बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कुछ घंटों के भीतर ही दो प्रमुख घटनाओं ने पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। जनवरी, 2026 को दो हिंदू नागरिकों— राणा प्रताप बैरागी और शरत मणि चक्रवर्ती की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
इस सनसनीखेज घटनाक्रम की पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
1. राणा प्रताप बैरागी: पत्रकार और कारोबारी की हत्या
यशौर (Jashore) जिले के मोनिरामपुर में सोमवार शाम करीब 5:45 बजे राणा प्रताप बैरागी को निशाना बनाया गया।

- कौन थे राणा प्रताप: 45 वर्षीय राणा प्रताप एक बर्फ की फैक्ट्री के मालिक थे और स्थानीय समाचार पत्र ‘दैनिक बीडी खबर’ के कार्यवाहक संपादक भी थे।
- कैसे हुई हत्या: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार तीन हमलावर उनकी फैक्ट्री पर आए। उन्होंने राणा को बाहर बुलाया और सिर में करीब से तीन गोलियां मारीं। इतना ही नहीं, हमलावरों ने उनका गला भी रेत दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
2. शरत मणि चक्रवर्ती: किराना दुकानदार पर हमला
राणा प्रताप की हत्या के कुछ ही घंटों बाद, नरसिंगदी (Narsingdi) जिले के पलाश उपजिले में शरत मणि चक्रवर्ती (40) की हत्या कर दी गई।
- घटना का विवरण: शरत मणि रात करीब 10-11 बजे अपनी किराने की दुकान बंद करके घर लौट रहे थे, तभी चारसिंदूर बाजार में अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
- फेसबुक पोस्ट का संबंध: रिपोर्ट्स के अनुसार, शरत ने हाल ही में 19 दिसंबर को फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखी थी, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा पर दुख जताते हुए कहा था कि उनकी जन्मभूमि “मौत की घाटी” बन गई है। आशंका जताई जा रही है कि इसी पोस्ट के कारण उन्हें निशाना बनाया गया।
3. अल्पसंख्यकों में दहशत का माहौल
इन दो ताज़ा हत्याओं ने बांग्लादेश में रह रहे हिंदू समुदाय के भीतर गहरे डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है:
- टारगेट किलिंग: पिछले 18 दिनों के भीतर हिंदू समुदाय के खिलाफ यह छठी बड़ी हत्या है।
- विरोध प्रदर्शन: स्थानीय हिंदू संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इन हत्याओं के खिलाफ न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।
- अंतरराष्ट्रीय चिंता: भारत सरकार और वैश्विक मानवाधिकार संगठनों ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

महत्वपूर्ण विवरणी (Table)
| पीड़ित का नाम | स्थान | पेशा | हमले का तरीका |
| राणा प्रताप बैरागी | यशौर (Jashore) | संपादक व व्यवसायी | गोली मारकर और गला रेतकर |
| शरत मणि चक्रवर्ती | नरसिंगदी (Narsingdi) | किराना दुकानदार | धारदार हथियारों से हमला |
निष्कर्ष:
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे ये हमले एक खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करते हैं। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों को सख्त सजा देने का भारी दबाव है।
