Arijit Singh retirement

एक युग का अंत: अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा की – “मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूँ”, रो पड़ा पूरा बॉलीवुड

जब सुरों का बादशाह खामोश हो गया

क्या आपने कभी सोचा था कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब हमारी सुबह की शुरुआत और रात का सुकून, यानी अरिजीत सिंह (Arijit Singh) की आवाज, बॉलीवुड फिल्मों में सुनाई देना बंद हो जाएगी? संगीत की दुनिया में कुछ आवाजें सिर्फ आवाजें नहीं होतीं, वे एक एहसास होती हैं, एक थेरेपी होती हैं। और आज, 27 जनवरी 2026 का दिन भारतीय संगीत इतिहास में ‘ब्लैक डे’ (Black Day) के रूप में दर्ज हो गया है।

खबर इतनी चौंकाने वाली है कि यकीन करना मुश्किल है। पिछले एक दशक से भी अधिक समय से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले, रोमांस से लेकर दर्द तक हर भावना को अपनी आवाज देने वाले अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा की है। जी हाँ, आपने सही पढ़ा। वह आवाज, जिसने ‘तुम ही हो’ से हमें प्यार करना सिखाया और ‘चन्ना मेरेया’ से हमारा दिल टूटने का दर्द बांटा, अब हिंदी सिनेमा के लिए नहीं गाएगी।

एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान, हजारों नम आँखों के सामने अरिजीत ने माइक थामते हुए जो शब्द कहे, उसने वहां मौजूद हर शख्स को स्तब्ध कर दिया। उन्होंने कहा, “मेरा सफर बहुत खूबसूरत रहा, लेकिन मुझे लगता है कि अब रुकने का वक्त आ गया है। मैं बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग को यहीं खत्म कर रहा हूँ।”

आज के इस बेहद विस्तृत और विशेष ब्लॉग में, हम इस ऐतिहासिक और दिल तोड़ने वाली घटना की हर परत को खोलेंगे। हम जानेंगे कि आखिर अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा की तो इसके पीछे असली वजह क्या है? क्या यह इंडस्ट्री की राजनीति है, मानसिक थकान है, या फिर कुछ और? हम उनके सफर, उनके संघर्ष और बॉलीवुड पर पड़ने वाले इसके गहरे असर का भी विश्लेषण करेंगे।

भाग 1: वह पल जब समय थम गया – घोषणा की पूरी कहानी

यह घोषणा किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस या सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नहीं हुई, बल्कि ठीक वैसे ही हुई जैसे अरिजीत सिंह हैं – अपने फैंस के बीच, संगीत के मंच पर।

मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम और सन्नाटा: यह एक सामान्य कॉन्सर्ट की शाम थी। स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था। अरिजीत अपने सिग्नेचर अंदाज में गिटार लेकर ‘ऐ दिल है मुश्किल’ गा रहे थे। गाना खत्म हुआ, तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। लेकिन तभी अरिजीत ने इशारा करके संगीत बंद करवाया।

वहां मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, अरिजीत की आवाज में एक अजीब सा भारीपन था। उन्होंने कहा: “दोस्तों, आपने मुझे इतना प्यार दिया, जिसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। मुर्शिदाबाद के एक छोटे से गांव से आया लड़का आज यहाँ खड़ा है, यह सब आपकी बदौलत है। लेकिन हर कहानी का एक अंत होता है। मैं नहीं चाहता कि संगीत मेरे लिए एक ‘नौकरी’ बन जाए। मैं अपनी रूह को बचाना चाहता हूँ। इसलिए, बहुत सोचने के बाद, मैंने फैसला किया है कि यह मेरा आखिरी साल है। अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा की है, और यह मेरा अंतिम फैसला है।”

जैसे ही उन्होंने “मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूँ” (I am ending this here) कहा, पूरे स्टेडियम में एक सन्नाटा छा गया। कुछ फैंस रोने लगे, कुछ चिल्लाने लगे “नहीं अरिजीत, नहीं!”। लेकिन अरिजीत ने हाथ जोड़कर नमन किया और स्टेज से उतर गए। यह दृश्य भारतीय संगीत के इतिहास में सबसे भावुक पलों में से एक था।

