Ramanujan Fellowship

भारत सरकार का विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ऐसे ही होनहार भारतीय वैज्ञानिकों के लिए रामानुजन फेलोशिप (Ramanujan Fellowship) चला रहा है।

इसके तहत विदेश से भारत लौटने वाले वैज्ञानिकों को हर महीने शानदार आर्थिक मदद और बड़ा रिसर्च फंड दिया जाता है।

आखिर यह पैसा किसे मिलता है और इसके लिए क्या शर्तें हैं? आइए इस सरकारी योजना की पूरी ज़मीनी हकीकत जानते हैं।

Ramanujan Fellowship

आखिर क्या है रामानुजन फेलोशिप?

यह खास योजना साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड (SERB) द्वारा चलाई जाती है। इसका सीधा मकसद विदेश में काम कर रहे बेहतरीन भारतीय दिमागों को वापस स्वदेश लाना है।

योजना के तहत चुने गए वैज्ञानिकों को भारत की किसी भी यूनिवर्सिटी या रिसर्च सेंटर में 5 साल तक काम करने का खुला मौका मिलता है।

यह योजना वैज्ञानिकों को पूरी आज़ादी देती है कि वे अपनी पसंद की प्रयोगशाला (Laboratory) चुनें और देश के लिए नए प्रयोग करें।

कितनी मिलती है आर्थिक मदद?

इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी भारी-भरकम आर्थिक सहायता है।

सरकार वैज्ञानिकों को न सिर्फ हर महीने सैलरी के रूप में फेलोशिप देती है, बल्कि उनके रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए अलग से लाखों रुपये का फंड भी जारी करती है।

नीचे दी गई टेबल में देखिए कि एक चुने गए फेलो (Fellow) को कितने पैसे मिलते हैं:

आर्थिक मदद का प्रकारमिलने वाली रकम (Details)
मासिक फेलोशिप (HRA सहित)₹1,35,000 प्रति माह
रिसर्च ग्रांट (सालाना)₹7,00,000 प्रति वर्ष
ओवरहेड चार्ज (सालाना)₹60,000 प्रति वर्ष
फेलोशिप की कुल अवधि5 साल (बिना किसी विस्तार के)

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Ramanujan Fellowship

कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility)

सरकार ने इस प्रतिष्ठित फेलोशिप के लिए उम्र और पढ़ाई की बहुत ही स्पष्ट शर्तें तय की हैं।

आवेदन करने वाले वैज्ञानिक की उम्र 40 साल से कम होनी चाहिए।

उसके पास विज्ञान या इंजीनियरिंग में Ph.D., या फिर चिकित्सा (Medicine) में MD की डिग्री होना पूरी तरह अनिवार्य है।

यह फेलोशिप सिर्फ उन भारतीयों के लिए है जो वर्तमान में विदेश में काम कर रहे हैं और भारत वापस आना चाहते हैं। यदि आपके पास भारत में पहले से कोई स्थायी नौकरी है, तो आपका फॉर्म खारिज हो जाएगा।

ज़रूरी टिप: सही तरीके से कैसे भरें फॉर्म?

इस फेलोशिप में सीधा आवेदन नहीं होता है। शिक्षा जगत के जानकारों की स्पष्ट सलाह है कि सबसे पहले आपको भारत के उस संस्थान (Institute) से बात करनी होगी जहाँ आप काम करना चाहते हैं।

जब वह संस्थान आपके नाम पर मुहर लगा दे, तब आप आधिकारिक वेबसाइट serbonline.in पोर्टल पर जाकर अपना आवेदन जमा करें।

आपका फॉर्म उसी संस्थान के माध्यम से ही सरकार तक पहुँचना चाहिए। कोई भी गलत या फर्जी जानकारी देने पर आपका फॉर्म तुरंत रद्द कर दिया जाएगा।

रामानुजन फेलोशिप से जुड़े 3 आम सवाल (FAQs)

रामानुजन फेलोशिप की अवधि कितने साल की होती है?

यह फेलोशिप केवल 5 साल के लिए दी जाती है। सरकार के नियमों के अनुसार, इस अवधि को 5 साल के बाद किसी भी हालत में आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है।

क्या फेलोशिप से मिलने वाली रकम पर टैक्स लगता है?

जी हां। रामानुजन फेलोशिप के तहत आपको मिलने वाली यह भारी रकम भारत सरकार के आयकर (Income Tax) नियमों के अनुसार पूरी तरह से कर योग्य (Taxable) है।

क्या भारत में रह रहे वैज्ञानिक इस योजना का लाभ ले सकते हैं?

बिल्कुल नहीं। यह योजना विशेष रूप से केवल उन होनहार भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए बनाई गई है जो अभी विदेश में काम कर रहे हैं और भारत लौटना चाहते हैं।

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