फरवरी की चंचल धूप और सर्दी की विदाई
आज तारीख 10 फरवरी 2026 है। फरवरी का यह महीना अपनी चंचलता के लिए जाना जाता है। कभी सुबह की कड़ाके की ठंड हमें रजाई में दुबकने पर मजबूर करती है, तो कभी दोपहर की चटख धूप स्वेटर उतारने का संकेत देती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर हिमालय की ऊंची चोटियों तक, मौसम एक साथ कई रंग दिखा रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम अपडेट के अनुसार, उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, और बिहार के लोगों को कड़ाके की ठंड से बड़ी राहत मिलने वाली है। हालांकि, पहाड़ों पर कहानी इसके बिल्कुल उलट है। वहां एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने दस्तक दे दी है, जिससे अगले 48 घंटों में भारी पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई गई है।
आज के इस व्यापक लेख में, हम विस्तार से जानेंगे कि आपके शहर का मौसम कैसा रहेगा, खेती पर इसका क्या असर होगा और इस बदलते मौसम में आपको किन स्वास्थ्य सावधानियों का पालन करना चाहिए।
1. पश्चिमी विक्षोभ: उत्तर भारत के मौसम का मुख्य सूत्रधार
उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान मौसम में होने वाले किसी भी बड़े बदलाव के पीछे मुख्य हाथ पश्चिमी विक्षोभ का होता है। यह भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से उठने वाली नमी भरी हवाएं होती हैं, जो पाकिस्तान के रास्ते भारत के हिमालयी क्षेत्रों में प्रवेश करती हैं।
क्या है इस बार का पूर्वानुमान?
9 फरवरी की रात से ही एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से:
- पहाड़ों पर बर्फबारी: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी शुरू हो गई है।
- मैदानी इलाकों में बदलाव: इसके कारण दिल्ली का मौसम और आसपास के राज्यों में हवाओं की दिशा बदली है, जिससे न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जब तक यह विक्षोभ पहाड़ों पर सक्रिय रहेगा, मैदानी इलाकों में ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं (Cold Winds) रुकी रहेंगी, जिससे लोगों को “कोल्ड डे” की स्थिति से राहत मिलेगी।
2. दिल्ली का मौसम: गर्म होती दोपहर और धुंधली रातें
राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में पिछले कुछ दिनों से सूरज के तेवर तीखे देखे जा रहे हैं। दिल्ली का मौसम अब धीरे-धीरे वसंत की ओर कदम बढ़ा रहा है।
तापमान का हाल
आज यानी 10 फरवरी 2026 को दिल्ली का अधिकतम तापमान 25°C और न्यूनतम तापमान 10°C के आसपास रहने का अनुमान है। यह सामान्य से थोड़ा अधिक है।
- दिन का हाल: आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। दोपहर के समय हल्की गर्मी का एहसास हो सकता है।
- रात और सुबह: विक्षोभ के असर के कारण रात के समय बादल छा सकते हैं। हालांकि, प्रदूषण और नमी के कारण सुबह के समय घना कोहरा दृश्यता (Visibility) को प्रभावित कर सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 12 फरवरी तक दिल्ली में बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन 13 फरवरी के बाद जब यह विक्षोभ गुजर जाएगा, तो पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाएं एक बार फिर पारे को गिरा सकती हैं।

3. उत्तर प्रदेश मौसम: कोहरे का साया और धूप की राहत
उत्तर प्रदेश मौसम इन दिनों दोहरे मिजाज में है। पश्चिमी यूपी (मेरठ, बागपत) में जहां ठंड कम हो रही है, वहीं पूर्वी यूपी (गोरखपुर, वाराणसी) में अभी भी कोहरे का प्रकोप बना हुआ है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट
गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर जैसे जिलों में आज सुबह घना कोहरा देखा गया। दृश्यता शून्य से 50 मीटर के बीच रही। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए यहां ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
- मध्य और पश्चिमी यूपी: लखनऊ, कानपुर और आगरा में दिन के समय धूप निकलने से राहत है। लखनऊ का न्यूनतम तापमान 11°C दर्ज किया गया है।
- राहत की खबर: धूप निकलने से गलन वाली ठंड खत्म हो गई है, जिससे स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वालों को बड़ी राहत मिली है।

