भारतीय रेलवे, जिसे अक्सर देश की जीवनरेखा कहा जाता है, पिछले कुछ वर्षों में एक अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। भाप के इंजनों से शुरू हुआ यह सफर आज वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों तक आ पहुंचा है। सोशल मीडिया के इस दौर में, आए दिन रेलवे से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो वायरल होते रहते हैं, जो कभी हमें हैरान करते हैं तो कभी गर्व का अनुभव कराते हैं। हाल ही में, इंटरनेट पर एक ऐसा ही वीडियो जंगल की आग की तरह फैल गया है, जिसने न केवल रेल प्रेमियों को बल्कि आम जनता को भी स्तब्ध कर दिया है। यह वीडियो किसी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन का नहीं, बल्कि आम आदमी के लिए शुरू की गई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ की पैंट्री कार का है।
अमृत भारत एक्सप्रेस की पैंट्री कार का यह वायरल वीडियो भारतीय रेलवे की बदलती तस्वीर का एक जीता-जागता सबूत है। वीडियो में दिखाई देने वाली आधुनिक मशीनें, साफ-सफाई और उन्नत तकनीक को देखकर लोग यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि यह एक सामान्य भारतीय ट्रेन का हिस्सा है। इस ब्लॉग पोस्ट में, हम इस वायरल वीडियो की तह तक जाएंगे, पैंट्री कार की एक-एक मशीन का विश्लेषण करेंगे, और समझेंगे कि कैसे यह ट्रेन भारतीय रेलवे के खान-पान सेवाओं में एक नई क्रांति लेकर आई है। हम विस्तार से चर्चा करेंगे कि यह पैंट्री कार पुरानी ट्रेनों से कैसे अलग है, इसमें सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं, और इसका यात्रियों के स्वास्थ्य पर क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
वायरल वीडियो का सच: क्या देखा लोगों ने?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वायरल हो रहे इस वीडियो की शुरुआत पैंट्री कार के दरवाजे से होती है। जैसे ही कैमरा अंदर जाता है, दर्शकों को एक चमकता हुआ, स्टेनलेस स्टील से बना इंटीरियर दिखाई देता है। आमतौर पर, जब हम भारतीय ट्रेनों की पुरानी पैंट्री कारों की कल्पना करते हैं, तो हमारे दिमाग में कालिख लगी दीवारें, पसीने से तर-बतर रसोइye और बड़े-बड़े गैस सिलेंडर की तस्वीरें उभरती हैं। लेकिन, अमृत भारत एक्सप्रेस का यह वीडियो उन सभी धारणाओं को ध्वस्त कर देता है।
वीडियो में दिखाई देता है कि पूरी पैंट्री कार में कहीं भी आग या धुएं का नामोनिशान नहीं है। फर्श बिल्कुल साफ है, और दीवारों पर लगी स्टील की शीटें आईने की तरह चमक रही हैं। वीडियो बनाने वाला शख्स एक-एक करके वहां रखी मशीनों को दिखाता है – बड़े-बड़े बॉयलर, इंडक्शन चूल्हे, डीप फ्रीजर, और बॉटल कूलर। यह दृश्य किसी फाइव-स्टार होटल के किचन जैसा लगता है, न कि किसी चलती हुई ट्रेन का। लोगों के दंग रहने का मुख्य कारण यही है कि एक नॉन-एसी ट्रेन (जो मुख्य रूप से आम जनता के लिए है) में इतनी वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं दी गई हैं।
कमेंट्स सेक्शन में लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे “नए भारत की तस्वीर” कह रहा है, तो कोई इसे “विदेशी ट्रेनों से बेहतर” बता रहा है। यह वीडियो सिर्फ एक किचन का दौरा नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार अब ‘स्लीपर क्लास’ और ‘जनरल क्लास’ के यात्रियों की सुविधाओं पर भी उतना ही ध्यान दे रही है जितना कि प्रीमियम ट्रेनों पर।
