देशभर के लाखों छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों के लिए जिस घड़ी का इंतजार था, वह आ पहुंची है। कल यानी 17 फरवरी 2026 से सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का विधिवत शंखनाद हो रहा है।
यह समय छात्रों के लिए जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही तनावपूर्ण भी होता है। एक तरफ तैयारियों को आखिरी रूप देने की जद्दोजहद है, तो दूसरी तरफ दिल्ली जैसे महानगरों में ट्रैफिक और सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता है। इसी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कमर कस ली है और छात्रों को समय पर केंद्र तक पहुंचाने के लिए एक विशेष एडवाइजरी (Advisory) जारी की है।
भाग 1: दिल्ली पुलिस का ‘मिशन एग्जाम’: ट्रैफिक और सुरक्षा का चक्रव्यूह
परीक्षा के दिन सबसे बड़ा डर पेपर कठिन होने का नहीं, बल्कि ट्रैफिक में फंस जाने का होता है। विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में, जहाँ पीक आवर्स (Peak Hours) में ट्रैफिक जाम एक आम समस्या है, वहां समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचना किसी जंग जीतने से कम नहीं है।
1. दिल्ली पुलिस की विशेष एडवाइजरी (Traffic Advisory)
कल लाखों छात्र सुबह-सुबह सड़कों पर होंगे। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) और अन्य माध्यमों से अभिभावकों को सचेत किया है। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा और समय की पाबंदी उनकी प्राथमिकता है।
- जल्दी निकलें (Start Early): पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि दिल्ली के कई इलाकों में सुबह के समय भारी ट्रैफिक रह सकता है। कई जगहों पर निर्माण कार्य या वीआईपी मूवमेंट के कारण यातायात धीमा हो सकता है। इसलिए, छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के समय (सुबह 10:00 बजे) से कम से कम 1.5 से 2 घंटे पहले घर से निकलें।
- मेट्रो है सबसे सुरक्षित विकल्प (Use Metro): दिल्ली पुलिस ने सलाह दी है कि सड़क के जाम से बचने के लिए दिल्ली मेट्रो (DMRC) सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद साधन है। मेट्रो न तो रेड लाइट पर रुकती है और न ही जाम में फंसती है। DMRC ने भी कल से सुबह के समय ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी (आवृत्ति) बढ़ाने का निर्णय लिया है ताकि छात्रों को भीड़ का सामना न करना पड़े।
- किसानों का आंदोलन और बॉर्डर सुरक्षा: पिछले कुछ समय से चल रहे किसान आंदोलनों और प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली के बॉर्डर्स (गाजीपुर, सिंघु, टिकरी) पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है। अगर आपका परीक्षा केंद्र इन बॉर्डर्स के पास या दिल्ली के बाहरी इलाकों में है, तो आपको अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। पुलिस चेकिंग के कारण वहां गाड़ियां धीमी हो सकती हैं।

2. सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सिर्फ ट्रैफिक ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा भी दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है।
- पुलिस की तैनाती: दिल्ली के सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर स्थानीय पुलिस और पीसीआर वैन तैनात रहेंगी। भीड़भाड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
