लोलिता एक्सप्रेस’ कहा जाता है) में कई बार यात्रा की थी। क्लिंटन की टीम हमेशा कहती रही है कि वे एपस्टीन के चैरिटी कार्यों के सिलसिले में मिले थे, लेकिन गवाहों के बयान बताते हैं कि एपस्टीन और क्लिंटन के बीच काफी “दोस्ताना” संबंध थे।
  • वैनिटी फेयर की धमकी: एक गवाह ने दावा किया कि एपस्टीन ने एक बार कहा था कि क्लिंटन ने “वैनिटी फेयर” पत्रिका को धमकाया था कि वे एपस्टीन के सेक्स ट्रैफिकिंग पर कोई आर्टिकल न छापें। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

3. डोनाल्ड ट्रम्प: नाम आया, लेकिन आरोप नहीं

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नाम भी दस्तावेजों में आया, लेकिन एक अलग संदर्भ में।

  • गवाही: जोहाना जोबर्ग से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी ट्रम्प के साथ यौन संबंध बनाए या एपस्टीन ने ऐसा करने को कहा, तो उन्होंने साफ कहा – “नहीं”
  • कैसीनो विजिट: एक गवाही में जिक्र है कि एक बार जब एपस्टीन का विमान किसी कारणवश न्यूयॉर्क में लैंड नहीं कर पाया और उन्हें अटलांटिक सिटी जाना पड़ा, तो एपस्टीन ने कहा था, “चलो ट्रम्प के कैसीनो चलते हैं।”
  • निष्कर्ष: ट्रम्प और एपस्टीन पुराने दोस्त थे (पाम बीच के दिनों में), लेकिन बाद में उनके रिश्ते खराब हो गए थे। दस्तावेजों में ट्रम्प के खिलाफ कोई भी ‘Incriminating’ (अपराध सिद्ध करने वाला) सबूत नहीं मिला।
Epstein Files Update

4. स्टीफन हॉकिंग और ‘ओर्गी’ वाली थ्योरी (Stephen Hawking & The Underage Allegations)

महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का नाम इन फाइलों में आना पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा झटका था।

  • ईमेल: दस्तावेजों में एपस्टीन द्वारा गिलेन मैक्सवेल को भेजा गया एक ईमेल मिला। इसमें एपस्टीन ने लिखा था कि वह वर्जीनिया ज्यूफ्रे के उन दावों को खारिज करने वाले को “इनाम” देगा, जिसमें कहा गया था कि स्टीफन हॉकिंग ने एपस्टीन के प्राइवेट आईलैंड पर ‘कम उम्र की लड़कियों के साथ ओर्गी (Orgy)’ में हिस्सा लिया था।
  • सच्चाई: हॉकिंग 2006 में एक विज्ञान सम्मेलन के लिए उस द्वीप के पास गए थे और एपस्टीन के द्वीप पर लंच (BBQ) के लिए गए थे। तस्वीरें भी मौजूद हैं।
  • रहस्य: एपस्टीन का यह ईमेल यह साबित करने की कोशिश थी कि हॉकिंग निर्दोष हैं, लेकिन जिस तरह से उसने यह लिखा, उससे पता चलता है कि एपस्टीन अपनी काली करतूतों को छिपाने के लिए बड़े नामों का इस्तेमाल ढाल (Shield) की तरह करता था।

5. माइकल जैक्सन: पाम बीच की वो मुलाकात

पॉप किंग माइकल जैक्सन का नाम भी इन फाइलों में उभरा।

  • गवाही: जोहाना जोबर्ग ने बताया कि वह पाम बीच (फ्લોरिडा) स्थित एपस्टीन के घर पर माइकल जैक्सन से मिली थीं।
  • क्या हुआ था? जब वकील ने पूछा कि क्या उन्होंने जैक्सन को कोई मसाज दी या कुछ गलत हुआ, तो जोबर्ग ने कहा – “नहीं, मैंने ऐसा कुछ नहीं किया।”
  • संदर्भ: यह नाम आना चौंकाने वाला था, लेकिन गवाहों के मुताबिक जैक्सन वहां आए जरूर थे, पर दस्तावेजों में उनके द्वारा किसी दुर्व्यવहार का जिक्र नहीं है।

6. डेविड कॉपरफील्ड और ‘जादू’ का डर

मशहूर जादूगर डेविड कॉपरफील्ड भी एपस्टीन के मेहमानों की लिस्ट में थे।

  • डিনার: एक गवाह ने बताया कि वह कॉपरफील्ड के साथ एक डिनर पर गई थी जो एपस्टीन के घर पर हुआ था।
  • खुલાसा: कॉपरफील्ड ने वहां मौजूद लड़कियों से कुछ जादू की ट्रिक्स दिखाई थीं। गवाह ने दावा किया कि कॉपरफील्ड ने उससे पूछा था कि “क्या तुम्हें पता है कि लड़कियों को दूसरी लड़कियों को ઢૂંઢने के लिए पैसे मिलते हैं?”
  • महत्व: यह बयान साबित करता है कि एपस्टीन का ‘रिक्रूटमेंट सिस्टम’ (लड़कियों द्वारा लड़कियां लाना) कोई गुप्त बात नहीं थी, बल्कि उसके हाई-प्रोफाइल मेहमानों को भी इसकी भनक थी, फिर भी सब चुप रहे।

