जब भी भारतीय सिनेमा में अंडरवर्ल्ड, डार्क रोमांस और खून-खराबे से भरी कहानियों का जिक्र होता है, तो सबसे पहला नाम जिस निर्देशक का जहन में आता है, वह हैं विशाल भारद्वाज। और जब उनके साथ शाहिद कपूर स्क्रीन पर आते हैं, तो जादू होना तय है। ‘कमीने’ (Kaminey) और ‘हैदर’ (Haider) जैसी कल्ट क्लासिक फिल्मों के बाद, यह दिग्गज जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर तहलका मचाने आई है। इस बार इनकी पेशकश का नाम है O Romeo, जो 13 फरवरी 2026 को वेलेंटाइन वीकेंड के मौके पर सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है।
साजिद नाडियाडवाला द्वारा निर्मित इस डार्क एक्शन-रोमांटिक थ्रिलर ने रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच जबरदस्त हाइप बना ली थी। फिल्म में शाहिद कपूर के साथ ‘एनिमल’ फेम तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिका में हैं। 1990 के दशक के मुंबई अंडरवर्ल्ड की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म हुसैन जैदी की मशहूर किताब ‘Mafia Queens of Mumbai’ से प्रेरित है।
O Romeo Movie Cast & Crew: दिग्गजों का जमावड़ा
किसी भी फिल्म की आत्मा उसके कलाकार और उसे बनाने वाली टीम होती है। O Romeo इस मामले में बेहद समृद्ध है। इस फिल्म में बॉलीवुड के कई दिग्गज और नए उभरते सितारों का एक शानदार मेल देखने को मिलता है।
मुख्य कलाकार (Star Cast):
- शाहिद कपूर (Shahid Kapoor): फिल्म में शाहिद ने ‘हुसैन उस्तरा’ का किरदार निभाया है। यह एक खामोश, क्रूर लेकिन दिल का साफ कॉन्ट्रैक्ट किलर है। उस्तरा का यह अवतार शाहिद के करियर के सबसे डार्क किरदारों (जैसे टॉमी सिंह या कबीर सिंह) की याद दिलाता है।
- तृप्ति डिमरी (Triptii Dimri): तृप्ति ने ‘अफशा कुरैशी / रानी शर्मा’ का किरदार निभाया है, जो अपने पति की मौत का बदला लेने के लिए अंडरवर्ल्ड की खतरनाक दुनिया में कदम रखती है। तृप्ति का अभिनय उनके करियर को एक नई दिशा देता है।
- अविनाश तिवारी (Avinash Tiwary): फिल्म के मुख्य विलेन ‘डॉन जलाल’ के रूप में अविनाश तिवारी ने खौफनाक स्क्रीन प्रेजेंस दी है।
- नाना पाटेकर (Nana Patekar): नाना पाटेकर फिल्म में आईबी (IB) ऑफिसर इस्माइल खान के किरदार में हैं, जो कहानी के सूत्रधार और उस्तरा के खुफिया हैंडलर के रूप में काम करते हैं।
- तमन्ना भाटिया (Tamannaah Bhatia): रबिया (जलाल की पत्नी) के एक अहम और रहस्यमयी किरदार में।
- दिशा पटानी (Disha Patani): जूली के किरदार में, जो कहानी में एक खास ग्लैमर और ट्विस्ट लाती है।
- विक्रांत मैसी (Vikrant Massey): ‘महबूब’ के रूप में एक बेहद ही प्रभावशाली स्पेशल अपीयरेंस में नजर आए हैं।
- फरीदा जलाल और अरुणा ईरानी: इन दिग्गज अभिनेत्रियों ने भी इस फिल्म में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है।
क्रू (Crew Behind the Magic):
- निर्देशक (Director): विशाल भारद्वाज
- निर्माता (Producer): साजिद नाडियाडवाला (Nadiadwala Grandson Entertainment)
- कहानी (Story based on): एस. हुसैन जैदी की किताब “माफिया क्वींस ऑफ मुंबई” (Mafia Queens of Mumbai)
- संगीत (Music): विशाल भारद्वाज
- सिनेमैटोग्राफी (Cinematography): बेन बर्नहार्ड (Ben Bernhard)
- एडिटर (Editor): आरिफ शेख (Aarif Sheikh)

O Romeo की कहानी: प्यार, सुपारी और खूनी खेल (Plot Outline)
