oscar 2026

भारतीय फिल्म उद्योग के लिए आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखे जाने योग्य है। ऑस्कर 2026 के गलियारों से भारत के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। होम्बले फिल्म्स की दो बड़ी फिल्में ‘महावतार नरसिम्हा’ और ‘कांतारा: चैप्टर 1’ अकादमी पुरस्कारों की जनरल एंट्री लिस्ट (General Entry List) में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही हैं। यह न केवल इन फिल्मों के निर्माताओं के लिए बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए गर्व का विषय है।

इस लेख में हम इस बड़ी उपलब्धि के हर पहलू पर विस्तार से चर्चा करेंगे, इन फिल्मों की खासियत जानेंगे और समझेंगे कि आखिर ‘जनरल एंट्री लिस्ट’ में शामिल होने का मतलब क्या होता है।

भारतीय सिनेमा का वैश्विक डंका

लॉस एंजिल्स से आई खबरों ने भारतीय फैंस का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। ऋषभ शेट्टी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ और अश्विन कुमार द्वारा निर्देशित एनिमेटेड फिल्म ‘महावतार नरसिम्हा’ ने ऑस्कर की बेस्ट पिक्चर (Best Picture) कैटेगरी के लिए एलिजिबिलिटी लिस्ट में जगह बना ली है।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि ये फिल्में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि (Official Entry) नहीं थीं, बल्कि इन्होंने इंडिपेंडेंट एंट्री (Independent Entry) के तौर पर अपनी दावेदारी पेश की थी। यह दर्शाता है कि भारतीय निर्माता अब अपने कंटेंट पर इतना भरोसा करते हैं कि वे सीधे वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं।

इन दोनों फिल्मों के अलावा, अनुपम खेर की फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ और ‘टूरिस्ट फैमिली’ जैसी फिल्मों ने भी इस लिस्ट में जगह बनाई है, जो भारतीय कहानियों की विविधता को दर्शाता है।

Oscar 2026 India films entry

क्या है ऑस्कर की जनरल एंट्री लिस्ट

ऑस्कर की प्रक्रिया थोड़ी जटिल होती है, और इसे समझना जरूरी है। अक्सर लोग ‘नॉमिनेशन’ और ‘एलिजिबिलिटी लिस्ट’ में कंफ्यूज हो जाते हैं।

जब कोई फिल्म जनरल एंट्री लिस्ट में शामिल होती है, तो इसका मतलब है कि उसने अकादमी के सभी तकनीकी और रिलीज संबंधी नियमों को पूरा कर लिया है। अब ये फिल्में ऑस्कर के सदस्यों (Voters) के लिए वोटिंग के लिए उपलब्ध होंगी। अगर इन्हें पर्याप्त वोट मिलते हैं, तो ये फिल्में 22 जनवरी को घोषित होने वाली फाइनल नॉमिनेशन लिस्ट में जगह बना पाएंगी।

सरल शब्दों में कहें तो, यह ऑस्कर की मुख्य दौड़ में शामिल होने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। अब ‘कांतारा चैप्टर 1’ और ‘महावतार नरसिम्हा’ का मुकाबला हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों जैसे ‘जुरासिक वर्ल्ड’ और ‘मिशन इम्पॉसिबल’ से होगा।

कांतारा चैप्टर 1: जड़ों की ओर वापसी

ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा’ ने 2022 में जो जादू बिखेरा था, उसका असर 2025 में आई इसके प्रीक्वल ‘कांतारा: चैप्टर 1’ में और भी गहरा हो गया है। यह फिल्म सिर्फ एक सिनेमा नहीं, बल्कि भारतीय लोककथाओं और दैवीय परंपराओं का एक दस्तावेज है।

कहानी और प्रभाव ‘कांतारा चैप्टर 1’ हमें पंजुरली दैव और गुलिगा दैव के उद्गम की कहानी सुनाती है। यह फिल्म कदंब वंश के शासनकाल (चौथी शताब्दी) में ले जाती है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 850 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करके इतिहास रच दिया है। ऑस्कर की लिस्ट में इसका शामिल होना यह साबित करता है कि स्थानीय और रूत (Rooted) कहानियां ही ग्लोबल होती हैं।

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क्यों है यह खास

  • अभिनय और निर्देशन: ऋषभ शेट्टी ने एक बार फिर अपने अभिनय और निर्देशन से आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है।
  • तकनीकी पक्ष: फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमेटोग्राफी इसे हॉलीवुड के किसी भी बड़े प्रोडक्शन के बराबर खड़ा करती है।
  • संस्कृति: तुलुनाडू की संस्कृति और ‘भूत कोला’ की परंपरा को जिस सम्मान के साथ दिखाया गया है, उसने पश्चिम के दर्शकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया है।

महावतार नरसिम्हा: भारतीय एनिमेशन की नई क्रांति

अगर ‘कांतारा’ ने लाइव-एक्शन में झंडे गाड़े हैं, तो ‘महावतार नरसिम्हा’ ने भारतीय एनिमेशन की दुनिया बदल दी है। होम्बले फिल्म्स द्वारा निर्मित यह फिल्म भारत की अब तक की सबसे सफल एनिमेटेड फिल्म बन गई है।

पौराणिक कथा का आधुनिक अवतार यह फिल्म भगवान विष्णु के चौथे अवतार, नरसिम्हा की कथा पर आधारित है। हिरण्यकश्यप का वध और भक्त प्रह्लाद की भक्ति को इसमें जिस विजुअल भव्यता (Visual Grandeur) के साथ दिखाया गया है, वह अकल्पनीय है।

एनिमेशन का स्तर अक्सर भारतीय एनिमेशन की तुलना डिज्नी या पिक्सर से की जाती थी और उसे कमतर आंका जाता था। लेकिन ‘महावतार नरसिम्हा’ ने 325 करोड़ रुपये की कमाई करके यह साबित कर दिया कि अगर कहानी और वीएफएक्स (VFX) दमदार हों, तो दर्शक एनिमेटेड फिल्में भी देखते हैं। ऑस्कर की ‘बेस्ट एनिमेटेड फीचर’ और ‘बेस्ट पिक्चर’ दोनों कैटेगरी में इसकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।

होम्बले फिल्म्स का विजन और रणनीति

इस सफलता के पीछे जिस प्रोडक्शन हाउस का हाथ है, उसकी तारीफ करनी होगी। होम्बले फिल्म्स (Hombale Films) ने साबित कर दिया है कि वे सिर्फ कन्नड़ सिनेमा नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा को विश्व स्तर पर ले जाने का माद्दा रखते हैं।

निर्माता विजय किरागंदूर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनका लक्ष्य भारतीय संस्कृति को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना है। ‘KGF’ सीरीज से शुरू हुआ उनका सफर अब ऑस्कर तक पहुंच गया है। एक ही साल में दो फिल्मों को ऑस्कर की रेस में शामिल करवाना कोई छोटी बात नहीं है। यह उनकी दूरदर्शी सोच और कंटेंट पर अटूट विश्वास का परिणाम है।

भारत की ऑफिशियल एंट्री बनाम इंडिपेंडेंट एंट्र

इस साल भारत की तरफ से ऑस्कर के लिए आधिकारिक प्रविष्टि (Official Entry) नीरज घायवान की फिल्म ‘होमबाउंड’ (Homebound) है। यह फिल्म भी ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म’ कैटेगरी में अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष कर रही है और शॉर्टलिस्ट भी हो चुकी है।

लेकिन ‘कांतारा’ और ‘महावतार नरसिम्हा’ ने मेनस्ट्रीम कैटेगरी (Mainstream Categories) जैसे बेस्ट पिक्चर, बेस्ट एक्टर और बेस्ट डायरेक्टर के लिए सीधा दावा ठोका है।

यह ट्रेंड दिखाता है कि भारतीय फिल्म निर्माता अब सिर्फ एक ‘सरकारी एंट्री’ के भरोसे नहीं रहना चाहते। ‘आरआरआर’ (RRR) ने जिस तरह इंडिपेंडेंट कैंपेन चलाकर ऑस्कर जीता था, उसी राह पर अब बाकी फिल्में भी चल पड़ी हैं।

ऑस्कर में अब आगे क्या होगा

जनरल एंट्री लिस्ट में आना एक बड़ी जीत है, लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है। अब अगले कुछ हफ्तों में अकादमी के सदस्य इन फिल्मों को देखेंगे और वोट करेंगे।

चुनौतियां

  • लॉबिंग और प्रमोशन: ऑस्कर में फिल्मों को नॉमिनेट कराने के लिए भारी-भरकम प्रमोशन और कैंपेन की जरूरत होती है। क्या भारतीय निर्माता हॉलीवुड स्टूडियोज के मार्केटिंग बजट का मुकाबला कर पाएंगे?
  • सांस्कृतिक बाधा: क्या पश्चिम के वोटर ‘दैव’ की अवधारणा या भारतीय पौराणिक कथाओं की गहराई को समझ पाएंगे?

हालांकि, जिस तरह से इन फिल्मों ने अमेरिकी बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन किया है, उससे उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने अमेरिका के टॉप 50 में से 10 बाजारों में अपनी जगह बनाई है, जो ऑस्कर के नियमों के हिसाब से एक अनिवार्य शर्त थी।

Oscar 2026 Buzz

वर्ष 2026 भारतीय सिनेमा के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो रहा है। Oscar 2026 Buzz सिर्फ एक शोर नहीं है, बल्कि यह भारत की सॉफ्ट पावर (Soft Power) का प्रदर्शन है। चाहे वह ऋषभ शेट्टी का दैवीय अभिनय हो या नरसिम्हा का एनिमेटेड रौद्र रूप, भारत ने दुनिया को बता दिया है कि हमारे पास कहानियों का ऐसा खजाना है जो किसी और के पास नहीं।

अब 22 जनवरी का इंतजार है, जब फाइनल नॉमिनेशन लिस्ट आएगी। अगर इनमें से कोई भी फिल्म नॉमिनेट होती है, तो यह ‘लगान’ या ‘आरआरआर’ जैसी ऐतिहासिक घटना होगी। तब तक के लिए, हम सिर्फ प्रार्थना कर सकते हैं और अपनी फिल्मों पर गर्व कर सकते हैं।

By Isha Patel

Isha Patel Tez Khabri के साथ जुड़ी एक समाचार रिपोर्टर हैं। वे भारत और राज्यों से जुड़ी ताज़ा, ब्रेकिंग और जनहित से संबंधित खबरों को कवर करती हैं। Isha Patel शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर सत्यापित व तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करती हैं।

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