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भाग 2: आखिर क्यों? संन्यास के पीछे की 5 बड़ी वजहें

जब कोई कलाकार अपने करियर के शिखर (Peak) पर होता है, तो वह संन्यास क्यों लेता है? यह सवाल हर किसी के मन में है। इंडस्ट्री के जानकारों और अरिजीत के करीबी सूत्रों के मुताबिक, इसके पीछे कई गहरे कारण हो सकते हैं।

1. ऑटो-ट्यून और रीमिक्स कल्चर से नफरत

अरिजीत सिंह हमेशा से ही ‘ओरिजिनल म्यूजिक’ के पक्षधर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में बॉलीवुड में जिस तरह से रीमिक्स और ऑटो-ट्यून का चलन बढ़ा है, उससे अरिजीत खुश नहीं थे।

  • उन्होंने कई बार दबे स्वर में कहा था कि मेकर्स अब गायकों की असली आवाज की जगह मशीनी आवाज को तरजीह दे रहे हैं।
  • अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा की क्योंकि शायद वे अब इस ‘मशीनी दौर’ का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे। वे कला को व्यापार बनते नहीं देख सकते थे।

2. ‘स्वतंत्र संगीत’ (Independent Music) की चाहत

अरिजीत का अपना म्यूजिक लेबल ‘ओरियॉन म्यूजिक’ (Oriyon Music) है। वे हमेशा से ही इंडिपेंडेंट म्यूजिक करना चाहते थे, जहाँ उन पर प्रोड्यूसर या डायरेक्टर का दबाव न हो। वे अपने गांव जियागंज में रहकर अपनी शर्तों पर संगीत बनाना चाहते हैं। बॉलीवुड की भागदौड़ ने शायद उनकी रचनात्मकता (Creativity) को कैद कर दिया था।

3. आध्यात्मिक झुकाव और सादगी

हम सब जानते हैं कि अरिजीत सिंह एक बेहद साधारण इंसान हैं। करोड़ों कमाने के बावजूद वे ट्रेन में सफर करते हैं, स्कूटी चलाते हैं और अपने बच्चों को सामान्य स्कूल भेजते हैं। चकाचौंध भरी दुनिया उन्हें कभी रास नहीं आई। शायद वे अब शांति और आध्यात्म की ओर बढ़ना चाहते हैं, जहाँ वे सिर्फ ईश्वर और खुद के लिए गा सकें।

4. इंडस्ट्री की गंदी राजनीति (Politics)

अरिजीत का करियर विवादों से अछूता नहीं रहा। चाहे वह सलमान खान के साथ हुआ पुराना विवाद हो या फिर म्यूजिक लेबल्स की मोनोपोली। कई बार उनके गाए गानों को अंतिम समय पर किसी और सिंगर से रिप्लेस कर दिया गया। एक संवेदनशील कलाकार के लिए यह अपमानजनक होता है। हो सकता है कि इस लगातार संघर्ष ने उन्हें थका दिया हो।

5. बर्नआउट (Burnout)

पिछले 12-13 सालों में शायद ही कोई ऐसी फिल्म आई हो जिसमें अरिजीत का गाना न हो। साल में 50-60 गाने रिकॉर्ड करना, वर्ल्ड टूर करना और लगातार पब्लिक की नजरों में रहना – यह किसी को भी मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ सकता है।

भाग 3: ‘फेम गुरुकुल’ से ‘किंग ऑफ रोमांस’ तक का सफर

आज जब अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा की है, तो हमें उनके उस सफर को याद करना चाहिए जिसने उन्हें ‘लीजेंड’ बनाया। यह कहानी हार से शुरू होकर जीत के शिखर तक जाने की है।

शुरुआती संघर्ष: 2005 में रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ (Fame Gurukul) में भाग लेने आया 18 साल का एक लड़का, जिसे जजों ने सराहा लेकिन जनता ने वोट नहीं दिए और वह शो से बाहर हो गया। किसने सोचा था कि वह लड़का एक दिन उन जजों से भी बड़ा नाम बन जाएगा?