O Romeo की कहानी 1990 के दशक के मुंबई अंडरवर्ल्ड की उस खतरनाक दुनिया में स्थापित है, जहाँ हर सड़क पर वर्चस्व की जंग लड़ी जाती थी। फिल्म की शुरुआत हमें हुसैन उस्तरा (शाहिद कपूर) से कराती है, जो एक रेज़र (उस्तरा) चलाने वाला बेहद खूंखार कॉन्ट्रैक्ट किलर है। लेकिन उसकी एक दूसरी पहचान भी है—वह खुफिया तौर पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के ऑफिसर इस्माइल खान (नाना पाटेकर) के लिए एक मुखबिर का काम करता है।
उस्तरा की खामोश और हिंसक जिंदगी में एक बड़ा तूफान तब आता है जब एक विधवा महिला, अफशा (तृप्ति डिमरी), उसके पास मदद मांगने आती है। अफशा के पति की बेरहमी से हत्या कर दी गई है और इसका जिम्मेदार मुंबई का कुख्यात डॉन जलाल (अविनाश तिवारी) है। अफशा किसी भी कीमत पर जलाल को खत्म करना चाहती है और इसके लिए वह उस्तरा से हत्या के गुर सीखने की मिन्नतें करती है।
उस्तरा पहले तो मना करता है, लेकिन अफशा की जिद और दर्द को देखकर वह पिघल जाता है। यहीं से शुरू होती है एक खूनी ट्रेनिंग। उस्तरा, अफशा को हथियार चलाना और दुश्मनों को खत्म करना सिखाता है। इस ट्रेनिंग के दौरान दोनों के बीच एक गहरा, अघोषित और डूमड (Doomed) रोमांस पनपने लगता है। यह रोमांस किसी फेयरीटेल जैसा नहीं है; यह खून की छीटों और बारूद की गंध के बीच पलता है।
कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आता है जब दर्शकों को पता चलता है कि उस्तरा का जलाल की पत्नी रबिया (तमन्ना भाटिया) के साथ भी एक गहरा अतीत जुड़ा हुआ है। यह रहस्य कहानी को सिर्फ एक बदले की दास्तान से निकालकर एक जटिल मानवीय ट्रैजेडी (Tragedy) में बदल देता है। जैसे-जैसे फिल्म क्लाइमैक्स की ओर बढ़ती है, मुंबई से लेकर स्पेन की सड़कों तक धोखे, प्यार और मौत का एक भयानक खेल खेला जाता है।
विशाल भारद्वाज और शाहिद कपूर: बॉलीवुड की एक ‘कल्ट’ जोड़ी
जब भी बॉलीवुड की बेहतरीन डायरेक्टर-एक्टर जोड़ियों की बात होती है, तो विशाल भारद्वाज और शाहिद कपूर का नाम बहुत सम्मान से लिया जाता है। O Romeo इस जोड़ी की चौथी फिल्म है।
- कमीने (Kaminey – 2009): इस फिल्म ने पहली बार चॉकलेटी बॉय शाहिद कपूर को एक रफ और इंटेंस लुक में पेश किया था। चार्ली और गुड्डू के डबल रोल ने शाहिद के करियर की दिशा ही बदल दी।
- हैदर (Haider – 2014): विलियम शेक्सपियर के ‘हेमलेट’ का यह कश्मीरी रूपांतरण भारतीय सिनेमा के मास्टरपीस में गिना जाता है। इस फिल्म ने शाहिद को बेस्ट एक्टर के कई अवार्ड्स दिलाए और विशाल भारद्वाज को एक लीजेंड बना दिया।
- रंगून (Rangoon – 2017): हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं कर पाई, लेकिन ‘नवाब मलिक’ के किरदार में शाहिद का संयमित अभिनय देखने लायक था।
करीब एक दशक बाद O Romeo के जरिए यह जोड़ी वापस लौटी है। विशाल भारद्वाज को पता है कि शाहिद कपूर के अंदर छिपे ‘डार्क और वल्नरेबल’ (Dark and Vulnerable) अभिनेता को बाहर कैसे निकालना है। इस फिल्म में उन्होंने ‘उस्तरा’ के किरदार को इतने लेयर्स (Layers) दिए हैं कि वह एक ही पल में आपको खौफनाक और अगले ही पल हमदर्द लगने लगता है। विशाल के सिनेमा में शेक्सपियरन ट्रैजेडी का पुट हमेशा रहता है, और यह फिल्म भी उससे अछूती नहीं है।
कैसा है कलाकारों का प्रदर्शन? (Performance Analysis)