- संवेदनशील केंद्र: कुछ परीक्षा केंद्रों को ‘संवेदनशील’ (Sensitive) श्रेणी में रखा गया है। वहां सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी ताकि पेपर लीक जैसी अफवाहें या नकल की कोशिशें नाकाम की जा सकें।
भाग 2: CBSE की ‘लक्ष्मण रेखा’: नियम और गाइडलाइन्स (Do’s and Don’ts)
CBSE बोर्ड ने इस वर्ष परीक्षा में अनुशासन बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए बहुत सख्त नियम बनाए हैं। कल घर से निकलने से पहले यह लिस्ट जरूर चेक कर लें, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपका साल बर्बाद कर सकती है।
1. समय का चक्र (Timing is Everything)
CBSE समय को लेकर बहुत सख्त है।
- प्रवेश का समय (Entry Time): छात्रों को सुबह 10:00 बजे तक परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंचना अनिवार्य है।
- गेट बंद होने का समय: ठीक 10:00 बजे स्कूल के गेट बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में (चाहे आप ट्रैफिक में फंसे हों या बीमार हों) प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसलिए 9:30 बजे केंद्र पर पहुंचना सबसे सुरक्षित है।
- परीक्षा शुरू: 10:30 बजे से परीक्षा शुरू होगी।
- पढ़ने का समय: 10:15 से 10:30 बजे के बीच 15 मिनट प्रश्नपत्र (Question Paper) पढ़ने के लिए दिए जाएंगे। यह समय रणनीति बनाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।
2. अनिवार्य दस्तावेज (Must Carry Documents)
इन चीजों के बिना परीक्षा हॉल में नो-एंट्री होगी:
- एडमिट कार्ड (Admit Card): ओरिजिनल प्रिंटेड कॉपी, जिस पर छात्र, अभिभावक और स्कूल के प्रिंसिपल के हस्ताक्षर (Signature) होने चाहिए। बिना हस्ताक्षर वाला एडमिट कार्ड मान्य नहीं होगा।
- स्कूल आईडी कार्ड: अपनी पहचान साबित करने के लिए स्कूल का आईडी कार्ड गले में पहनकर जाएं।
3. ड्रेस कोड (Uniform Policy)
- रेगुलर छात्र: अपने स्कूल की निर्धारित यूनिफॉर्म (Uniform) में ही जाना अनिवार्य है। बिना यूनिफॉर्म के प्रवेश नहीं मिलेगा।
- प्राइवेट छात्र: वे सभ्य और सामान्य कपड़ों में जा सकते हैं, लेकिन भड़काऊ या संदिग्ध कपड़े पहनने से बचें। हल्की जैकेट या स्वेटर पहनें क्योंकि मौसम बदल रहा है।
4. स्टेशनरी और अन्य सामान
- पारदर्शी पाउच (Transparent Pouch): पेन, पेंसिल, रबर, शार्पनर, स्केल आदि केवल पारदर्शी पाउच में ही ले जा सकते हैं। किसी भी तरह का डिजाइनर ज्योमेट्री बॉक्स या कपड़े का पाउच बाहर रखवा लिया जाएगा।
- पेन का चुनाव: केवल रॉयल ब्लू (Royal Blue) बॉल पेन या जेल पेन का उपयोग करें। फाउंटेन पेन या हल्की स्याही वाले पेन से बचें। हेडिंग के लिए ब्लैक पेन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन जवाब नीले पेन से ही लिखें।
- पानी की बोतल: आप पानी की बोतल साथ ले जा सकते हैं, लेकिन वह पूरी तरह पारदर्शी (Transparent) होनी चाहिए। उस पर कोई स्टीकर या ब्रांड का नाम नहीं होना चाहिए।
- घड़ी (Watch): केवल एनालॉग घड़ी (सुई वाली साधारण घड़ी) पहनने की अनुमति है। स्मार्ट वॉच (Smart Watch), डिजिटल घड़ी या फिटनेस बैंड पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।

5. प्रतिबंधित वस्तुएं (Banned Items)
मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, ईयरफोन, कैलकुलेटर, किसी भी प्रकार की किताब, कागज के टुकड़े या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स लेकर केंद्र में न जाएं। अगर आपके पास ये चीजें मिलती हैं, तो इसे ‘अनुचित साधन’ (Unfair Means) माना जाएगा और आपको परीक्षा से निष्कासित (Debar) किया जा सकता
भाग 3: छात्रों के लिए ‘Last Minute’ तैयारी (16 फरवरी की रात)
आज की रात (16 फरवरी) आपके लिए ‘कयामत की रात’ नहीं, बल्कि ‘तैयारी की रात’ है। घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन उसे खुद पर हावी न होने दें।
(A) क्या करें? (To-Do List)
- बैग पैकिंग अभी करें: सुबह की भागदौड़ से बचने के लिए अभी अपना बैग तैयार कर लें।
- एडमिट कार्ड चेक करें।
- 3-4 अच्छे चलने वाले पेन रख लें (बिल्कुल नए पेन का इस्तेमाल न करें, थोड़ा लिखा हुआ पेन स्मूथ चलता है)।
- पेंसिल, स्केल, इरेज़र चेक करें।
- पानी की बोतल धोकर रख लें।
- पर्याप्त नींद (Sleep is Medicine): कई छात्र परीक्षा की अगली रात पूरी रात जागकर पढ़ते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है। आपके दिमाग को जानकारी प्रोसेस करने (Memory Consolidation) के लिए आराम की जरूरत है। कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लें। अगर आप सोएंगे नहीं, तो कल परीक्षा हॉल में सिर दर्द या धुंधलापन महसूस हो सकता है।
- हल्का भोजन: रात को ऐसा भोजन करें जो पचने में आसान हो। जंक फूड, पिज्जा, बर्गर या बहुत मसालेदार खाने से बचें। घर की बनी खिचड़ी, दाल-चावल या रोटी-सब्जी सबसे बेहतर है।
- सिर्फ रिविजन, कुछ नया नहीं: इस समय कोई नया टॉपिक या चैप्टर सीखने की कोशिश न करें। आपने साल भर जो पढ़ा है, केवल उसके मुख्य बिंदुओं (Key Points), फ़ॉर्मूला और डायग्राम को रिवाइज करें। नया पढ़ने से कन्फ्यूजन बढ़ेगा और आत्मविश्वास कम होगा।
(B) क्या न करें? (Don’ts)
- सोशल मीडिया से दूरी: दोस्तों के साथ व्हाट्सएप पर “तेरा कितना हुआ?”, “तुझे वो सवाल आता है?” जैसी चर्चा में समय बर्बाद न करें। अगर कोई दोस्त कहेगा कि “यह सवाल तो आने ही वाला है”, तो आप पैनिक हो जाएंगे। अपना फोन स्विच ऑफ कर दें या पेरेंट्स को दे दें।
- अफवाहों पर ध्यान न दें: अक्सर सोशल मीडिया पर फेक पेपर लीक या पेपर कैंसिल होने की खबरें उड़ती हैं। इन पर बिल्कुल भरोसा न करें। सिर्फ अपनी मेहनत पर भरोसा रखें।
भाग 4: परीक्षा हॉल में सफलता की कुंजी (Exam Hall Strategy)
कल जब 10:30 बजे आपके हाथ में पेपर आएगा, तब आपकी असली परीक्षा शुरू होगी। उस 3 घंटे का प्रबंधन कैसे करना है, यह जानिए:
1. 15 मिनट का ‘गोल्डन टाइम’ (10:15 – 10:30)
CBSE आपको पेपर पढ़ने के लिए जो 15 मिनट देता है, वह गेम-चेंजर है।
- पूरा पेपर स्कैन करें: पहले शांत मन से पूरा पेपर पढ़ें।
- प्राथमिकता तय करें: तय करें कि कौन से सेक्शन या प्रश्न आपको सबसे अच्छे आते हैं।
- घबराएं नहीं: अगर कोई कठिन प्रश्न दिखे, तो उसे देखकर घबराएं नहीं। पहले आसान प्रश्नों को हल करने की योजना बनाएं। कठिन प्रश्न अंत में देखे जा सकते हैं।

2. आंसर शीट भरना (OMR Sheet):
सबसे पहले आपको अपनी डिटेल्स (रोल नंबर, सेंटर कोड आदि) भरनी होंगी।
- गोले (Circles) भरते समय बहुत सावधानी बरतें।
- जल्दबाजी न करें। एक गलत गोला आपकी पहचान में दिक्कत कर सकता है।
- अगर समझ न आए, तो इनविजिलेटर (निरीक्षक) से पूछने में संकोच न करें।