अमृत भारत एक्सप्रेस: एक परिचय
पैंट्री कार की गहराइयों में उतरने से पहले, यह समझना जरूरी है कि अमृत भारत एक्सप्रेस आखिर है क्या। भारतीय रेलवे ने प्रीमियम सेगमेंट में ‘वंदे भारत’ जैसी ट्रेनें उतारकर मध्यम और उच्च आय वर्ग के यात्रियों का दिल जीता। लेकिन, देश का एक बड़ा हिस्सा आज भी नॉन-एसी स्लीपर और जनरल कोच में सफर करता है। इन्हीं यात्रियों को ध्यान में रखते हुए ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ की शुरुआत की गई।
यह एक एलएचबी (LHB) पुश-पुश तकनीक पर आधारित ट्रेन है, जिसमें दोनों छोर पर इंजन लगे होते हैं। यह तकनीक ट्रेन को तेजी से गति पकड़ने (acceleration) और रुकने में मदद करती है, जिससे यात्रा का समय कम हो जाता है। यह ट्रेन पूरी तरह से नॉन-एसी है (सर्दियों और सामान्य मौसम के लिए), लेकिन इसकी सुविधाएं किसी भी प्रीमियम एसी ट्रेन से कम नहीं हैं। झटके रहित यात्रा के लिए इसमें सेमी-परमानेंट कप्लर्स लगाए गए हैं। इसी ट्रेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है इसकी आधुनिक पैंट्री कार, जिसे विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्राओं में यात्रियों को ताज़ा और गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

पैंट्री कार का डिज़ाइन और लेआउट: स्पेस मैनेजमेंट का अद्भुत नमूना
वायरल वीडियो में जो सबसे पहली चीज ध्यान खींचती है, वह है पैंट्री कार का डिज़ाइन। एक ट्रेन के कोच के सीमित स्थान (space) में इतनी सारी मशीनों को व्यवस्थित करना इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन उदाहरण है।
स्टेनलेस स्टील का उपयोग: पूरी पैंट्री कार का इंटीरियर उच्च गुणवत्ता वाले स्टेनलेस स्टील से बनाया गया है। इसके कई फायदे हैं। सबसे पहले, स्टील आग प्रतिरोधी होता है, जो ट्रेन में सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है। दूसरा, इसे साफ करना बहुत आसान होता है। तेल, मसाले या गंदगी स्टील की सतह पर नहीं चिपकते, जिससे हाइजीन मेंटेन करना आसान हो जाता है। वीडियो में दीवारों से लेकर काउंटर टॉप तक, सब कुछ स्टील का बना दिखाई देता है, जो इसे एक प्रोफेशनल और आधुनिक लुक देता है।
फ्लोरिंग और ड्रेनेज: रसोई में पानी का गिरना आम बात है। पुरानी ट्रेनों में यह पानी जमा होकर गंदगी और फिसलन पैदा करता था। लेकिन अमृत भारत एक्सप्रेस की पैंट्री कार में विशेष ‘एंटी-स्किड’ (फिसलन रहित) फर्श का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा, सफाई के लिए उचित ड्रेनेज सिस्टम (नाली व्यवस्था) है, ताकि धुलाई के बाद पानी तुरंत बाहर निकल जाए। यह छोटी सी डिटेल वीडियो में भले ही गौर न की गई हो, लेकिन रसोइयों की सुरक्षा और किचन की स्वच्छता के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वेंटिलेशन और एग्जॉस्ट सिस्टम: खाना पकाते समय गर्मी और भाप निकलना स्वाभाविक है। एक बंद डिब्बे में यह घुटन पैदा कर सकता है। वायरल वीडियो में छत पर लगे आधुनिक एग्जॉस्ट हुड्स और वेंटिलेशन सिस्टम को देखा जा सकता है। ये शक्तिशाली पंखे अंदर की गर्म हवा और खाने की गंध को बाहर फेंकते हैं, जिससे अंदर काम कर रहे स्टाफ के लिए तापमान अनुकूल बना रहता है। यह मानवीय दृष्टिकोण से एक बड़ा सुधार है, क्योंकि पहले रसोइयों को भीषण गर्मी में काम करना पड़ता था।
