'Largest Underwater National Flag'

भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह (Andaman and Nicobar Islands) हमेशा से ही अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सफेद रेत वाले समुद्री तटों और शानदार स्कूबा डाइविंग (Scuba Diving) के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। लेकिन साल 2026 में, इस द्वीप समूह ने केवल पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक और गर्व करने वाले कारनामे के लिए पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

हाल ही में, अंडमान के सबसे मशहूर और दुनिया के सबसे खूबसूरत बीचों में गिने जाने वाले राधा नगर बीच (Radhanagar Beach) पर इतिहास रचा गया है। यहां भारतीय गोताखोरों (Divers) और देशभक्तों की एक टीम ने समुद्र की गहराई में भारत का तिरंगा फहराकर ‘Largest Underwater National Flag’ (सबसे बड़े अंडरवाटर राष्ट्रीय ध्वज) का नया Guinness World Record (गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड) स्थापित किया है। यह खबर पूरे देश में ट्रेंड कर रही है (Trending in India)। आइए इस ऐतिहासिक क्षण और इसके पीछे की पूरी मेहनत पर विस्तार से नज़र डालते हैं।

1. राधा नगर बीच: एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड का गवाह

हैवलॉक द्वीप (Havelock Island – जिसे अब स्वराज द्वीप के नाम से जाना जाता है) पर स्थित ‘राधा नगर बीच’ अपने नीले पानी और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। इसी बीच के गहरे और साफ पानी को इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए चुना गया।

यह कोई साधारण तिरंगा नहीं था। इस ‘Largest Underwater National Flag’ का आकार इतना विशाल था कि इसे पानी के नीचे ले जाना और सही तरीके से प्रदर्शित करना एक बहुत बड़ी चुनौती थी। इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए महीनों की प्लानिंग, रिहर्सल और एक मजबूत टीम वर्क की आवश्यकता थी।

'Largest Underwater National Flag'

2. टीम और अभियान के पीछे की मेहनत (The Preparation)

समुद्र के नीचे किसी भी बड़े कपड़े या झंडे को फहराना हवा में फहराने से कहीं अधिक कठिन होता है। पानी के भारी दबाव (Water Pressure), तेज धाराओं (Ocean currents) और गोताखोरों के बीच सटीक तालमेल (Synchronization) की आवश्यकता होती है।

  • विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया झंडा: इस रिकॉर्ड के लिए जिस तिरंगे का इस्तेमाल किया गया, वह एक खास तरह के मटीरियल (Fabric) से बना था जो खारे पानी में खराब न हो और पानी के नीचे भी अपने चमकीले रंग (केसरिया, सफेद, और हरा) बनाए रखे। झंडे का आकार और वजन दोनों ही बहुत अधिक थे।
  • गोताखोरों की टीम: इस अभियान में भारत के सबसे अनुभवी स्कूबा डायवर्स, नेवी के कुछ पूर्व अधिकारियों और स्थानीय एडवेंचर स्पोर्ट्स के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
  • चुनौतियां: सबसे बड़ी चुनौती झंडे को बिना सिकुड़े या फटे पानी के नीचे पूरी तरह से खोलना था। टीम को कई हफ्तों तक समुद्र में अलग-अलग गहराई पर इसका अभ्यास (Drills) करना पड़ा।

3. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का ऐतिहासिक पल (The Guinness Record)

जिस दिन यह रिकॉर्ड बनाया जाना था, उस दिन का मौसम और पानी की स्थिति (Visibility) अनुकूल थी। गोताखोरों की टीम पूरे सुरक्षा उपकरणों (Safety gears) के साथ इस विशाल झंडे को लेकर राधा नगर बीच के गहरे पानी में उतरी।

'Largest Underwater National Flag'
  • झंडे का प्रदर्शन: जैसे ही टीम एक निश्चित गहराई पर पहुंची, उन्होंने बहुत ही सावधानी और समन्वय के साथ इस ‘Largest Underwater National Flag’ को पूरी तरह से खोल दिया। नीले समुद्र की गहराई में भारत का शान तिरंगा लहराते हुए देखना एक रोंगटे खड़े कर देने वाला और गर्व से भर देने वाला दृश्य था।
  • गिनीज अधिकारियों की मौजूदगी: इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Guinness World Records) के आधिकारिक ज्यूरी मेंबर्स ने इसका कड़ाई से निरीक्षण किया। जब झंडे के आकार (Dimensions) और उसे पानी के नीचे प्रदर्शित करने के समय को मापा गया, तो आधिकारिक तौर पर इसे एक नया विश्व रिकॉर्ड घोषित किया गया।

4. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो (Trending in India)

जैसे ही इस ‘Largest Underwater National Flag’ का वीडियो इंटरनेट पर अपलोड किया गया, यह पूरे भारत में आग की तरह फैल गया।

  • देशभक्ति का उफान: वीडियो में साफ पानी के नीचे गोताखोरों को तिरंगे को सैल्यूट करते हुए देखा जा सकता है। यह दृश्य देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
  • हजारों शेयर्स और कमेंट्स: एक्स (X), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लोगों ने इस वीडियो को साझा करते हुए “जय हिंद” और “वंदे मातरम” के नारे लगाए। कई बॉलीवुड हस्तियों और राजनेताओं ने भी इस उपलब्धि पर अंडमान की टीम को बधाई दी।

5. इस रिकॉर्ड का महत्व (Significance of the Record)

यह केवल एक रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराने का मामला नहीं है; इसके कई गहरे मायने हैं:

  1. राष्ट्रीय गौरव (National Pride): यह रिकॉर्ड दिखाता है कि भारतीय चाहे जमीन पर हों, आसमान में हों या समुद्र की गहराइयों में, अपने तिरंगे का सम्मान और गौरव हमेशा ऊंचा रखते हैं।
  2. अंडमान पर्यटन को बढ़ावा: राधा नगर बीच पहले से ही बहुत लोकप्रिय है, लेकिन इस ‘Largest Underwater National Flag’ रिकॉर्ड ने इसे दुनिया के नक्शे पर और भी मजबूती से स्थापित कर दिया है। इससे यहां स्कूबा डाइविंग और एडवेंचर टूरिज्म (Adventure Tourism) में और भारी उछाल आने की उम्मीद है।
  3. समुद्री संरक्षण का संदेश (Marine Conservation): इस कार्यक्रम के माध्यम से आयोजकों ने समुद्र की स्वच्छता और ‘कोरल रीफ्स’ (Coral Reefs) को बचाने का भी संदेश दिया, क्योंकि यह झंडा पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) तरीके से प्रदर्शित किया गया था।

अंडमान द्वीप के राधा नगर बीच पर बना यह ‘Largest Underwater National Flag’ का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति, टीम वर्क और असीम देशभक्ति का प्रतीक है। 2026 का यह साल भारतीय एडवेंचर स्पोर्ट्स के इतिहास में हमेशा के लिए सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है।

अगली बार जब आप अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की यात्रा पर जाएं, और राधा नगर के शांत पानी को देखें, तो याद रखें कि इसी गहराई में कभी भारत का सबसे बड़ा तिरंगा शान से लहराया था। जय हिंद!

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