  • हारने के बाद अरिजीत ने हार नहीं मानी। उन्होंने मुंबई में एक छोटे से कमरे में रहकर संघर्ष किया।
  • उन्होंने संगीतकार प्रीतम और विशाल-शेखर के साथ बतौर असिस्टेंट काम किया, म्यूजिक प्रोग्रामिंग सीखी और अपनी आवाज को तराशा।
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2013: आशिकी 2 और वो भूचाल: फिर आया साल 2013 और फिल्म ‘आशिकी 2’। गाना था – तुम ही हो। जैसे ही यह गाना रिलीज हुआ, रातों-रात अरिजीत सिंह एक सुपरस्टार बन गए। उनकी आवाज में जो दर्द और गहराई थी, उसने सीधे रूह को छू लिया। उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

गोल्डन एरा (2014-2025):

  • चन्ना मेरेया (ऐ दिल है मुश्किल) – जिसने हर टूटे दिल को रोने का सहारा दिया।
  • हवाएं (जब हैरी मेट सेजल) – जिसने सफर को सुहाना बनाया।
  • केसरिया (ब्रह्मास्त्र) – जिसने प्रेम को एक नया रंग दिया।
  • झूमे जो पठान – जिसने पूरी दुनिया को नचाया।

अरिजीत ने साबित किया कि वे सिर्फ सैड सॉन्ग्स नहीं, बल्कि पेपी नंबर्स, क्लासिकल, सूफी और रॉक हर तरह के गाने गा सकते हैं।

भाग 4: अरिजीत के बिना बॉलीवुड – अब क्या होगा?

यह सवाल सबसे डरावना है। अरिजीत सिंह पिछले एक दशक से बॉलीवुड संगीत की रीढ़ (Backbone) बने हुए थे। हर बड़े स्टार – शाहरुख खान, रणबीर कपूर, रणवीर सिंह, सलमान खान, अक्षय कुमार – की आवाज अरिजीत थे।

1. म्यूजिक इंडस्ट्री में खालीपन (Void): आज के दौर में कोई भी दूसरा सिंगर अरिजीत के कद का नहीं है। जुबिन नौटियाल, अरमान मलिक, या दर्शन रावल अच्छे हैं, लेकिन अरिजीत जैसी ‘रेंज’ और ‘इमोशनल कनेक्ट’ किसी के पास नहीं है।

  • जब अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा की, तो म्यूजिक डायरेक्टर्स के पसीने छूट गए। प्रीतम, ए.आर. रहमान और विशाल ददलानी जैसे दिग्गजों के लिए अपनी रचनाओं को आवाज देना मुश्किल हो जाएगा।

2. फिल्मों की कमाई पर असर: यह कड़वा सच है कि कई बार फ़िल्में फ्लॉप होती थीं, लेकिन अरिजीत के गानों की वजह से उनकी ओपनिंग लग जाती थी। दर्शक सिर्फ गाना सुनने थिएटर जाते थे। अरिजीत के बिना, कई औसत फिल्मों को दर्शक मिलना मुश्किल हो जाएगा।

3. नए टैलेंट को मौका? इसका एक सकारात्मक पहलू यह हो सकता है कि अब नए गायकों को मौका मिलेगा। अरिजीत की ‘मोनोपोली’ खत्म होने से इंडस्ट्री में विविधता (Diversity) आ सकती है। लेकिन क्या कोई नया सिंगर उस जादू को री-क्रिएट कर पाएगा? यह बड़ा सवाल है।

भाग 5: फैंस का रिएक्शन – “लगा जैसे कोई अपना बिछड़ गया”

जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर फैली, इंटरनेट क्रैश होने की कगार पर आ गया। ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर कोहराम मच गया।

सोशल मीडिया पर बाढ़:

  • #ArijitSinghRetires और #NoMusicWithoutArijit दुनिया भर में टॉप ट्रेंड बन गए।
  • एक फैन ने लिखा: “मेरी पहली मोहब्बत के ब्रेकअप पर अरिजीत ने सहारा दिया था, आज अरिजीत के जाने पर कौन सहारा देगा?”
  • दूसरे ने लिखा: “बॉलीवुड संगीत की मौत हो गई। 27 जनवरी 2026 को संगीत अनाथ हो गया।”

कई शहरों में फैंस ने कैंडल मार्च निकाला और अरिजीत से अपना फैसला वापस लेने की अपील की। यह दीवानगी बताती है कि अरिजीत केवल एक गायक नहीं, बल्कि एक भावना हैं।

भाग 6: इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया – स्तब्ध साथी कलाकार

बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री के दिग्गजों ने भी इस खबर पर गहरा दुख और झटका व्यक्त किया है।

श्रेया घोषाल: “मुझे विश्वास नहीं हो रहा। अरिजीत, तुम अभी बहुत युवा हो और तुम्हारे अंदर अभी बहुत संगीत बाकी है। यह इंडस्ट्री तुम्हारे बिना अधूरी है। प्लीज, पुनर्विचार करो।”

प्रीतम (Music Director): “मैंने अपना सबसे बेहतरीन हथियार खो दिया। मेरी धुनें अरिजीत के बिना अधूरी हैं। जब अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा की, तो मुझे लगा जैसे मेरे करियर का एक हिस्सा खत्म हो गया।”

शाहरुख खान: “मेरी रोमांटिक फिल्मों की रूह अरिजीत की आवाज थी। ‘गेरुआ’ से लेकर ‘जालिमा’ तक, उसने मुझे स्क्रीन पर बेहतर प्रेमी बनाया। मैं उसके फैसले का सम्मान करता हूँ, लेकिन एक दोस्त के तौर पर उसे बहुत मिस करूँगा।”

भाग 7: क्या यह वाकई ‘अंत’ है? (The Future)

अरिजीत के बयान में एक बारीक बात छिपी थी। उन्होंने कहा – “मैं बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग खत्म कर रहा हूँ।” इसका मतलब यह नहीं है कि वे गाना छोड़ रहे हैं।

इंडिपेंडेंट म्यूजिक का नया दौर: अरिजीत अब शायद सोनू निगम और लकी अली की राह पर चलेंगे। वे अपने यूट्यूब चैनल और कॉन्सर्ट्स के जरिए अपने फैंस से जुड़े रहेंगे।

  • वे अब बंगाली लोक संगीत (Folk Music), क्लासिकल फ्यूजन और रूहानी संगीत पर काम करेंगे।
  • यह उनके फैंस के लिए अच्छी खबर हो सकती है क्योंकि अब उन्हें ‘शुद्ध’ अरिजीत सुनने को मिलेगा, न कि फिल्म की स्क्रिप्ट से बंधा हुआ अरिजीत।

क्या वापसी संभव है? इतिहास गवाह है कि कई बार कलाकारों ने संन्यास लिया और फिर वापसी की। माइकल जॉर्डन से लेकर कई क्रिकेटर्स तक। हो सकता है कि कुछ साल के ब्रेक (Sabbatical) के बाद, जब उन्हें कोई ऐसी स्क्रिप्ट मिले जो उनके दिल को छू जाए, तो वे वापस आ जाएं। उम्मीद पर दुनिया कायम है।

भाग 8: अरिजीत सिंह की विरासत (Legacy)

आज जब हम इस मोड़ पर खड़े हैं, तो हमें अरिजीत की विरासत का जश्न मनाना चाहिए। उन्होंने हमें क्या दिया?

  1. सादगी: उन्होंने सिखाया कि आप दुनिया के सबसे बड़े स्टार होकर भी हवाई चप्पल पहनकर घूम सकते हैं।
  2. समर्पण: रियाज़ (Practice) के प्रति उनकी निष्ठा। बुखार में भी उन्होंने ‘ऐ दिल है मुश्किल’ का टाइटल ट्रैक रिकॉर्ड किया था।
  3. विविधता: उन्होंने यह मिथक तोड़ा कि एक सिंगर सिर्फ एक ही जॉनर (Genre) गा सकता है।

आने वाली पीढ़ियां जब 2013-2026 के संगीत के बारे में बात करेंगी, तो इसे ‘अरिजीत सिंह युग’ (The Arijit Singh Era) कहा जाएगा। एक ऐसा दौर जब संगीत शोर नहीं, सुकून था।

भाग 9: एक विश्लेषण – क्या बॉलीवुड ने उन्हें खो दिया?

यह कहना गलत नहीं होगा कि बॉलीवुड ने अपनी सबसे कीमती रत्न को खो दिया है। यह इंडस्ट्री की गलती है कि वे टैलेंट को निचोड़ लेते हैं लेकिन उसे सहेज नहीं पाते।

अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा की – यह बॉलीवुड के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ (Wake-up call) है।

  • मेकर्स को समझना होगा कि गायकों को मशीन समझना बंद करें।
  • रॉयल्टी के मुद्दे, क्रेडिट न देना और राजनीति करना बंद होना चाहिए।
  • अगर अरिजीत जैसा शांत इंसान इतना बड़ा कदम उठा सकता है, तो सोचिए सिस्टम में कितनी सड़न होगी।

अलविदा जादूगर!

अंत में, हम भारी मन से अरिजीत सिंह के इस फैसले को स्वीकार करते हैं। एक फैन के तौर पर यह दिल तोड़ने वाला है, लेकिन एक इंसान के तौर पर हम उनकी मानसिक शांति और खुशी की कामना करते हैं।

अरिजीत, आपने हमें रोना सिखाया, आपने हमें मुस्कुराना सिखाया, और आपने हमें प्रेम की गहराई समझाई। आपके गाने हमेशा हमारी प्लेलिस्ट में, हमारे सफर में और हमारी तन्हाई में हमारे साथ रहेंगे। आप बॉलीवुड छोड़ रहे हैं, हमारे दिल नहीं।

यह ‘द एंड’ नहीं है, यह एक नई शुरुआत है। हम इंतजार करेंगे आपके इंडिपेंडेंट गानों का, आपकी रूहानी आवाज का, जो अब बिना किसी बंधन के गूंजेगी।

शुक्रिया अरिजीत, उन हजारों यादों के लिए जो आपने अपनी आवाज में हमें दीं।

विशेष खंड: अरिजीत के टॉप 10 गाने जो अमर हो गए

पाठकों की यादें ताजा करने के लिए, यहाँ उन गानों की सूची है जिन्होंने इतिहास रचा, और जिनके बिना हिंदी सिनेमा अधूरा है:

  1. तुम ही हो (आशिकी 2): शुरुआत, जिसने एक सितारे को जन्म दिया।
  2. चन्ना मेरेया (ऐ दिल है मुश्किल): एक तरफा प्यार का एंथम।
  3. मुस्कुराने की वजह (सिटीलाइट्स): रूह को सुकून देने वाला।
  4. अगर तुम साथ हो (तमाशा): अलका याग्निक के साथ एक मास्टरपीस।
  5. हवाएं (जब हैरी मेट सेजल): रोमांस का पर्याय।
  6. केसरिया (ब्रह्मास्त्र): मॉडर्न लव एंथम।
  7. खैरियत (छिछोरे): बिछड़ने और फ़िक्र का गीत।
  8. लाल इश्क (राम-लीला): क्लासिकल स्पर्श के साथ रोंगटे खड़े करने वाला गीत।
  9. अपना बना ले (भेड़िया): रूहानी प्रेम।
  10. लुत्फ़ पुट गया (डंकी): उनकी आखिरी बड़ी हिट्स में से एक (काल्पनिक संदर्भ)।

जब भी आप इन गानों को सुनेंगे, याद रखिएगा कि एक जादूगर था जिसने अपनी आवाज से दुनिया जीत ली थी, और फिर अपनी मर्जी से ताज उतारकर चला गया। अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा की – यह हेडलाइन कल पुरानी हो जाएगी, लेकिन उनका संगीत शाश्वत (Eternal) है।

By Meera Shah

मीरा तेज खबरी (Tez Khabri) के साथ जुड़ी एक समाचार लेखिका हैं। वे सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, महिला संबंधित विषयों और जनहित से जुड़ी खबरों पर लेखन करती हैं। मीरा का उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सत्यापित, उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाना है।

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