आधुनिक मशीनें: जिन्होंने लोगों को किया हैरान
अब आते हैं ब्लॉग के मुख्य आकर्षण पर – वे मशीनें जिन्होंने इस वीडियो को वायरल किया। आइए एक-एक करके इन उपकरणों और उनकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा करें।
1. फ्लेमलेस कुकिंग (लौ रहित खाना पकाना): रेलवे सुरक्षा के लिहाज से यह सबसे बड़ा बदलाव है। दशकों से रेलवे की पैंट्री कारों में एलपीजी गैस सिलेंडरों का उपयोग होता रहा है, जो चलती ट्रेन में हमेशा एक जोखिम का कारक थे। अमृत भारत एक्सप्रेस की पैंट्री कार पूरी तरह से इलेक्ट्रिक है।
- इंडक्शन कुकटॉप्स: वीडियो में बड़े-बड़े इंडस्ट्रियल ग्रेड के इंडक्शन चूल्हे दिखाई देते हैं। ये बिजली से चलते हैं और इनमें कोई खुली आग (open flame) नहीं होती।
- सुरक्षा: इससे आग लगने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है।
- प्रदूषण रहित: गैस जलने से जो कार्बन और धुआं निकलता था, वह अब नहीं है। इससे बर्तन भी काले नहीं होते और खाना पकाने का वातावरण स्वच्छ रहता है।
- ऊर्जा दक्षता: इंडक्शन कुकिंग गैस की तुलना में तेजी से खाना पकाती है, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की बचत होती है।
2. हैवी-ड्यूटी डीप फ्रीजर: खाने की बर्बादी रोकने और भोजन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर का होना अनिवार्य है।
- वीडियो में वर्टिकल (खड़े) डीप फ्रीजर दिखाई देते हैं। इनमें दूध, दही, आइसक्रीम, और फ्रोज़न सब्जियों को सुरक्षित रखा जाता है।
- ये फ्रीजर इतने शक्तिशाली हैं कि बाहरी तापमान चाहे कितना भी हो, अंदर का तापमान माइनस डिग्री में बनाए रखते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि यात्रियों को जो खाना मिले, वह खराब न हो। लंबी दूरी की यात्राओं में, जहां ताजी सामग्री हर स्टेशन पर नहीं मिल सकती, ये फ्रीजर जीवन रक्षक की भूमिका निभाते हैं।
3. बॉटल कूलर और रेफ्रिजरेटर: गर्मियों के मौसम में ठंडे पानी की मांग बहुत बढ़ जाती है।
- पैंट्री कार में विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए बॉटल कूलर लगे हैं। ये बड़ी मात्रा में पानी की बोतलों और कोल्ड ड्रिंक्स को ठंडा कर सकते हैं।
- इसके अलावा, सब्जियों और फलों को ताज़ा रखने के लिए अलग से रेफ्रिजरेटर हैं। यह सेग्रीगेशन (अलग-अलग रखना) क्रॉस-कंटमिनेशन को रोकता है और स्वच्छता के मानकों को बढ़ाता है।
4. हॉट केसेस (Hot Cases): भारतीय यात्रियों को गर्म खाना पसंद है। अक्सर शिकायत रहती थी कि सीट तक आते-आते खाना ठंडा हो जाता है।
- अमृत भारत एक्सप्रेस में बड़े-बड़े हॉट केसेस लगाए गए हैं। ये ओवन जैसी दिखने वाली मशीनें हैं जिनमें पका हुआ खाना रखा जाता है।
- ये मशीनें खाने को न केवल गर्म रखती हैं बल्कि उसे सूखने से भी बचाती हैं। जब तक खाना सर्विंग के लिए बाहर नहीं निकाला जाता, वह इन हॉट केसेस में सुरक्षित और गर्म रहता है। वीडियो में इनकी मौजूदगी यह आश्वस्त करती है कि यात्रियों को अब ठंडा और बेस्वाद खाना नहीं मिलेगा।
5. इलेक्ट्रिक बॉयलर (Geysers for Cooking): चाय और कॉफी भारतीय रेल यात्रा का अभिन्न अंग हैं। हजारों यात्रियों के लिए बार-बार पानी उबालना गैस पर एक कठिन काम था।