शाहिद कपूर (हुसैन उस्तरा): शाहिद कपूर इस फिल्म की जान हैं। टैटू से ढका शरीर, गहरी और शांत आंखें, और उस्तरा चलाने का उनका हिंसक अंदाज दर्शकों को बांधे रखता है। ‘कबीर सिंह’ और ‘फर्जी’ के बाद शाहिद ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ग्रे शेड्स (Grey Shades) वाले किरदारों में उनका कोई सानी नहीं है। बिना ज्यादा संवाद बोले, केवल अपनी बॉडी लैंग्वेज से डर पैदा करना उनकी अभिनय क्षमता का प्रमाण है।
तृप्ति डिमरी (अफशा): ‘बुलबुल’, ‘कला’ और ‘एनिमल’ के बाद तृप्ति डिमरी ने खुद को बॉलीवुड की सबसे टैलेंटेड अभिनेत्रियों की लिस्ट में मजबूती से खड़ा कर लिया है। एक दुखी और बेबस विधवा से लेकर एक खूंखार हत्यारिन बनने तक का उनका सफर रोंगटे खड़े कर देने वाला है। शाहिद के साथ उनकी केमिस्ट्री आग लगा देने वाली है।
अविनाश तिवारी (डॉन जलाल): ‘लैला मजनू’ और ‘बंबई मेरी जान’ फेम अविनाश तिवारी ने ‘डॉन जलाल’ के रूप में अपनी क्रूरता से स्क्रीन को हिला कर रख दिया है। उनका किरदार केवल एक ‘लाउड’ विलेन का नहीं है, बल्कि उसमें एक साइकोलॉजिकल गहराई है।
नाना पाटेकर और अन्य: नाना पाटेकर स्क्रीन पर जब भी आते हैं, अपने संवाद अदायगी से माहौल को भारी कर देते हैं। एक कड़क आईबी ऑफिसर के रूप में उनका परफॉरमेंस शानदार है। विक्रांत मैसी का कैमियो फिल्म के लिए एक सरप्राइज पैकेज है, जो कहानी में एक महत्वपूर्ण इमोशनल टर्न लाता है।

O Romeo Box Office Collection: हिट या फ्लॉप?
बॉक्स ऑफिस पर O Romeo का सफर काफी दिलचस्प रहा है। यह फिल्म 13 फरवरी 2026 को रिलीज़ हुई, जो कि वेलेंटाइन डे से ठीक एक दिन पहले का समय था। रोमांटिक वीकेंड का फायदा इस डार्क फिल्म को मिला, लेकिन इसके कलेक्शन को लेकर ट्रेड एनालिस्ट्स की राय मिली-जुली रही।
- बजट (Budget): रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का निर्माण लगभग 90 करोड़ से 125-150 करोड़ रुपये के बीच के बड़े बजट पर किया गया है (जिसमें स्पेन का लंबा शेड्यूल और भारी एक्शन सीक्वेंस शामिल हैं)।
- ओपनिंग डे (Opening Day): फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन लगभग 8.25 करोड़ रुपये की डिसेंट (Decent) शुरुआत की।
- ग्लोबल बॉक्स ऑफिस (Worldwide Collection): फिल्म ओवरसीज मार्केट (विदेशों) में काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के कुछ ही हफ्तों के भीतर फिल्म ने वर्ल्डवाइड 75.80 करोड़ रुपये (जिसमें 58.30 करोड़ इंडिया ग्रॉस और 17.5 करोड़ ओवरसीज शामिल है) का आंकड़ा पार कर लिया और 100 करोड़ के ग्लोबल माइलस्टोन को भी छूने में सफल रही।
- क्या फिल्म हिट है? (Hit or Flop Status): बॉक्स ऑफिस के जानकारों (जैसे रोहित जायसवाल) के मुताबिक, भारत में फिल्म को ‘फ्लॉप’ के टैग से बचने के लिए कम से कम 100 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन करना होगा, और एक ‘क्लीन हिट’ (Clean Hit) कहलाने के लिए इसे 125 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करना होगा।
यद्यपि फिल्म ने पहले हफ्ते में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन दूसरे हफ्ते में इसकी कमाई में गिरावट देखने को मिली। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म का फर्स्ट हाफ (First Half) पूरी तरह से विशाल भारद्वाज के आर्ट-हाउस सिनेमा की तरह था, जबकि सेकंड हाफ (Second Half) पक्के कमर्शियल सिनेमा की तरह हो गया, जिसके चलते मासेस (Masses) थोड़े कन्फ्यूज हुए। हालांकि, यह विशाल भारद्वाज की अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बन चुकी है।
O Romeo OTT Release Date: कब और कहाँ देखें?