3. टाइम मैनेजमेंट (Time Management):
- अपनी घड़ी पर नजर रखें।
- 1 नंबर के प्रश्न के लिए 10-15 मिनट बर्बाद न करें।
- अगर किसी प्रश्न का उत्तर याद न आ रहा हो, तो उसके लिए जगह छोड़ें और आगे बढ़ें। एक सवाल पर अटकने से पूरा पेपर छूट सकता है।
- आखिरी के 15 मिनट रिविजन (Revision) के लिए बचाकर रखें।
4. प्रेजेंटेशन (Presentation Matters):
परीक्षक (Examiner) के पास हजारों कॉपियां होती हैं। आपकी कॉपी जितनी साफ-सुथरी होगी, अच्छे मार्क्स मिलने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी।
- साफ लिखावट: कोशिश करें कि लिखावट (Handwriting) पढ़ने योग्य हो।
- बुलेट पॉइंट्स: लंबे पैराग्राफ लिखने के बजाय उत्तरों को बुलेट पॉइंट्स में लिखें।
- अंडरलाइन: मुख्य शब्दों (Keywords) को पेंसिल से अंडरलाइन करें।
- काटा-पीटी न करें: अगर कोई गलती हो जाए, तो उसे बुरी तरह घिसने के बजाय एक सीधी लाइन खींचकर काट दें।
भाग 5: अभिभावकों (Parents) की भूमिका: ‘प्रेशर कुकर’ नहीं, ‘सपोर्ट सिस्टम’ बनें
छाત્રો से ज्यादा तनाव अक्सर उनके माता-पिता को होता है। लेकिन याद रखिए, बच्चे को आपकी चिंता की नहीं, आपके भरोसे की जरूरत है।
- वातावरण को सकारात्मक रखें: परीक्षा के दिन सुबह घर में कोई झगड़ा, बहस या तनावपूर्ण बातें न करें। बच्चे को हंसते हुए विदा करें। उसे यह न कहें कि “अगर 90% नहीं आए तो देख लेना”, बल्कि यह कहें, “बेटा, अपना बेस्ट देकर आना, परिणाम की चिंता हम देख लेंगे।” यह एक वाक्य उसका आत्मविश्वास दोगुना कर देगा।
- नाश्ता जरूर कराएं: बच्चे को खाली पेट परीक्षा देने न भेजें। पारंपरिक दही-चीनी शुभ है, लेकिन उसके साथ कुछ पौष्टिक नाश्ता (जैसे पोहा, उपमा, फल या ड्राई फ्रूट्स) जरूर दें। खाली पेट दिमाग काम नहीं करता और चक्कर आ सकते हैं।
- ट्रैफिक मैनेजर बनें: बच्चे को सेंटर पर सुरक्षित और समय पर पहुंचाने की जिम्मेदारी आपकी है। गूगल मैप्स (Google Maps) पर ट्रैफिक चेक करते रहें। हो सके तो खुद गाड़ी चलाकर ले जाएं या मेट्रो से साथ जाएं। बच्चे को रास्ते में पढ़ाई का टेंशन न दें।
- परीक्षा के बाद ‘पोस्टमॉर्टम’ न करें: जब बच्चा पेपर देकर बाहर आए, तो तुरंत “कैसा गया?”, “उस सवाल का जवाब क्या लिखा?” जैसे सवालों की बौछार न करें। अगर पेपर खराब गया होगा, तो वह निराश हो जाएगा और उसका असर अगले पेपर पर पड़ेगा। बस इतना पूछें, “सब ठीक रहा?” और उसे रिलैક્સ होने दें।
भाग 6: मनोवैज्ञानिक पहलू: डर के आगे जीत है
परीक्षा का तनाव (Exam Anxiety) एक सामान्य प्रक्रिया है। थोड़ा डर अच्छा है क्योंकि यह आपको सतर्क रखता है, लेकिन ज्यादा डर आपको लकवाग्रस्त (Paralyze) कर सकता है।
- डीप ब्रीदिंग (Deep Breathing): अगर परीक्षा हॉल में पेपर देखकर हाथ कांपने लगें या पसीना आए, तो आंखें बंद करें और 5 बार गहरी सांस लें (4 सेकंड सांस लें, 4 सेकंड रोकें, 4 सेकंड छोड़ें)। इससे दिमाग को ऑक्सीजन मिलेगी और आप शांत हो जाएंगे।
- पानी पिएं: डिहाइड्रेशन के कारण दिमाग थक जाता है और एकाग्रता टूटती है। बीच-बीच में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
- सकारात्मक संवाद (Self Talk): खुद से कहें, “मैंने पढ़ाई की है, मुझे सब आता है, मैं यह कर सकता हूँ।”
भाग 7: विषयवार छोटी टिप्स (Subject Wise Strategy)
हालाँकि कल कौन सा विषय है यह आपकी कक्षा (10वीं/12वीं) और स्ट्रीम (साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स) पर निर्भर करता है, लेकिन यहाँ कुछ कॉमन टिप्स हैं:
- भाषा (हिंदी/अंग्रेजी): व्याकरण और स्पेलिंग पर ध्यान दें। निबंध या पत्र लेखन में फॉर्मेट (Format) का सही होना बहुत जरूरी है। ज्यादा लिखने के चक्कर में शब्द सीमा (Word Limit) पार न करें।
- गणित (Maths): स्टेप मार्किंग होती है। अगर फाइनल उत्तर गलत भी है, तो भी स्टेप्स (Steps) सही लिखने पर मार्क्स मिलते हैं। रफ काम (Rough Work) के लिए कॉपी के दाहिनी ओर मार्जिन बनाएं या आखिरी पेज का इस्तेमाल करें।
- विज्ञान (Science): जहाँ भी संभव हो, डायग्राम (चित्र) बनाएं। डायग्राम हमेशा पेंसिल से बनाएं और लेबलिंग (नामकरण) साफ-सुथरी करें। फिजिक्स में यूनिट्स (Units) लिखना न भूलें।
- सामाजिक विज्ञान: तिथियां (Dates) और नक्शे (Map Work) में सावधानी बरतें। उत्तरों को पॉइंट्स में लिखें।
भाग 8: भविष्य की बात – एक बड़ा दृष्टिकोण
अंत में, मैं सभी छात्रों से एक बहुत महत्वपूर्ण बात कहना चाहता हूँ।
प्यारे छात्रों, यह बोर्ड परीक्षा आपके जीवन का एक अहम पड़ाव जरूर है, लेकिन यह पूरी जिंदगी नहीं है। आपके मार्क्स महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आपका मानसिक स्वास्थ्य, आपकी खुशी और आपकी सीखने की क्षमता उससे कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। कागज का कोई एक टुकड़ा (मार्कशीट) यह तय नहीं कर सकता कि आप जीवन में कितने सफल होंगे।
आज के आधुनिक युग में सफलता के हजारों रास्ते हैं। सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली या कई बड़े बिजनेस टाइकून बोर्ड टॉपर नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी लगन से दुनिया जीती। इसलिए, तनाव मुक्त होकर, एक उत्सव की तरह परीक्षा दें। परिणाम जो भी हो, आपकी मेहनत कभी बेकार नहीं जाएगी।
निष्कर्ष
कल का सूर्योदय आपकी मेहनत को चमकाने वाला होगा। दिल्ली पुलिस अपनी ड्यूटी कर रही है, CBSE ने तैयारी कर ली है, और आपके माता-पिता आपके साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। अब बारी आपकी है। मैदान तैयार है, बस आपको जाकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।
आप सभी के लिए एक छोटी सी ‘नाईट चेकलिस्ट’ (इसे अभी टिक करें):
- [ ] एडमिट कार्ड बैग में रख लिया? (हाँ/ना)
- [ ] स्कूल आईडी कार्ड ले लिया? (हाँ/ना)
- [ ] पारदर्शी पाउच में 3-4 पेन, पेंसिल, रबर रख लिए? (हाँ/ना)
- [ ] यूनिफॉर्म इस्त्री करके तैयार है? (हाँ/ना)
- [ ] पानी की बोतल धोकर रख ली? (हाँ/ना)
- [ ] सुबह का अलार्म सेट किया? (हाँ/ना)
- [ ] दही-चीनी तैयार है? (हाँ/ना)
अखिल भारतीय स्तर पर परीक्षा देने जा रहे सभी योद्धाओं को हमारी (आपके AI मित्र की) और पूरे देश की तरफ से ढेरों शुभकामनाएं।
All the Best! Best of Luck! चक दे इंडिया!

भावेश Tez Khabri के सह-संस्थापक और प्रबंध संपादक हैं। अभिनय के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे पत्रकारिता के माध्यम से समाज में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं। भावेश जी मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम और शिक्षा से जुड़ी खबरों का नेतृत्व करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि हर खबर पूरी तरह से सत्यापित (Verified) हो।