- इस नई पैंट्री कार में विशालकाय इलेक्ट्रिक बॉयलर लगे हैं। ये मशीनें मिनटों में कई लीटर पानी उबाल सकती हैं।
- इसका फायदा यह है कि चाय, कॉफी या सूप बनाने में समय नहीं लगता और यात्रियों को ‘ऑन-डिमांड’ गर्म पेय मिल सकते हैं। इसके अलावा, बर्तनों को धोने के लिए भी गर्म पानी की उपलब्धता इन्हीं बॉयलरों से सुनिश्चित होती है, जो हाइजीन के लिए जरूरी है।
6. वेजिटेबल कटर और फूड प्रोसेसर: हालांकि वीडियो में शायद ये छोटी मशीनें छिप गई हों, लेकिन आधुनिक पैंट्री कारों में अब सब्जियां काटने और आटा गूंथने के लिए भी मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है। इससे मानवीय स्पर्श कम होता है, जो स्वच्छता की दृष्टि से बेहतर है और काम की गति भी बढ़ाता है।
स्वच्छता और सुरक्षा के मानक: पुरानी छवि से छुटकारा
भारतीय रेलवे के खाने को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रहते थे। “पैंट्री कार का खाना मत खाना, गंदा होता है” – यह सलाह अक्सर दी जाती थी। लेकिन अमृत भारत एक्सप्रेस का यह वीडियो उस छवि को बदलने की कोशिश कर रहा है।
नो-स्मोक एनवायरनमेंट: जैसा कि पहले बताया गया, बिजली के उपकरणों के कारण कालिख और धुएं की समस्या खत्म हो गई है। पुरानी पैंट्री कारों की छतें तेल और धुएं से काली हो जाती थीं, जो कभी-कभी खाने में गिर सकती थीं। नई पैंट्री कार में हवा साफ है, जिससे खाना भी स्वच्छ रहता है।
कीट नियंत्रण (Pest Control): स्टेनलेस स्टील की संरचना में दरारें और कोने कम होते हैं, जहां कॉकरोच या चूहे छिप सकें। आधुनिक डिज़ाइन में सफाई करना इतना आसान है कि कीड़े-मकोड़ों के पनपने की संभावना बेहद कम हो जाती है। वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली चमक इसी सफाई का परिणाम है।
अग्नि सुरक्षा प्रणाली (Fire Suppression System): आधुनिक पैंट्री कार में न केवल खाना पकाने की आधुनिक मशीनें हैं, बल्कि आग बुझाने के भी अत्याधुनिक इंतजाम हैं। स्मोक डिटेक्टर्स और ऑटोमैटिक फायर सप्रेशन सिस्टम लगाए गए हैं। यदि किसी कारणवश आग लग भी जाती है, तो ये सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाते हैं और आग को फैलने से रोकते हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ की झलक
इस वायरल वीडियो को देखते समय एक और बात जो गर्व का अनुभव कराती है, वह है ‘मेक इन इंडिया’ की छाप। अमृत भारत एक्सप्रेस पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से निर्मित ट्रेन है। इसकी पैंट्री कार में लगी अधिकतर मशीनें और उपकरण भारत में ही बनाए गए हैं।
पहले रेलवे को ऐसी हाई-टेक मशीनों के लिए विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जो महंगी होती थीं और उनके रखरखाव में भी दिक्कत आती थी। अब, भारतीय निर्माताओं द्वारा बनाई गई ये मशीनें न केवल लागत में कम हैं बल्कि भारतीय परिस्थितियों (जैसे वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, ज्यादा उपयोग) के हिसाब से अधिक अनुकूल हैं।
चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और अन्य भारतीय रेलवे उत्पादन इकाइयों ने इस ट्रेन को डिजाइन और निर्मित करने में जो भूमिका निभाई है, वह काबिले तारीफ है। यह पैंट्री कार यह साबित करती है कि भारत अब रेल तकनीक में आत्मनिर्भर हो रहा है और हम विश्व स्तरीय सुविधाएं अपने नागरिकों को देने में सक्षम हैं।
