भारतीय अर्थव्यवस्था और राजनीति के गलियारों से एक ऐतिहासिक खबर आ रही है। Budget 2026 न केवल अपनी नीतियों के कारण, बल्कि अपनी प्रस्तुति के समय को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय संसदीय इतिहास में 26 साल बाद यह पहला मौका होगा जब देश का आम बजट रविवार को पेश किया जाएगा।
इस ब्लॉग में हम Budget 2026 और India Budget Sunday से जुड़ी हर उस छोटी-बड़ी जानकारी पर चर्चा करेंगे, जो एक नागरिक, निवेशक और करदाता के तौर पर आपके लिए जानना बेहद जरूरी है।
Budget 2026: रविवार को पेश होकर रचेगा इतिहास
आमतौर पर शनिवार और रविवार को संसद की छुट्टी होती है और शेयर बाजार भी बंद रहता है, इसलिए बजट पेश नहीं किया जाता। लेकिन साल 2026 में 1 फरवरी को रविवार होने के बावजूद सरकार ने परंपरा को बरकरार रखते हुए इसी दिन बजट पेश करने का निर्णय लिया है।

रविवार को बजट पेश करने के पीछे का इतिहास और कारण
भारत में बजट पेश करने की परंपराएं समय के साथ बदलती रही हैं:
- 1999 की याद: आखिरी बार 26 साल पहले साल 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने रविवार को बजट पेश किया था।
- समय में बदलाव: पहले बजट शाम 5 बजे पेश होता था, जिसे 1999 में ही बदलकर सुबह 11 बजे किया गया।
- तारीख में बदलाव: 2017 से पहले बजट फरवरी के आखिरी दिन पेश होता था, लेकिन पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे 1 फरवरी कर दिया ताकि नए वित्त वर्ष (1 अप्रैल) से पहले सभी नीतियां लागू हो सकें।
India Budget Sunday का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छुट्टी का दिन होने के कारण देश का हर व्यक्ति वित्त मंत्री का भाषण लाइव देख सकेगा। साथ ही, शेयर बाजार बंद होने की वजह से बाजार में तुरंत होने वाली उथल-पुथल से बचा जा सकेगा और निवेशकों को प्रावधानों को समझने के लिए 24 घंटे का समय मिलेगा।
Budget 2026 की संभावित मुख्य विशेषताएं (Expected Highlights)
विशेषज्ञों और आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बजट में सरकार ‘विकसित भारत’ के रोडमैप को आगे बढ़ाते हुए कुछ बड़े ऐलान कर सकती है:
1. इनकम टैक्स और मिडिल क्लास को राहत: टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि मानक कटौती (Standard Deduction) की सीमा को मौजूदा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 किया जा सकता है। साथ ही, न्यू टैक्स रिजीम के स्लैब में बदलाव कर ₹15 लाख तक की आय पर टैक्स के बोझ को कम करने की कोशिश हो सकती है।
2. रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: रेलवे के लिए इस बार रिकॉर्ड आवंटन की उम्मीद है। Vande Bharat Sleeper Train और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट्स की गति बढ़ाने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं। साथ ही, नए ‘गति शक्ति’ कॉरिडोर की घोषणा भी संभव है।
3. कृषि और ग्रामीण विकास: किसानों के लिए ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ की राशि में वृद्धि और डिजिटल कृषि मिशन (Digital Agriculture Mission) को बढ़ावा देने के लिए नए फंड की घोषणा हो सकती है। प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता में रहेगा।
4. डिजिटल इंडिया और AI मिशन: भारत को ग्लोबल एआई हब बनाने के लिए स्टार्टअप्स को टैक्स बेनिफिट्स और एआई रिसर्च के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं।

आम आदमी और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
चूंकि बजट रविवार को पेश हो रहा है, इसका सीधा असर सोमवार को शेयर बाजार के खुलने पर दिखेगा।
- शेयर बाजार: रविवार का दिन होने से ब्रोकर और निवेशक बजट के ‘फाइन प्रिंट’ को बारीकी से पढ़ पाएंगे। इससे सोमवार को बाजार में अधिक स्थिरता और तर्कसंगत प्रतिक्रिया की उम्मीद है।
- रोजगार: स्किल इंडिया और एमएसएमई (MSME) सेक्टर के लिए घोषित होने वाली नई योजनाएं युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल सकती हैं।
बजट से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां
- पेपरलेस बजट: 2021 से शुरू हुई डिजिटल बजट की परंपरा इस बार भी जारी रहेगी। वित्त मंत्री टैबलेट के माध्यम से बजट पढ़ेंगी।
- हलवा सेरेमनी: बजट छपाई (अब डिजिटल अपलोडिंग) से पहले होने वाली पारंपरिक ‘हलवा सेरेमनी’ इस बार भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
बजट 2026 में सीनियर सिटीजन्स (वरिष्ठ नागरिकों) के लिए कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक घोषणाएं होने की संभावना जताई जा रही है। बढ़ती महंगाई और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत को देखते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार बुजुर्गों को वित्तीय सुरक्षा और टैक्स में बड़ी राहत दे सकती हैं।
1. आयकर (Income Tax) में बड़ी राहत की उम्मीद
- छूट सीमा में वृद्धि: पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए मूल कर छूट सीमा को ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने की मांग की जा रही है।
- ब्याज आय पर छूट (Section 80TTB): वर्तमान में बैंक और पोस्ट ऑफिस ब्याज पर ₹50,000 की कटौती मिलती है। चर्चा है कि इसे बढ़ाकर ₹1 लाख किया जा सकता है, जिससे एफडी (FD) पर निर्भर बुजुर्गों को सीधा लाभ होगा।
- Standard Deduction: वेतनभोगी बुजुर्गों के लिए मानक कटौती की सीमा में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
2. स्वास्थ्य और बीमा (Health & Insurance) क्षेत्र में बदलाव
- GST से मुक्ति: हालिया सिफारिशों के अनुसार, व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर 18% GST को पूरी तरह खत्म या कम किया जा सकता है, जिससे बीमा खरीदना सस्ता हो जाएगा।
- धारा 80D के तहत अधिक छूट: स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर मिलने वाली ₹50,000 की टैक्स छूट सीमा को बढ़ाकर ₹75,000 या ₹1 लाख किया जा सकता है।
- गंभीर बीमारियों का इलाज (80DDB): कैंसर या अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए खर्च की कटौती सीमा में भी वृद्धि संभव है।
3. निवेश योजनाओं को अधिक आकर्षक बनाना
- Senior Citizen Savings Scheme (SCSS): पिछले बजट में इसकी सीमा ₹30 लाख की गई थी। इस बार इसके तहत मिलने वाले ब्याज को पूरी तरह टैक्स-फ्री करने या इसकी निवेश सीमा को और बढ़ाने पर विचार हो सकता है।
- प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY): इस योजना को एक नए स्वरूप में फिर से लॉन्च किया जा सकता है, जिसमें अधिक ब्याज दर और नियमित पेंशन की गारंटी दी जा सकती है।
4. अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं
- पेंशन में बढ़ोतरी: सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत दी जाने वाली मासिक पेंशन राशि में वृद्धि की संभावना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पात्र बुजुर्गों के लिए ₹9,000 तक की मासिक पेंशन की नई योजना लाई जा सकती है।
- TDS के नियमों में सरलता: वरिष्ठ नागरिकों को रिफंड की लंबी प्रक्रिया से बचाने के लिए टीडीएस कटौती की सीमा (Threshold) को बढ़ाया जा सकता है।
- डिजिटल और यात्रा लाभ: रेलवे और राज्य परिवहन में मिलने वाली रियायतों (Concessions) को फिर से शुरू करने या डिजिटल हेल्थ कार्ड के जरिए मुफ्त चेकअप की सुविधा दी जा सकती है।