जो दर्शक सिनेमाघरों में इस एक्शन थ्रिलर का लुत्फ नहीं उठा पाए हैं, वे अब बेसब्री से O Romeo की ओटीटी (OTT) रिलीज का इंतजार कर रहे हैं।
आजकल बड़े बजट की फिल्मों को ओटीटी पर रिलीज करने का एक नया पैटर्न बन गया है, और इस फिल्म के साथ भी ऐसा ही हो रहा है।
- स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म (OTT Platform): फिल्म के पोस्ट-थियेट्रिकल डिजिटल राइट्स Amazon Prime Video (अमेज़न प्राइम वीडियो) ने भारी कीमत पर खरीदे हैं।
- टू-फेज रोलआउट (Two-Phase Rollout): 1. रेंटल (Rental/VOD): रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म सबसे पहले प्राइम वीडियो के स्टोर पर 27 मार्च 2026 से ‘रेंट’ (किराए) पर उपलब्ध कराई गई है। यानी जो दर्शक इसे जल्दी देखना चाहते हैं, वे एक छोटी सी कीमत चुकाकर इसे अर्ली एक्सेस (Early Access) में देख सकते हैं।2. फ्री स्ट्रीमिंग (Free for Subscribers): इसके बाद, उम्मीद है कि यह फिल्म अप्रैल 2026 के दूसरे हफ्ते (लगभग 10 अप्रैल) से सभी प्राइम सब्सक्राइबर्स के लिए मुफ्त में स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध हो जाएगी।
तो अगर आप शाहिद और तृप्ति की इस इंटेंस केमिस्ट्री को अपने घर के आराम में देखना चाहते हैं, तो अमेज़न प्राइम वीडियो आपके लिए एकदम सही डेस्टिनेशन है।
संगीत और सिनेमैटोग्राफी: एक सिनेमाई अनुभव (Music & Visuals)
विशाल भारद्वाज न केवल एक बेहतरीन निर्देशक हैं, बल्कि भारत के सबसे उम्दा संगीतकारों में से भी एक हैं। अपनी हर फिल्म का संगीत वे खुद तैयार करते हैं और उनके गानों में गुलजार साहब की शायरी का जादू हमेशा रहता है।
- फिल्म का संगीत (Music): फिल्म का एल्बम बहुत ही डार्क और मेलोडिक है। अरिजीत सिंह की आवाज में “हम तो तेरे ही लिए थे” (Hum To Tere Hi Liye The) एक बेहद दर्द भरा रोमांटिक ट्रैक है, जो सीधा दिल पर चोट करता है। इसके अलावा “आशिकों की कॉलोनी” (Aashiqon Ki Colony) और “इश्क का फीवर” (Ishq Ka Fever) जैसे गाने भी कहानी की रफ्तार को बढ़ाते हैं। एक खास बात यह है कि इस फिल्म में विशाल भारद्वाज ने स्पेनिश डांस फॉर्म ‘फ्लैमेंको’ (Flamenco) को भी बॉलीवुड में पहली बार इतनी प्रमुखता से पेश किया है।
- सिनेमैटोग्राफी (Cinematography):जर्मन सिनेमैटोग्राफर बेन बर्नहार्ड (Ben Bernhard) ने फिल्म को अपने कैमरे में बहुत ही खूबसूरती से कैद किया है। 1990 की मुंबई की संकरी और अंधेरी गलियों से लेकर स्पेन के खुले और चमकीले लैंडस्केप तक, कैमरा वर्क कहानी के मूड को परफेक्टली सेट करता है। म्यूटेड कलर पैलेट (Muted Color Palette) और डार्क शैडोज़ का उपयोग फिल्म के थ्रिलर एलिमेंट को और निखारता है। थिएटर फाइट सीन में “धक धक करने लगा” (Dhak Dhak Karne Laga) का बैकग्राउंड में इस्तेमाल आपको एक अवास्तविक (Surreal) और बेहतरीन अनुभव देता है।
O Romeo फिल्म के 5 सबसे मजबूत पहलू (Strengths of the Movie)
अगर आप सोच रहे हैं कि आपको अपना समय O Romeo पर क्यों निवेश करना चाहिए, तो यहाँ इसके 5 सबसे मजबूत पहलू दिए गए हैं:
- शाहिद-तृप्ति की हॉट केमिस्ट्री: दोनों ही एक्टर्स आज के समय के सबसे बेहतरीन टैलेंट हैं। स्क्रीन पर उनका प्यार, जुनून और एक-दूसरे के प्रति गुस्सा फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) है।
- विशाल भारद्वाज का डायरेक्शन: अगर आपको डार्क, रस्टिक और लेयर्ड सिनेमा पसंद है, तो विशाल भारद्वाज कभी आपको निराश नहीं करेंगे। उन्होंने हिंसा (Violence) को भी एक कलात्मक तरीके से पर्दे पर उकेरा है।
- एक्शन कोरियोग्राफी: यह कोई आम मार-धाड़ वाली फिल्म नहीं है। शाहिद कपूर का ‘उस्तरा’ चलाने का स्टाइल बहुत ही रॉ और रियल (Raw and Real) लगता है।
- सपोर्टिंग कास्ट का कमाल: अविनाश तिवारी और नाना पाटेकर ने कहानी को जो वजन दिया है, वह काबिले तारीफ है।
- सच्ची घटनाओं से प्रेरित (Based on True Events): हुसैन जैदी की किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ के किरदारों की वास्तविकता इस फिक्शन कहानी को एक ग्राउंडेड फील देती है।
फिल्म की कुछ कमजोरियां (Weaknesses to Note)
कोई भी फिल्म परफेक्ट नहीं होती। O Romeo में भी कुछ ऐसी बातें हैं जो शायद हर दर्शक को रास न आएं:
- पेसिंग (Pacing Issues): फिल्म का फर्स्ट हाफ काफी धीमा (Slow-burn) है। जो दर्शक फास्ट-पेस्ड एक्शन (Fast-paced Action) की उम्मीद लेकर थिएटर्स में गए थे, उन्हें शुरुआत थोड़ी बोरिंग लग सकती है।
- एडल्ट सर्टिफिकेशन (Adult Certification): अत्यधिक हिंसा (Graphic Violence) और अभद्र भाषा के कारण सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को ‘A’ (Adults Only) सर्टिफिकेट दिया है। इसलिए यह एक फैमिली एंटरटेनर (Family Entertainer) नहीं है। आप इसे बच्चों या पूरे परिवार के साथ बैठकर नहीं देख सकते।
- कन्फ्यूजिंग सेकंड हाफ: इंटरवल के बाद फिल्म आर्ट-हाउस से हटकर पूरी तरह टिपिकल मसाला बॉलीवुड फिल्म बनने की कोशिश करती है, जिससे इसके टोन (Tone) में एक अजीब सा भटकाव महसूस होता है।
O Romeo से जुड़ी दिलचस्प बातें (Behind the Scenes Trivia)
सिनेमा प्रेमियों के लिए फिल्म के पर्दे के पीछे की कहानियां हमेशा रोमांचक होती हैं। O Romeo के मेकिंग से जुड़ी कुछ बहुत ही खास बातें:
- शुरुआती रिलीज डेट का बदलाव: यह फिल्म पहले 5 दिसंबर 2025 को रिलीज होने वाली थी। लेकिन कार्तिक आर्यन की फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा’ (Tu Meri Main Tera) के साथ क्लैश से बचने के लिए इसे वेलेंटाइन वीक (13 फरवरी 2026) में खिसका दिया गया।
- स्पेन में क्लाइमैक्स: फिल्म के एक बड़े हिस्से और खास तौर पर खूनी क्लाइमैक्स की शूटिंग स्पेन में हुई है। दिलचस्प बात यह है कि स्पेन के कुछ हिस्सों को मुंबई के स्टूडियोज में भी विशाल भारद्वाज द्वारा रीक्रिएट (Recreate) किया गया था।
- फरीदा जलाल का नया अवतार: बॉलीवुड की ‘स्वीट दादी’ के रूप में मशहूर फरीदा जलाल ने इस फिल्म में जमकर गालियां (Abusive Language) दी हैं। एक इंटरव्यू में विशाल भारद्वाज ने बताया था कि फरीदा जी को इस रूप में ढालने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी, लेकिन यह किरदार की मांग थी।
- सेंसर बोर्ड की कैंची: फिल्म में से कई अति-हिंसक दृश्यों को सेंसर बोर्ड ने 20% तक कम कर दिया है और ‘आइटम’ (Item) शब्द को ‘कुमारी’ (Kumari) से रिप्लेस किया गया है। ‘कबीर सिंह’ के बाद यह शाहिद की दूसरी बड़ी ‘A-Rated’ फिल्म है।
क्या आपको O Romeo देखनी चाहिए?
