आप भी प्राइवेट ट्यूशन की भारी-भरकम फीस के कारण अपने बच्चे को साइंस (Science) विषय दिलाने से डर रहे हैं?
गुजरात के लाखों मेधावी छात्रों और उनके माता-पिता के लिए राज्य सरकार एक बेहद शानदार योजना चला रही है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, गुजरात द्वारा शुरू की गई कोचिंग हेल्प स्कीम (Coaching Help Scheme) के तहत छात्रों को सालाना ₹15,000 की नकद आर्थिक मदद दी जा रही है।
यह योजना उन मेधावी छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है जो पैसों की तंगी के कारण अच्छी कोचिंग नहीं ले पाते।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस योजना का लाभ हर किसी को नहीं मिलता? इसके लिए 10वीं में कितने नंबर होने चाहिए और फॉर्म कहाँ भरा जाएगा? आइए इस सरकारी योजना का पूरा सच जानते हैं।

आखिर क्या है ‘कोचिंग हेल्प स्कीम’?
हम सभी जानते हैं कि 11वीं और 12वीं में विज्ञान (Science) की पढ़ाई और उसकी कोचिंग काफी महंगी होती है।
इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए गुजरात सरकार के अनारक्षित शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास निगम ने यह योजना बनाई है।
योजना का मुख्य लक्ष्य होनहार छात्रों को स्कूल के बाहर मिलने वाली ट्यूशन फीस का बोझ कम करना है।
इस योजना के तहत, सरकार सीधे छात्र के बैंक खाते में ट्यूशन फीस के पैसे ट्रांसफर करती है।
किन छात्रों को मिलेगा ₹15,000 का सीधा फायदा? (Eligibility)
इस योजना का फायदा उठाने के लिए सरकार ने कुछ बहुत ही स्पष्ट और सख्त नियम बनाए हैं।
नीचे दी गई शर्तें पूरी करने वाले छात्र ही Coaching Help Scheme के लिए अपना फॉर्म भर सकते हैं:
- छात्र गुजरात का स्थायी निवासी होना चाहिए और वह गैर-आरक्षित वर्ग (Non-Reserved Category) से आना चाहिए।
- छात्र ने अपनी 10वीं कक्षा में 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों।
- वर्तमान में वह 11वीं या 12वीं कक्षा में साइंस स्ट्रीम (Science Stream) की पढ़ाई कर रहा हो।
- छात्र के परिवार की कुल वार्षिक आय ₹4,50,000 से ज्यादा बिल्कुल नहीं होनी चाहिए।
| योजना की अहम जानकारी | विवरण (Details) |
|---|---|
| योजना का नाम | कोचिंग हेल्प स्कीम (Coaching Help Scheme) |
| किसे मिलेगा लाभ? | 11वीं और 12वीं साइंस के छात्र (गैर-आरक्षित वर्ग) |
| आर्थिक सहायता राशि | ₹15,000 प्रति वर्ष |
| पारिवारिक आय सीमा | अधिकतम ₹4,50,000 सालाना |
| अधिकारिक पोर्टल | myscheme.gov.in / गुजरात निगम वेबसाइट |
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आवेदन के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
अपना ऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले आपके पास कुछ ज़रूरी कागजात स्कैन करके तैयार होने चाहिए।
इनमें ट्यूशन फीस भरने की ओरिजिनल रसीद और कोचिंग सेंटर से मिला एक प्रमाण पत्र सबसे अहम है।
इसके अलावा, सक्षम अधिकारी (जैसे TDO या मामलातदार) द्वारा जारी किया गया आय प्रमाण पत्र और गैर-आरक्षित वर्ग का सर्टिफिकेट होना भी पूरी तरह अनिवार्य है।
ज़रूरी टिप: यह गलती की तो तुरंत रिजेक्ट हो जाएगा फॉर्म
सिर्फ ऑनलाइन फॉर्म भर देना काफी नहीं है। यह सबसे बड़ी गलती है जो अक्सर कई छात्र और साइबर कैफे वाले करते हैं।
ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक जमा करने के बाद, आपको उस फॉर्म का प्रिंटआउट (Printout) निकालना होगा।
इस प्रिंटआउट पर अपने हस्ताक्षर करें और सभी ज़रूरी दस्तावेज़ों की कॉपी लगाकर उसे अपने ज़िले के समाज कल्याण अधिकारी (District Social Welfare Officer) के कार्यालय में जाकर जमा करें।
अगर आपने फॉर्म की हार्ड कॉपी (Hard Copy) जमा नहीं की, तो आपका ऑनलाइन फॉर्म सीधा खारिज (Reject) कर दिया जाएगा।
Coaching Help Scheme से जुड़े 3 आम सवाल (FAQs)
‘कोचिंग हेल्प स्कीम’ के लिए मैं ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकता हूँ?
आप भारत सरकार के myScheme (myscheme.gov.in) पोर्टल या सीधे गुजरात सरकार के अनारक्षित शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसके लिए आसानी से ऑनलाइन आवेदन (Apply Online) कर सकते हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए 10वीं कक्षा में कम से कम कितने प्रतिशत अंक होने चाहिए?
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं मेधावी छात्रों को मिलता है, जिन्होंने अपनी 10वीं की बोर्ड परीक्षा में कम से कम 70% या उससे ज्यादा अंक हासिल किए हैं।
क्या आर्ट्स (Arts) या कॉमर्स (Commerce) के छात्र भी इस ट्यूशन योजना का लाभ ले सकते हैं?
जी नहीं। सरकार के नियमों के अनुसार, यह ट्यूशन सहायता योजना केवल उन छात्रों के लिए है जो वर्तमान में 11वीं या 12वीं कक्षा में विज्ञान संकाय (Science Stream) की पढ़ाई कर रहे हैं।

भावेश Tez Khabri के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं। अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं। भावेश जी मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम और शिक्षा से जुड़ी खबरों का नेतृत्व करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर खबर पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो।