7. लड़कियों को ‘भर्ती’ करने का भयावह सिस्टम (Recruitment Pyramid)

दस्तावेजों ने यह साफ कर दिया कि एपस्टीन अकेला नहीं था। उसने एक पूरा ‘पिरामिड सिस्टम’ बना रखा था।

  • तरीका: वह पहले किसी जरूरतमंद या महत्वाकांक्षी लड़की को फंसाता था। फिर उस लड़की को मजबूर करता था कि वह अपनी सहेलियों या स्कूल की अन्य लड़कियों को ‘मसाज’ के बहाने ले आए।
  • इनाम: हर नई लड़की लाने पर 200 डॉलर दिए जाते थे।
  • गिलेन मैक्सवेल की क्रૂરता: दस्तावेजों में गवाहों ने बताया कि मैक्सवेल “लेडी ऑफ द हाउस” की तरह बर्ताव करती थी। वह लड़कियों को डराती थी, उन्हें यह महसूस कराती थी कि वे एपस्टीन की ऋણી हैं। यह ‘ग्रूमिंग’ (Grooming) का सबसे वीभत्स रूप था।
Epstein Files Update

8. एल गोर और वैज्ञानिक समुदाय के कनेक्शन

अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति एल गोर (Al Gore) का नाम भी गवाहों के बयानों में आया।

  • हालांकि उन पर किसी कदाचार का आरोप नहीं है, लेकिन यह दिखाता है कि एपस्टीन की पहुंच सिर्फ हॉलीवुड तक नहीं, बल्कि विज्ञान और पर्यावरण जगत के शीर्ष लोगों तक थी।
  • एपस्टीन खुद को ‘विज्ञान प्रेमी’ (Science Philanthropist) के रूप में प्रोजेक्ट करता था ताकि वह अपनी छवि सुधार सके। एमआईटी (MIT) और हार्वर्ड के कई प्रोफेसर्स के साथ उसके संबंधों का कच्चा चिट्ठा इन फाइलों में है।

9. गवाहों को चुप कराने की साजिशें

फाइलों से पता चलता है कि एपस्टीन और मैक्सवेल ने पीड़ितों को चुप कराने के लिए किस हद तक दबाव बनाया था।

  • धમકियां: गवाहों ने बताया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। उन्हें कहा जाता था कि एपस्टीन इतना ताकतवर है कि पुलिस भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती (जो उस समय सच भी साबित हुआ था)।
  • झूठे बयान: कुछ गवाहों ने कबूला कि शुरुआत में उन्होंने डर के मारे पुलिस को झूठे बयान दिए थे। इन नए दस्तावेजों में उन झूठे बयानों का खंडन है और असली सच दर्ज है।

10. “वर्जिन आईलैंड” की खौफनाक रातें

एपस्टीन का प्राइवेट आईलैंड ‘लिटल सेंट जेम्स’ (Little St. James), जिसे स्थानीय लोग ‘पीडोफाइल आईलैंड’ कहते थे, वहां क्या होता था, इसका विस्तृत विवरण फाइलों में है।

  • गवाहों ने बताया कि वहां भागने का कोई रास्ता नहीं था। उनके पासपोर्ट ले लिए जाते थे।
  • वहां दिन-रात ‘मसाज’ के नाम पर शोषण होता था। कई हाई-प्रोफाइल लोग वहां आते थे और अपनी ‘फैंटेसी’ पूरी करके चले जाते थे, जबकि लड़कियां वहां कैद रहती थीं।

भाग 3: ‘एनेबलर्स’ (Enablers) – जिन्होंने आंखें मूंद लीं

इन खुलासों में सबसे डरावनी बात यह नहीं है कि एपस्टीन क्या कर रहा था, बल्कि यह है कि कितने लोग यह जानते थे और चुप रहे।

  • होटल स्टाफ और पायलट: एपस्टीन के पायलट, रसोइye और हाउसकीपर्स ने सब कुछ देखा था। फाइलों में उनके बयान हैं कि कैसे विमान में लड़कियां लाई जाती थीं। लेकिन पैसों और ‘नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट’ (NDA) ने उनके मुंह बंद रखे।
  • मॉडलिंग एजेंसियां: दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि कुछ मॉडलिंग स्काउट्स ने जानबूझकर लड़कियों को एपस्टीन के पास भेजा, यह जानते हुए कि उनका भविष्य क्या होगा।

भाग 4: मनोविज्ञान – आखिर इतना बड़ा रसूख क्यों?

सवाल उठता है कि इतने बड़े लोग एपस्टीन के जाल में क्यों फंसे?