O Romeo कोई रन-ऑफ़-द-मिल (Run-of-the-mill) बॉलीवुड मसाला फिल्म नहीं है। यह एक धीमी आंच पर पकने वाली डार्क क्राइम थ्रिलर है, जो धैर्य मांगती है। अगर आप ‘कबीर सिंह’, ‘एनिमल’ या विशाल भारद्वाज की पिछली फिल्मों (कमीने, हैदर, ओमकारा) के फैन हैं, तो यह फिल्म आपको बिल्कुल भी निराश नहीं करेगी।
शाहिद कपूर का ‘उस्तरा’ अवतार और तृप्ति डिमरी की बदले की आग पर्दे पर एक ऐसा कॉकटेल तैयार करती है जो आपको अंत तक बांधे रखता है। हाँ, अगर आपको खून-खराबा, डार्क थीम्स और धीमी गति की फिल्में पसंद नहीं हैं, तो शायद यह आपके लिए नहीं है। लेकिन एक सिनेमाई कला के रूप में, शानदार सिनेमैटोग्राफी, बेहतरीन संगीत और मजबूत परफॉरमेंस के लिए इसे एक बार देखना तो बनता है। ओटीटी (OTT) पर आने के बाद इसे मिस करना एक भूल होगी।
O Romeo फिल्म की रिलीज डेट क्या है?
यह फिल्म सिनेमाघरों में 13 फरवरी 2026 को रिलीज़ हुई थी, जो कि वेलेंटाइन वीकेंड का समय था।
O Romeo के निर्देशक (Director) कौन हैं?
इस डार्क एक्शन थ्रिलर का निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर और संगीतकार विशाल भारद्वाज (Vishal Bhardwaj) ने किया है।
फिल्म की कहानी किस किताब पर आधारित है?
यह फिल्म एस. हुसैन जैदी (S. Hussain Zaidi) की बेहद लोकप्रिय किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ (Mafia Queens of Mumbai) की सच्ची घटनाओं से प्रेरित है।
O Romeo में मुख्य कलाकार कौन-कौन हैं?
फिल्म में मुख्य भूमिका शाहिद कपूर (हुसैन उस्तरा) और तृप्ति डिमरी (अफशा) निभा रहे हैं। उनके अलावा अविनाश तिवारी, नाना पाटेकर, दिशा पटानी, तमन्ना भाटिया, फरीदा जलाल और विक्रांत मैसी भी अहम रोल्स में हैं।
O Romeo ओटीटी (OTT) पर कब और कहाँ रिलीज़ होगी?
फिल्म के स्ट्रीमिंग राइट्स Amazon Prime Video (अमेज़न प्राइम वीडियो) ने हासिल किए हैं। यह 27 मार्च 2026 से रेंटल (किराए) पर उपलब्ध है और अप्रैल 2026 के मध्य तक सभी सब्सक्राइबर्स के लिए मुफ्त में स्ट्रीम की जा सकेगी।
क्या यह फिल्म एक पारिवारिक मनोरंजन (Family Movie) है?
जी नहीं, अत्यधिक खून-खराबे (Graphic Violence) और अभद्र भाषा के कारण सेंसर बोर्ड ने इसे ‘A’ (Adults Only) सर्टिफिकेट दिया है। यह बच्चों या परिवार के साथ देखने लायक फिल्म नहीं है।
फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कितना रहा है?
फिल्म को मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिली हैं। शुरुआती हफ्तों में फिल्म ने वर्ल्डवाइड लगभग 75 से 90 करोड़ रुपये के बीच की कमाई की है, लेकिन अपने 100-125 करोड़ के बजट को देखते हुए भारत में इसे हिट का तमगा हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा है।

भावेश Tez Khabri के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं। अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं। भावेश जी मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम और शिक्षा से जुड़ी खबरों का नेतृत्व करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर खबर पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो।