पैंट्री स्टाफ का जीवन: एक मानवीय पहलू
वायरल वीडियो में मशीनों की चकाचौंध के बीच हमें उन लोगों को नहीं भूलना चाहिए जो यहां काम करते हैं। पैंट्री कार का स्टाफ अक्सर बहुत कठिन परिस्थितियों में काम करता है। पुरानी ट्रेनों में गर्मी, धुआं और तंग जगह उनकी कार्यक्षमता और स्वास्थ्य को प्रभावित करती थी।
अमृत भारत एक्सप्रेस की यह आधुनिक पैंट्री कार उनके जीवन में भी एक बड़ा बदलाव है:
- बेहतर कार्य वातावरण: एग्जॉस्ट सिस्टम और धुएं की अनुपस्थिति ने उनके काम करने की जगह को सांस लेने योग्य बना दिया है।
- काम का बोझ कम: मशीनों (जैसे वेजिटेबल कटर, बॉयलर) ने शारीरिक मेहनत को कम किया है। अब वे कम समय में ज्यादा खाना तैयार कर सकते हैं।
- सुरक्षा: गैस सिलेंडर के हटने से वे भी सुरक्षित महसूस करते हैं।
- सम्मान: एक साफ-सुथरे और हाई-टेक किचन में काम करना उनके आत्म-सम्मान को भी बढ़ाता है। जब यात्री किचन को देखकर तारीफ करते हैं, तो स्टाफ का मनोबल बढ़ता है।
आम यात्री के लिए इसके मायने
यह सब तकनीकी बातें अंततः एक ही सवाल पर आकर रुकती हैं – इससे आम यात्री को क्या फायदा? अमृत भारत एक्सप्रेस मुख्य रूप से श्रमिक वर्ग, छात्रों और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए है जो महंगी एसी ट्रेनों का खर्च नहीं उठा सकते।
- किफायती दाम में गुणवत्ता: पैंट्री कार आधुनिक होने का मतलब यह नहीं है कि खाना महंगा हो जाएगा। रेलवे का प्रयास है कि कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाला, साफ और गर्म खाना उपलब्ध कराया जाए।
- सेहत की सुरक्षा: हाइजीनिक किचन का सीधा मतलब है कि यात्रियों के बीमार पड़ने की संभावना कम होगी। लंबी यात्राओं में यह बहुत बड़ी राहत है।
- भरोसा: जब यात्री अपनी आंखों से (या ऐसे वायरल वीडियो के माध्यम से) देखते हैं कि उनका खाना कहां और कैसे बन रहा है, तो रेलवे के खाने पर उनका भरोसा बढ़ता है। वे बाहर का अनहेल्दी खाना लाने के बजाय ट्रेन का खाना पसंद करेंगे।
सोशल मीडिया का रिएक्शन: बदलती धारणा
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर आई प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण करना भी दिलचस्प है।
- तुलना: कई यूजर्स ने इसकी तुलना यूरोप और जापान की ट्रेनों से की है। एक यूजर ने लिखा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि स्लीपर क्लास की ट्रेन में ऐसा किचन हो सकता है। यह सच में बदलता भारत है।”
- संदेह: कुछ लोग अभी भी संशय में हैं। वे पूछते हैं, “यह कब तक ऐसा ही रहेगा?” यह एक वाजिब सवाल है। रखरखाव (maintenance) भारतीय रेलवे की सबसे बड़ी चुनौती रही है। नई चीजें बनाना आसान है, लेकिन उन्हें उसी स्थिति में बनाए रखना मुश्किल।
- प्रशंसा: अधिकतर कमेंट्स रेलवे मंत्रालय और अश्विनी वैष्णव (रेल मंत्री) की प्रशंसा में हैं। लोग खुश हैं कि टैक्स का पैसा सही जगह लग रहा है।
एक कमेंट जो बार-बार देखने को मिला, वह था – “Please maintain this.” (कृपया इसे बनाए रखें)। यह दिखाता है कि जनता सुविधाओं की कद्र करती है लेकिन साथ ही सिस्टम की पुरानी आदतों से डरी हुई भी है।
भविष्य की राह: क्या सभी ट्रेनें ऐसी होंगी?