  1. ब्लैकमेल (Blackmail): कई विश्लेषकों का मानना है कि एपस्टीन अपने हर घर में (न्यूयॉर्क, पाम बीच, आईलैंड) हिडन कैमरे रखता था। वह इन रसूखदार लोगों को आपत्तिजनक स्थिति में रिकॉर्ड करता था ताकि वे कभी उसके खिलाफ न जा सकें। (हालांकि, दस्तावेजों में ‘टेप्स’ की पुष्टि अभी तक स्पष्ट रूप से नहीं हुई है, लेकिन गवाहों ने कैमरों का जिक्र किया है)।
  2. पैसे का नशा: एपस्टीन लोगों को महंगे तोहफे, प्राइवेट जेट की सवारी और विज्ञान के नाम पर फंडिंग देकर खरीद लेता था।

भाग 5: अब आगे क्या? (Legal Implications)

इन दस्तावेजों के सार्वजनिक होने के बाद क्या होगा? क्या किसी और को जेल होगी?

  • सिविल मुकदमे: जिन लोगों के नाम इन फाइलों में आए हैं और उन पर शोषण के आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ दीवानी मुकदमे (Civil Lawsuits) दायर हो सकते हैं।
  • प्रतिष्ठा का पतन: प्रिंस एंड्रयू जैसे लोग अपनी साख पूरी तरह खो चुके हैं। बिल क्लिंटन की विरासत पर भी दाग लग गया है।
  • नई जांच की मांग: अमेरिका में एफबीआई (FBI) पर दबाव बढ़ रहा है कि एपस्टीन के उन सहयोगियों की जांच की जाए जो अभी तक बचे हुए हैं। लोग पूछ रहे हैं – “सिर्फ गिलेन मैक्सवेल ही जेल में क्यों है? वो ‘क्लाइंट्स’ कहां हैं जिन्होंने इन सेवाओं का लाभ उठाया?”

भाग 6: मीडिया की भूमिका – मियामी हेराल्ड का साहस

इस पूरे मामले में मीडिया की एक सकारात्मक भूमिका भी सामने आई है। जूલી के. ब्राउन (Julie K. Brown), मियामी हेराल्ड की रिपोर्टर, जिन्होंने 2018 में इस मामले को दोबारा जिंदा किया। अगर उनकी रिपोर्टिंग न होती, तो 2008 की उस शर्मनाक ‘प्ली डील’ (Plea Deal) के बाद एपस्टीन हमेशा के लिए आजाद रहता। ये दस्तावेज उनकी और पीड़ितों की हिम्मत का ही नतीजा हैं।

भाग 7: सामाजिक प्रभाव – #MeToo से आगे

एपस्टीन फाइलों का खुलना #MeToo आंदोलन का अगला चरण है।

  • यह बताता है कि यौन शोषण सिर्फ दफ्तरों या फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है, यह सत्ता के उच्चतम गलियारों में भी व्याप्त है।
  • यह हमें सिखाता है कि “पीड़ित पर विश्वास करो” (Believe the victim) का सिद्धांत कितना महत्वपूर्ण है। वर्जीनिया ज्यूफ्रे को सालों तक ‘पागल’ और ‘लालची’ कहा गया, लेकिन अंततः वह सही साबित हुईं।

न्याय अभी अधूरा है

3 फरवरी 2026 तक, जेफरी एपस्टीन फाइलों से जुड़े कई दस्तावेज सार्वजनिक हो चुके हैं। हमने 10 बड़े खुलासों पर चर्चा की, लेकिन यह कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।

सच्चाई यह है कि एपस्टीन और मैक्सवेल सिर्फ मोहरे थे या सरगना, यह बहस का विषय है। लेकिन जिन “ग्राहकों” (Clients) ने मासूम बचपन को रौंदा, उनमें से अधिकतर आज भी आजाद घूम रहे हैं, अपनी हवेलियों में सुरक्षित हैं।

ये दस्तावेज सिर्फ कागज के टुकड़े नहीं हैं; ये एक आईना हैं हमारे समाज के दोहरे चरित्र का। एक तरफ हम नैतिकता की बात करते हैं, और दूसरी तरफ हम ताकतवर लोगों के अपराधों को नजरअंदाज कर देते हैं।

जब तक इस ‘ब्लैक बुक’ के हर एक दोषी को सजा नहीं मिलती, तब तक वर्जीनिया ज्यूफ्रे और उन जैसी सैकड़ों लड़कियों (जो अब महिलाएं बन चुकी हैं) को पूरा न्याय नहीं मिलेगा।

एपस्टीन फाइलों का सबसे बड़ा सबक यही है: अंधेरा चाहे कितना भी गहरा हो, सच की एक किरण उसे चीरकर बाहर आ ही जाती है।

By Vivan Verma

विवान तेज खबरी (Tez Khabri) के समाचार रिपोर्टर हैं, जो ब्रेकिंग न्यूज़ और राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करते हैं। विवान तथ्यात्मक रिपोर्टिंग और तेज अपडेट के लिए जाने जाते हैं और प्रशासनिक व जनहित से जुड़े मामलों पर नियमित लेखन करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *