CBSE Board Exams Gujarat

आज, 17 फरवरी 2026 की सुबह गुजरात के हजारों घरों में एक अलग ही हलचल थी। कहीं दही-चीनी खाकर बच्चे घर से निकल रहे थे, तो कहीं माता-पिता भगवान के सामने हाथ जोड़कर अपने बच्चों की सफलता की कामना कर रहे थे। जी हाँ, आज से सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं।

पूरे भारत के साथ-साथ, गुजरात राज्य के करीब 80,000 छात्र आज इस ‘शिक्षा के महाकुंभ’ में अपनी आहुति देने जा रहे हैं। यह सिर्फ एक परीक्षा नहीं है, बल्कि सालों की मेहनत, सपनों और उम्मीदों का एक दस्तावेज है। अहमदाबाद से लेकर सूरत तक, और वडोदरा से लेकर राजकोट तक, हर सीबीएसई स्कूल के बाहर आज एक मेले जैसा माहौल है।

1. गुजरात में परीक्षा का आगाज: आंकड़े और माहौल

गुजरात बोर्ड (GSEB) के छात्र जहां अपनी परीक्षाओं का इंतजार कर रहे हैं, वहीं CBSE के छात्रों के लिए रणभेरी बज चुकी है।

आंकड़ों का खेल:

  • कुल छात्र: लगभग 80,000 (कक्षा 10 और 12 मिलाकर)।
  • मुख्य केंद्र: अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट, जामनगर, गांधीनगर और भावनगर।
  • केंद्रों की संख्या: राज्य भर में 300 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

सुबह का नजारा: आज सुबह 9:00 बजे से ही स्कूलों के बाहर भीड़ जमा होने लगी थी।

  • अहमदाबाद: एस.जी. हाईवे और ड्राइव-इन रोड पर स्थित स्कूलों के बाहर कारों की लंबी कतारें देखी गईं। पुलिस ने ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए बैरिकेडिंग की थी।
  • सूरत: वेसू और अडाजण इलाके में अभिभावक अपने बच्चों को ‘गुड लक’ विश करते नजर आए।
  • वडोदरा: यहां के कई केंद्रों पर छात्रों का स्वागत तिलक लगाकर और गुलाब का फूल देकर किया गया, ताकि उनका तनाव कम हो सके।

2. 80,000 सपने और एक प्रश्नपत्र

जब हम कहते हैं कि 80,000 छात्र परीक्षा दे रहे हैं, तो इसका मतलब है कि 80,000 परिवार इस प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। गुजरात में पिछले कुछ वर्षों में CBSE स्कूलों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। पहले जहां गुजराती माध्यम का बोलबाला था, अब अभिभावक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं (JEE/NEET) को ध्यान में रखते हुए CBSE को प्राथमिकता दे रहे हैं।

छात्रों की प्रतिक्रिया (Exam Center Live):

  • रिया पटेल (कक्षा 10, अहमदाबाद): “थोड़ा डर लग रहा है, लेकिन तैयारी पूरी है। मम्मी ने सुबह दही-चीनी खिलाई है, तो सब अच्छा ही होगा।”
  • आर्यन शाह (कक्षा 12, सूरत): “यह मेरा आखिरी स्कूल एग्जाम है। प्रेशर है, लेकिन मैं इसे एन्जॉय करना चाहता हूं। फिजिक्स के पेपर की थोड़ी चिंता है, आज का पेपर (एंटरप्रेन्योरशिप/पेंटिंग आदि) तो आसान होगा।”
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3. ‘मिशन 10 AM’: ट्रैफिक और मौसम की चुनौती

कल ही हमने अपने ब्लॉग में बताया था कि गुजरात के मौसम विभाग ने ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है और उत्तर/मध्य गुजरात में मावठ (बेमौसम बारिश) की संभावना है। आज परीक्षा के पहले दिन छात्रों को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ा।

1. ट्रैफिक जाम: अहमदाबाद और सूरत जैसे महानगरों में सुबह के पीक आवर (Office Hours) और स्कूल टाइमिंग एक साथ होने के कारण कई जगहों पर जाम की स्थिति बनी। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस ने सराहनीय काम किया और छात्रों को प्राथमिकता दी। कई जगहों पर ‘ग्रीन कॉरिडोर’ जैसी व्यवस्था अनौपचारिक रूप से देखने को मिली।

2. बदलता मौसम: सुबह हवा में ठंडक थी, लेकिन दोपहर होते-होते उमस बढ़ सकती है।

  • सलाह: जो छात्र अब घर से निकल रहे हैं या कल के पेपर की तैयारी कर रहे हैं, वे अपने साथ पानी की पारदर्शी बोतल और छाता/रेनकोट जरूर रखें। मौसम कभी भी करवट ले सकता है। बीमारी से बचना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

4. परीक्षा केंद्र के अंदर: क्या चल रहा है अभी?

अभी घड़ी में 11:00 बज चुके हैं। परीक्षा शुरू हुए आधा घंटा बीत चुका है। आइए जानते हैं कि केंद्र के अंदर की प्रक्रिया क्या रही।

  • 9:30 AM – 10:00 AM: छात्रों की एंट्री हुई। एडमिट कार्ड और स्कूल आईडी की सघन जांच की गई। स्मार्ट वॉच और मोबाइल फोन बाहर ही रखवा लिए गए।
  • 10:00 AM: मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। जो छात्र 10:01 पर पहुंचे, उन्हें (नियमों के अनुसार) प्रवेश नहीं दिया गया। (यह बहुत दुखद होता है, इसलिए समय का पालन अनिवार्य है)।
  • 10:15 AM: प्रश्नपत्र (Question Paper) वितरित किए गए। छात्रों को पढ़ने के लिए 15 मिनट मिले। यह ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ होता है।
  • 10:30 AM: घंटी बजी और लेखन कार्य शुरू हुआ।

इस समय 80,000 छात्र पूरी एकाग्रता के साथ अपना भविष्य लिख रहे हैं। केंद्रों पर सन्नाटा है, सिर्फ पेन चलने की आवाज आ रही होगी।

5. अभिभावकों (Parents) के लिए ‘सर्वाइवल गाइड’

गुजरात में अभिभावक बच्चों की पढ़ाई को लेकर बहुत भावुक होते हैं। अक्सर देखा जाता है कि बच्चे से ज्यादा टेंशन उनके माता-पिता को होती है। अगर आपका बच्चा परीक्षा दे रहा है, तो अगले 1 महीने तक आपको यह ‘रोल’ निभाना है:

1. तुलना न करें (No Comparison): “बाजू वाले शर्मा जी के बेटे ने 10 घंटे पढ़ाई की” – यह वाक्य आपके बच्चे का आत्मविश्वास तोड़ सकता है। हर बच्चे की क्षमता अलग होती है।

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2. परीक्षा के बाद का व्यवहार: आज जब बच्चा 1:30 बजे पेपर देकर बाहर आएगा, तो उससे यह न पूछें – “पेपर कैसा गया? कितने मार्क्स आएंगे?”

  • इसके बजाय पूछें – “थकान लगी? चल घर जाकर आराम कर।”
  • पेपर का ‘पोस्टमॉर्टम’ न करें। जो हो गया, उसे बदला नहीं जा सकता। अगले पेपर की तैयारी पर फोकस करें।

3. खान-पान (Diet Plan): गुजरात में हम खाने के शौकीन हैं, लेकिन अभी फाफड़ा-जलेबी और तेल वाले भोजन से दूर रहें।

  • बच्चे को हाइड्रेटेड रखें (छाछ, नारियल पानी, नींबू पानी)।
  • हल्का और सुपाच्य भोजन (दाल-चावल, खिचड़ी) दें।

6. CBSE के सख्त नियम: एक रीकैप

आज पहले दिन कुछ केंद्रों से खबरें आई हैं कि कुछ छात्र अपना एडमिट कार्ड भूल गए या पुराने यूनिफॉर्म में आ गए। भविष्य के पेपरों के लिए यह चेकलिस्ट याद रखें:

  • एडमिट कार्ड: इस पर प्रिंसिपल, अभिभावक और छात्र तीनों के हस्ताक्षर होने चाहिए। इसकी 2-3 फोटोकॉपी घर पर भी रखें।
  • यूनिफॉर्म: स्कूल यूनिफॉर्म अनिवार्य है। प्राइवेट छात्रों के लिए हल्के रंग के कपड़े।
  • स्टेशनरी: सिर्फ पारदर्शी पाउच (Transparent Pouch) ही अंदर ले जा सकते हैं। कोई भी प्रिंटेड बॉक्स या ज्योमेट्री बॉक्स अलाउड नहीं है।
  • प्रतिबंधित: स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, डिजिटल आइटम। एनालॉग घड़ी (कांटे वाली) पहन सकते हैं।

7. विषयवार रणनीति: आगे की राह (Roadmap)

आज तो शुरुआत है, असली ‘पिक्चर’ अभी बाकी है। 10वीं और 12वीं के मुख्य विषय आने वाले दिनों में हैं।

कक्षा 10 के लिए:

  • अंग्रेजी (English): अगला बड़ा पेपर। इसमें ग्रामर और फॉर्मेट पर ध्यान दें। स्पेलिंग मिस्टेक से बचें।
  • विज्ञान (Science): डायग्राम्स की प्रैक्टिस करें। फिजिक्स के न्यूमेरिकल्स रोज हल करें।
  • गणित (Maths): NCERT को भगवान मानें। बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर रखें।

कक्षा 12 (Science/Commerce/Arts) के लिए:

  • 12वीं के मार्क्स कॉलेज एडमिशन (खासकर CUET और JEE/NEET) के लिए आधार बनाते हैं।
  • फिजिक्स/केमिस्ट्री: डेरिवेशन और फॉर्मूला शीट दीवार पर चिपका लें।
  • अकाउंट्स/इकोनॉमिक्स: गणना (Calculation) में सावधानी बरतें। एक छोटी गलती पूरा बैलेंस शीट बिगाड़ सकती है।

8. तनाव प्रबंधन: ‘मन की बात’

परीक्षा के दिनों में तनाव (Stress) होना स्वाभाविक है। लेकिन जब यह तनाव परफॉर्मेंस पर असर डालने लगे, तो समस्या है।

छात्रों के लिए टिप्स:

  1. सोशल मीडिया डिटॉक्स: इंस्टाग्राम और स्नैपचैट को 1 महीने के लिए ‘लॉग आउट’ कर दें। दोस्तों के स्टेटस देखने से डिस्ट्रेक्शन होता है।
  2. पावर नैप (Power Nap): लगातार 4-5 घंटे पढ़ने के बजाय, हर 1 घंटे बाद 10 मिनट का ब्रेक लें। दोपहर में 20 मिनट की झपकी दिमाग को रीचार्ज करती है।
  3. सकारात्मक सोच: “मुझसे नहीं होगा” की जगह “मैं अपना बेस्ट दूंगा” सोचें।

हेल्पलाइन: CBSE ने अपनी काउंसलिंग हेल्पलाइन शुरू की है। अगर किसी छात्र को घबराहट हो रही हो, तो वह 1800-11-8004 पर कॉल कर सकता है। गुजरात सरकार की ‘जीवन आस्था’ हेल्पलाइन भी उपलब्ध है।

9. क्या बोर्ड परीक्षा ही सब कुछ है? (The Big Picture)

अंत में, मैं उन 80,000 छात्रों और उनके लाखों अभिभावकों से एक बात कहना चाहता हूं।

बोर्ड परीक्षा महत्वपूर्ण है, यह आपके करियर का एक दरवाजा है। लेकिन यह एकमात्र दरवाजा नहीं है। अगर पेपर खराब जाए, तो दुनिया खत्म नहीं हो जाती।

  • विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर, या अल्बर्ट आइंस्टीन – इनमें से कोई भी बोर्ड टॉपर नहीं था।
  • आज के दौर में स्किल्स (Skills) मार्क्स से ज्यादा मायने रखती हैं।

इसलिए, इस परीक्षा को जीवन-मरण का प्रश्न न बनाएं। इसे एक उत्सव की तरह लें। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें।

चक दे गुजरात!

आज की शुरुआत अच्छी रही है। प्रशासन मुस्तैद है, स्कूल तैयार हैं और छात्र जोश में हैं। गुजरात के 80,000 योद्धा अपनी कलम को तलवार बनाकर युद्ध के मैदान में उतर चुके हैं।

आने वाला एक महीना उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। कभी खुशी होगी (जब पेपर आसान आएगा), कभी गम होगा (जब कोई सवाल छूट जाएगा)। लेकिन याद रखिए, “लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।”

हम हमारी पूरी टीम की तरफ से गुजरात के सभी सीबीएसई छात्रों को ‘All The Best’ कहते हैं। आप अपना सर्वश्रेष्ठ दें, परिणाम अपने आप अच्छा आएगा।

शुभकामनाएं!

By Vivan Verma

विवान तेज खबरी (Tez Khabri) के समाचार रिपोर्टर हैं, जो ब्रेकिंग न्यूज़ और राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को कवर करते हैं। विवान तथ्यात्मक रिपोर्टिंग और तेज अपडेट के लिए जाने जाते हैं और प्रशासनिक व जनहित से जुड़े मामलों पर नियमित लेखन करते हैं।

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