4. बिहार का मौसम: कोहरे से मिलेगी धीरे-धीरे मुक्ति
बिहार का मौसम भी अब बदलाव की राह पर है। राज्य के उत्तरी हिस्सों (सीतामढ़ी, मधुबनी) में अभी भी सुबह के समय धुंध छाई रहती है, लेकिन पटना और गया में तापमान बढ़ने लगा है।
- तापमान का पूर्वानुमान: पटना में आज अधिकतम तापमान 26°C तक जा सकता है। न्यूनतम तापमान 12°C के करीब रहेगा।
- कोहरे की स्थिति: गंगा के मैदानी इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा, जो सुबह 10 बजे के बाद छंट जाएगा।
- राहत: बिहार में अब पछुआ हवाओं की गति कम हुई है, जिससे कंकनी (Chills) में कमी आई है।
5. पहाड़ों पर बर्फबारी: पर्यटकों के लिए खुशखबरी, स्थानीय लोगों के लिए चुनौती
पर्यटकों के लिए फरवरी में पहाड़ों पर बर्फबारी देखना किसी सपने के सच होने जैसा है। हिमाचल के मनाली, कुल्लू और उत्तराखंड के औली में बर्फबारी का दौर शुरू हो चुका है।

क्षेत्रवार रिपोर्ट:
- जम्मू-कश्मीर: गुलमर्ग और सोनमर्ग में 2 फीट तक नई बर्फ गिरने की संभावना है। श्रीनगर में हल्की बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान -3°C तक गिर सकता है।
- हिमाचल प्रदेश: शिमला, कुफरी और नारकंडा में बर्फ के फाहे गिरने से पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। हालांकि, अटल टनल और रोहतांग पास जैसे इलाकों में आवाजाही बंद की जा सकती है।
- उत्तराखंड: चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात (Snowfall) का अलर्ट जारी किया गया है।
सावधानी: पहाड़ों पर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे भारी बर्फबारी के कारण होने वाले लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और रोड ब्लॉक से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करें।
6. किसानों के लिए मौसम की सलाह: रबी की फसल और पाले का डर
बदलता मौसम किसानों के लिए वरदान और अभिशाप दोनों हो सकता है।
- गेहूं की फसल: दोपहर की तेज धूप गेहूं की फसल के लिए अच्छी है, क्योंकि यह दाने भरने (Grain Filling) में मदद करती है। लेकिन अगर तापमान अचानक 30°C पार कर गया, तो पैदावार कम हो सकती है।
- सरसों और सब्जियां: उत्तर प्रदेश मौसम और बिहार में नमी के कारण सरसों में लाही (Aphids) का प्रकोप बढ़ सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से फसल का निरीक्षण करें।
- सिंचाई: जहां मिट्टी सूखी है, वहां हल्की सिंचाई करें ताकि रात के समय गिरने वाले पाले (Frost) से फसल को बचाया जा सके।

7. स्वास्थ्य अलर्ट: “बदलता मौसम, बीमारियां हजार”
जब तापमान में उतार-चढ़ाव होता है, तो हमारा इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है। इस मौसम अपडेट के साथ स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी जरूरी है।
प्रमुख समस्याएं:
- वायरल फीवर और जुकाम: सुबह ठंड और दोपहर में गर्मी के कारण लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं।
- एलर्जी और अस्थमा: कोहरे और प्रदूषण के मिश्रण (Smog) से सांस के मरीजों को तकलीफ हो सकती है।
बचाव के उपाय:
- परतदार कपड़े पहनें: एक भारी स्वेटर के बजाय दो-तीन पतली परतें पहनें ताकि गर्मी लगने पर उन्हें उतारा जा सके।
- हाइड्रेटेड रहें: गुनगुना पानी पीते रहें।
- खान-पान: डाइट में विटामिन-C (संतरा, आंवला) शामिल करें ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।
8. प्रदूषण का हाल: दिल्ली-NCR की हवा अभी भी खराब
हवा की गति कम होने के कारण दिल्ली-एनसीआर में AQI (Air Quality Index) अभी भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना हुआ है। दिल्ली का मौसम साफ होने के बावजूद हवा में मौजूद महीन कण (PM 2.5) फेफड़ों के लिए हानिकारक हैं। कोहरा इन प्रदूषकों को जमीन के करीब रोक लेता है, जिससे ‘स्मॉग’ की स्थिति बन जाती है।
आगे क्या?
आने वाले एक हफ्ते तक उत्तर भारत में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। 11 फरवरी के बाद पहाड़ों से लौटने वाली सर्द हवाएं मैदानी इलाकों में एक बार फिर “गुलाबी ठंड” का एहसास कराएंगी, लेकिन कड़ाके की सर्दी के दिन अब बीत चुके हैं।
संक्षेप में:
- UP-दिल्ली-बिहार को फिलहाल शीतलहर से राहत है।
- पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर बर्फ की चादर बिछ रही है।
- दोपहर की धूप का आनंद लें, लेकिन सुबह-शाम की ठंड से बचाव जारी रखें।
मौसम और खेती से जुड़ी हर सटीक जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहें।