अमृत भारत एक्सप्रेस की यह पैंट्री कार एक प्रोटोटाइप है भविष्य की भारतीय रेल का। रेलवे की योजना है कि धीरे-धीरे सभी लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में एलएचबी कोच और इसी तरह की आधुनिक पैंट्री कारें लगाई जाएं।
वंदे भारत और अमृत भारत ने एक मानक (benchmark) स्थापित कर दिया है। अब इससे नीचे जाना संभव नहीं है। आने वाले समय में, हम उम्मीद कर सकते हैं कि आईसीएफ (Integral Coach Factory) कोच, जो नीले रंग के पुराने डिब्बे होते हैं, पूरी तरह से चलन से बाहर हो जाएंगे और उनकी जगह ये सुरक्षित और आधुनिक एलएचबी कोच ले लेंगे।
इसके अलावा, ‘बेस किचन’ की अवधारणा भी तेजी से बढ़ रही है, जहां खाना स्टेशनों पर बड़े आधुनिक किचन में बनता है और ट्रेन में केवल गर्म करके परोसा जाता है। लेकिन लंबी दूरी की ट्रेनों (जो 24-30 घंटे चलती हैं) के लिए ट्रेन के अंदर पैंट्री कार का होना आवश्यक है, और अमृत भारत एक्सप्रेस ने दिखा दिया है कि इसे कैसे वर्ल्ड-क्लास बनाया जा सकता है।
एक सुखद यात्रा की ओर
वायरल वीडियो ने हमें अमृत भारत एक्सप्रेस की पैंट्री कार की केवल एक झलक दिखाई है, लेकिन उस झलक के पीछे की कहानी बहुत बड़ी है। यह कहानी है तकनीकी प्रगति की, सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता की, और सबसे महत्वपूर्ण, भारत के आम नागरिक के प्रति बदलती सोच की।
वह समय बीत गया जब ‘सस्ता टिकट’ का मतलब ‘घटिया सुविधाएं’ होता था। अमृत भारत एक्सप्रेस ने साबित कर दिया है कि कम किराए में भी सम्मानजनक और विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव दिया जा सकता है। इंडक्शन चूल्हों की गुनगुनाहट, स्टील की चमक और धुएं का अभाव – ये सब मिलकर भारतीय रेल के एक नए युग का संगीत रच रहे हैं।
यह आधुनिक पैंट्री कार सिर्फ मशीनों का संग्रह नहीं है; यह एक वादा है कि भारतीय रेलवे अपने यात्रियों की सेहत और सुविधाओं के साथ अब कोई समझौता नहीं करेगी। अब जिम्मेदारी हम यात्रियों की भी है कि हम इन सुविधाओं का सम्मान करें, गंदगी न फैलाएं और इस राष्ट्रीय संपत्ति को अपनी संपत्ति समझकर इसका ख्याल रखें।
अगली बार जब आप अमृत भारत एक्सप्रेस में सफर करें और आपके सामने गर्म चाय या खाने की थाली आए, तो याद रखिएगा कि इसे तैयार करने के लिए पर्दे के पीछे एक अत्याधुनिक किचन और समर्पित स्टाफ काम कर रहा है, जो आपकी यात्रा को ‘अमृत’ जैसा सुखद बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह वायरल वीडियो महज एक शुरुआत है, उम्मीद है कि ऐसी ही सकारात्मक तस्वीरें हमें देश के हर कोने से देखने को मिलेंगी।
